
लालगंज, प्रतापगढ़। UP Budget 2026: राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता एवं क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना ने प्रदेश सरकार द्वारा पेश बजट को निराशाजनक बताते हुए इसे जनता के साथ छलावा करार दिया है। दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि बजट में किसानों, युवाओं और बेरोजगारों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया।
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नेताद्वय ने आरोप लगाया कि अनुदेशकों के बढ़े मानदेय व एरियर के लिए उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद बजट में कोई व्यवस्था नहीं की गई। किसानों की बढ़ती लागत, महंगाई और हर वर्ष होने वाली यूरिया किल्लत पर भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि लगभग नौ लाख बारह हजार करोड़ के बजट में नई योजनाओं के लिए मात्र 43 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया, जो बेहद कम है।
प्रमोद तिवारी और मोना ने पूर्वांचल व बुंदेलखंड के पिछड़े जिलों के लिए विशेष पैकेज न होने पर भी नाराजगी जताई। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार सृजन और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बजट को मौन बताया। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के न्यूनतम मानदेय की घोषणा के बावजूद बजट में कोई आवंटन नहीं किया गया। वित्तीय घाटे को लेकर भी नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
उनका आरोप है कि सरकार घाटा पूरा करने के लिए जनता पर बोझ डाल सकती है। अंत में उन्होंने कहा कि यह सरकार का “विदाई बजट” साबित होगा और प्रदेश की जनता 2027 में इसका जवाब देगी।यह संयुक्त बयान मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से जारी किया गया।
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