
पश्चिम बंगाल। RG Kar Rape Case: पश्चिम बंगाल की सियालदह अदालत ने आर.जी. कर के दुष्कर्म और हत्या मामले में दोषी संजय रॉय को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पीड़िता के पिता ने अपराधी को अधिकतम सजा देने की मांग की थी।
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जारी रहेगी सीबीआई जांच
18 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान ही जज ने साफ कर दिया था कि इस मामले में अधिकतम सज़ा मौत की सज़ा हो सकती है और न्यूनतम सज़ा उम्रकैद। दुष्कर्म और हत्या मामले में रॉय को सजा सुनाने की प्रक्रिया सोमवार को समाप्त हो गई, लेकिन केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) सबूतों से छेड़छाड़ और बदलाव से जुड़ी जांच जारी रखेगी।
हावड़ा | सियालदह कोर्ट आज आरजी कर बलात्कार-हत्या मामले में सजा सुनाएगी | पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “हमने जांच में सहयोग किया है…हमने न्याय की मांग की थी लेकिन न्यायपालिका को अपना काम करना था इसलिए इसमें इतना समय लगा लेकिन हम हमेशा चाहते थे कि पीड़िता को न्याय… pic.twitter.com/Wye6l8YhlM
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 20, 2025
बेगुनाही साबित नहीं कर सका आरोपी
सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने कहा कि हमने सबूत पेश कर दिए हैं। हमने कानून के मुताबिक काम किया है। उन्होंने आगे कहा, “पीड़िता 36 घंटे से ड्यूटी पर थी, कार्यस्थल पर उसका साथ रेप कर हत्या कर दी गई, वो एक मेधावी छात्रा थी। वहीं पीड़िता के फैमिली वकील ने कहा, ‘सबूतों से उस रात की घटना के बारे में सारी बातें साफ होती है, कई बार हुई बहस के बाद भी आरोपी की बेगुनाही साबित नहीं हुई है।
सेमिनार हाल में मिला था शव
गौरतलब है कि 9 अगस्त 2023 की सुबह आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के कैंपस के सेमिनार हॉल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर का शव मिला था। मामले की शुरुआती जांच कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम ने की थी और संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया था।
162 दिन बाद मिली सजा
हालांकि, अपराध की तारीख के पांच दिन बाद ही सीबीआई ने जांच शुरू कर दी। इसके बाद संजय रॉय को शहर पुलिस ने केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों के हवाले कर दिया। इस मामले में सुनवाई पिछले साल 11 नवंबर को शुरू हुई थी। मुकदमा शुरू होने के 59 दिन बाद फैसला सुनाया गया। अपराध के 162 दिन बाद सजा की प्रक्रिया पूरी की गई।
सीएम बनर्जी का बयान
फैसले से पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि, ‘हमने जांच में सहयोग किया है, हमने अदालत से न्याय की मांग की थी, लेकिन कोर्ट को अपना काम करना था, इसीलिए इसमें इतना समय लगा, लेकिन हम हमेशा चाहते थे कि पीड़ित को न्याय मिले।”
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