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दिव्यांगता अभिशाप नहीं, बल्कि कुछ कर गुजरने की कुंजी हैं – प्रीति शुक्ला
प्रतापगढ़। Pratapgarh News: अष्टावक्र से लेकर सूरदास जगतगुरु रामभद्राचार्य से लेकर सुधा चंद्रा ने अपनी विद्वता साबित किया है, जिस पर आज भी रिसर्च चल रहा है। आज भी भारत में तमाम ऐसे दिव्यांग साथी हैं जो समाज में अपना अहम स्थान रखते हैं।
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घबराएं नहीं, बस मेहनत करें

उक्त विचार गाजियाबाद के आयकर उपायुक्त जय प्रकाश शुक्ल ने मंगलवार को प्रयास राजकीय अक्षम विद्यालय बढ़नी मोहनगंज में आयोजित एक कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि, बच्चों को घबराने की जरूरत नहीं है लगन, मेहनत और कठिन परिश्रम के दम पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
शारीरिक अक्षमता कभी बाधा नहीं बनती
कार्यक्रम में मौजूद कानपुर की जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रीति शुक्ला ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को दया नहीं सम्मान और समानता की जरूरत है, जिसके दम पर वह आगे बढ़ सकें, जिससे इन पर दिव्यांगों को ही नहीं समाज के सभी लोगों को गर्व हो। उन्होंने कहा कि “यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो शारीरिक अक्षमता कभी भी मार्ग में बाधा नहीं बन सकती।
उपहार दिए
इस मौके पर दिव्यांग बच्चों को खेलकूद के विभिन्न सामग्री उपहार स्वरूप भेंट किया गया। कार्यक्रम में श्रीनारायण यादव विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेश चौधरी व समाजसेवी रोशन लाल उमरवैश्य ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
इस मौके पर प्रमुख रूप से अनिरूद्ध नारायण तिवारी,अमिता कुशवाहा, दिनेश मौर्य, शंकर लाल, रमेश, कमर हुसैन, नितिन पाल,आदित्य कुमार, राज, प्रिन्स पाल, करन, रामू,अग्रज आदि उपस्थित है।
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