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हिंदू सम्मेलन में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का दिया संदेश
प्रतापगढ़। Hindu Sammelan: समाज में समरसता, सेवा और अनुशासन को बढ़ावा देना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उक्त विचार लक्ष्मणपुर विकासखंड के मिश्रपुर स्थित एक वैवाहिक सभागार में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाह कुण्डा अजय ने व्यक्त किया।
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आपसी एकता से है हिन्दू समाज की पहचान
उन्होंने कहा कि संघ निरंतर समाज को जोड़ने, सकारात्मक सोच विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि आचार्य पं. काली प्रसाद मिश्र ने कहा कि हिंदू समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, मजबूत संस्कार और आपसी एकता से है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा ने सदैव मानव कल्याण, सेवा और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाया है। आज के समय में युवाओं को अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़कर समाज और राष्ट्र के हित में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है हिन्दू समाज
विशिष्ट अतिथि सुरेश कुमार मिश्र ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की मजबूती केवल सैन्य शक्ति से नहीं, बल्कि समाज की एकजुटता, अनुशासन और नैतिक बल से होती है। उन्होंने कहा कि संगठित और जागरूक हिंदू समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है।
कार्यक्रम में डॉ. यशोदा वर्मा, प्रदीप शुक्ल राष्ट्रीय अध्यक्ष, परशुराम सेना, समाजसेवी संजय शुक्ल, विवेक कुशवाहा, मनीष दुबे और शिवमूर्ति तिवारी ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में चेतना जगाने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सहायक होते हैं।
वक्ताओं ने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और समाज को संगठित करने का आह्वान किया। सम्मेलन की अध्यक्षता समाजसेवी राम सुमेर सरोज ने की। कार्यक्रम का संयोजन दिलीप तिवारी एवं संचालन पदमपाणी पांडेय ने किया। इस अवसर पर अनिल तिवारी, प्रशांत सिंह (प्रमुख प्रतिनिधि), रवि सिंह, दयाशंकर तिवारी, नागेन्द्र भूषण शुक्ल, अजय द्विवेदी, सर्वेश मिश्र, साहब शुक्ल, सुरेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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