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Scammer Baba In Maha Kumbh: अरे…ये बाबा तो…करोड़ों के घोटालेबाज निकले, 5 साल तक रह चुके हैं जेल में…

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Scammer Baba

प्रयागराज। Scammer Baba: उत्तर प्रदेश की संगम नगरी यानी प्रयागराज जिले में इन दिनों महाकुंभ पूरे शबाब पर है। इस धार्मिक आयोजन में देश दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु और संत महात्मा आ रहे हैं और संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। 13 जनवरी से शुरू हुए इस महापर्व में बहुत से ऐसे साधु-संत भी आये हैं, जो अब तक लोगों की नजरों से दूर थे। जैसे कि राजदूत बाबा, कांटे वाले बाबा, लिलिपुट बाबा, रुदाक्ष बाबा, आईआईटी वाले बाबा और बिजनेस बाबा। इसके अलावा महिला साध्वियों की बात की जाए तो माडल से साध्वी बनी हर्ष रिछारिया या फिर मामला कुलकर्णी, जिन्हें हाल ही में किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया था, लेकिन विवाद के बाद उन्हें ये पद छोड़ना पड़ गया।

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करोड़ों की संपति छोड़ कर पहना भगवा वस्त्र 

महाकुंभ में आये इन तमाम बाबाओं को देखकर श्रद्धालु आश्चर्यचकित हैं और उनके बारे में अधिक से अधिक जानने को उत्सुक रहते हैं। इन बाबाओं को लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब खबरें वायरल होती रहती हैं। इसी कड़ी में एक नाम है ‘बिजनेस बाबा’ का। दरअसल, ये बाबा दावा करते हैं कि उन्होंने करोड़ों की संपति छोड़कर अध्यात्मिकता की राह अपनाई है। आइए जानते हैं कौन हैं ये ‘बिजनेस बाबा’, क्या है इनका असली नाम और कितनी सच्चाई है इनके दावे में।

Scammer Baba

बाबा बताते हैं कि तमाम सुख सुविधाओं भरी और ऐश ओ आराम की जिंदगी जीने के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि कितनी भी दौलत हो इंसान को संतुष्टि नहीं दे सकती। बस इसी के बाद उन्होंने भगवा वस्त्र धारण कर लिया और संन्यास की राह पर चले पड़े। बिजेनस बाबा के इस दावे का  वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। हालांकि जब बिजनेस बाबा के अतीत के बारे में पता किया गया, तो एक हैरान कर देने वाली सच्चाई सामने आई।

दरअसल, ये बिजनेसमैन बाबा करोड़ों का घोटाला करने वाला ठग निकला, जो अब खुद को ‘परम गुरु’ बताकर लोगों को आध्यात्मिक उपदेश दे रहा है और उन्हें धर्म के मार्ग पर चले को कह रहा है।

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ये है ‘बिजनेस बाबा’ का अतीत

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिजनेसमैन बाबा के नाम से जाना, जाने वाला ये शख्स कभी राधेश्याम के नाम से जाना जाता था। कहते हैं ये शख्स फ्यूचर मेकर कंपनी का चेयरमैन था और इसी पद पर रहते हुए उसने करोड़ों का घोटाला किया, लेकिन उसका ये ठगी का काम बहुत दिनों तक नहीं चल सका और इसे जेल की हवा भी खानी पड़ी।

जेल में लिखी गीता

कभी लग्जरी कारों में घूमने और आलीशान बंगलों में रहने वाला ये शख्स करोड़ों की संपत्ति का मालिक था, लेकिन एक दिन उसकी कंपनी पर 1200 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगा, जिसके चलते उसे 5 साल जेल में बिताने पड़े, जहां उसने सात सौ पन्नों की गीता लिख डाली और जेल से रिहा होने का बाद सब कुछ छोड़कर आध्यात्मिक जीवन अपना लिया और अपना नाम राधेश्याम से बदला कर ‘बिजनेस बाबा’ रख दिया। इसके बाद उनसे ‘परमधाम’ नाम की एक संस्था की स्थापना की।

करोड़ों लोगों के साथ की ठगी

बिजनेस बाबा

राधेश्याम यानी ‘बिजनेस बाबा’ ने अपनी अतीत की जर्नी बताते हुए कहा, ‘वह युवाओं को रोजगार दे रहा था, कंपनी धीरे-धीरे फेमस हो रही थी, उसके व्यापार में दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की हो रही थी। उनसे तीन हजार करोड़ का साम्राज्य खड़ा कर लिया था। कहा जाता है कि उसकी नेटवर्किंग मार्केटिंग कंपनी से करोड़ों लोग जुड़े थे, जिनके साथ उसने ठगी की। वह लोगों से 7, 200 रूपये जमा करने पर दो साल में 60 हजार रूपये देने का दावा करता था। इस आकर्षक स्कीम के झांसे में आकर एक साल के अंदर ही 1 करोड़ लोग उसकी कंपनी  फ्यूचर मेकर से जुड़ गए।इसके बाद कंपनी लोगों के करोड़ों रूपये लेकर फरार हो गई। इस मामले में जब खूब हो हल्ला मचा तब इसके जांच शुरू हुई और मास्टरमाइंड के तौर पर राधेश्याम व सुरेंद्र सिंह का नाम सामने आया।

पुलिस ने सीज किये 200 करोड़

तेलंगाना पुलिस और हरियाणा एसटीएफ ने मिलकर इस कंपनी का पर्दाफाश किया और 200 करोड़ रुपये सीज किए। साथ ही मास्टर माइंड के तौर कर सामने आये राधेश्याम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। राधेश्याम यानी बिजनेस बाबा कहते हैं कि मेरे ऊपर कलंक लगा तो जेल में रहने के दौरान 500 बार गीता पढ़ी।  इसके बाद मुझे शून्य का बोध हुआ, तब मैंने गीता लिखना शुरू किया, जिसका शीर्षक ‘परम रहस्यम’ है।  ये गीता 700 पेज की है और इसे लिखने में पांच साल का समय लगा। राधेश्याम का दावा है कि घोटाले के आरोप में घिरने के बाद उसके मन में कई बार सुसाइड का भी ख्याल आया था, लेकिन गीता ने उसे डिप्रेशन से बाहर निकाला। अब वह अध्यात्म के रास्ते पर है। उसका बिजनेसमैन वाला स्वरूप आठ साल पहले ही मर गया है।

बाबा का आरोप- ‘गीता का प्रचार ने करने दे रहे लोग’

वह ये कहते हैं कि ‘लोग गालियां देते रहते हैं, क्योंकि जिस तरह भगवान कृष्ण जी थे, उसी तरह हम भी हैं, जितने कृष्ण जी के नाम हैं, उतने ही नाम हमारे भी हैं। उसका आरोप है कि लोग उसे अध्यात्म के रास्ते पर नहीं चलने दे रहे हैं, उसे गीता का प्रचार नहीं करने दिया जा रहा है, उसे रोका जा रहा है, गोली मारने की धमकी दी जा रही है, उसका ये कहना है कि अब उसे किसी चीज से डर नहीं लगता है, क्योंकि अब मैं कोई व्यक्ति नहीं हूं, अब मैं शून्य हूं, कृष्ण हूं।’ अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर उसका कहना है कि ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि हे ईश्वर, तुम्हारी लीला से ही सब कुछ होता है, ऐसे अब तू ही सब कुछ ठीक करे।

 

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