
मध्य प्रदेश। 2 Brothers Fight Over Father Funeral: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में एक हैरान कर देने वाला विवाद सामने आया है। यहां पिता का अंतिम संस्कार करने के लिए दो सगे भाई आपस में ही भिड़ गये। दोनों भाइयों के बीच ये विवाद घंटों तक चलता रहा। आलम ये एक रहा कि एक भाई इस बात पर अड़ गया कि पिता के शव के दो टुकड़े कर दिए जाएं, ताकि एक का अंतिम संस्कार वह कर सके और दूसरे का दूसरा भाई। आखिरकार इस पूरे विवाद में पुलिस को दखल देना पड़ा तब जाकर पिता का अंतिम संस्कार किया गया।
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85 साल के थी पिता
ये पूरा मामला जतारा थाना क्षेत्र के लिधौरा ताल गांव का है। यहां लिधौरा ताल में रहने वाले 85 साल के ध्यानी सिंह घोष का बीते दिन सुबह निधन हो गया। उनके निधन के बाद उनके बेटे दामोदर, जो कि उनके साथ ही रहते थे, ने पिता के अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर लीं। ध्यानी सिंह घोष के निधन की खबर मिलने के बाद गांव के लोग और रिश्तेदार भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मौके पर पहुंचे थे।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में दो सगे भाइयों में पिता के अंतिम संस्कार को लेकर घंटों तक लड़ाई चलती रही। वहीं छोटे भाई ने कहा कि पिता के शव के दो टुकड़े कर दिए जाएं। pic.twitter.com/9gV2j8mUQF
— Pooja Mishra (@PoojaMishr73204) February 3, 2025
अंतिम संस्कार को लेकर हुआ विवाद
अभी अंतिम संस्कार की तैयारी चल ही रही थी कि तभी दामोदर का भाई किशन सिंह घोष भी अपने बेटे और परिवार के साथ वहां पहुंच गया। किशन सिंह ने आते ही कहा कि पिता का अंतिम संस्कार सिर्फ वही करेगा। यहां तक कि उसने इसके लिए जिद पकड़ ली। वहीं दामोदर का कहना था कि पिता जी उसके साथ रहते थे, उसने ही पिता की सेवा की है तो उनका अंतिम संस्कार भी वहीं करेगा। इसके बाद दोनों भाइयों के बीच पिता के अंतिम संस्कार को लेकर लड़ाई शुरू हो गई।
जिद पर अड़े दोनों भाई
दामोदर ने छोटे भाई का विरोध करते हुए कहा कि पिता जी उसके साथ रहते थे और उसी के घर पर उन्होंने अंतिम सांस ली है तो वह ही उनका अंतिम संस्कार करेगा। इसी बात को लेकर दोनों बेटों के बीच घंटों तक विवाद होता रहा। इस बीच पिता के शव को घर के बाहर रख दिया गया। इधर गांव के लोगों और रिश्तेदारों ने दोनों भाइयों को काफी समझाया-बुझाया और साथ मिलकर पिता का अंतिम संस्कार करने की सलाह दी, लेकिन दोनों नहीं मान रहे थे।
पुलिस को देना पड़ा दखल
वहीं बड़ा भाई किशन की इस बात से बिल्कुल राजी नहीं था, वह अकेले ही उनका अंतिम संस्कार करे। उसने तो ये तक कह दिया कि पिता के शरीर के दो टुकड़े कर दिए जाएं जिससे दोनों भाई पिता का अलग-अलग संस्कार कर सकें। मामला हद से ज्यादा बढ़ता देख किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मामले की नजाकत को समझते हुए पुलिस बिना देर किये मौके पर पहुंची और दोनों भाइयों को समझाया, तब जाकर पूरे विधि-विधान से पिता का अंतिम संस्कार किया गया।
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