
महाराष्ट्र। Nagpur Violence: औरंगजेब को लेकर सपा विधायक अबू आजमी द्वारा दिए गये बयान से शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। अब उसकी कब्र को लेकर महाराष्ट्र में हिंसा भड़क गई है। दरअसल, मध्य नागपुर में एक समुदाय की पवित्र पुस्तक जलाने की अफवाह उड़ने के बाद भीड़ आक्रोशित हो गई और पुलिस पर पथराव कर दिया है, चार गाड़ियों में आग लगा दी। इसके साथ ही दो दर्जन से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की। दो पोकलेन मशीनों को भी आग के हवाले कर दिया गया। दंगाइयों ने स्थानीय लोगों के घरों पर पथराव किया। जवाब में दूसरे समूह के लोगों ने भी पत्थरबाजी की। नागपुर में फैले उपद्रव के बाद प्रशासन ने कई इलाकों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया है।
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कई लोग घायल

पुलिस के अनुसार, नागपुर के माहौल में तनावपूर्ण शान्ति है। धारा 163 के तहत प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया है। यहां कोतवाली, गणेशपेठ, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, तहसील, नंदनवन, इमामवाड़ा, सक्करदरा, यशोधरानगर और कपिलनगर में कर्फ्यू लगाया गया है। नागपुर प्रशासन की तरफ से जारी किये गये आदेश में कहा गया है कि कर्फ्यू के दौरान किसी भी व्यक्ति के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी है, सिवाय चिकित्सा वजहों को छोड़कर। स्थानीय लोगों का कहना है कि, इलाके में सुबह से ही तनाव था और शाम तक पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस दौरान उपद्रवियों ने बड़े-बड़े पत्थर फेंके, जिससे कई लोग घायल हो गये।
Nagpur (Maharashtra) violence | Curfew has been imposed in the Police station limits of Kotwali, Ganeshpeth, Lakadganj, Pachpaoali, Shantinagar, Sakkardara, Nandanvan, Imamwada, Yashodhara Nagar and Kapil Nagar in Nagpur city. This curfew will remain in force until further… pic.twitter.com/N3CqzKcMv1
— ANI (@ANI) March 17, 2025
डीसीपी को भी लगी चोट

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हिंसा में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गये हैं। उपद्रवियों ने कुल्हाड़ी भी चलाई, जिसमें डीसीपी निकेतन कदम भी जख्मी हो गये हैं। पुलिस ने दंगाइयों को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। हालात को कंट्रोल करने के लिए दंगा प्रभावित क्षेत्रों में क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी), दंगा नियंत्रण पुलिस व एसआरपीएफ की टीमों की तैनाती की गई है। दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। नागपुर पुलिस के डीसीपी (ट्रैफिक) अर्चित चांडक का कहना है कि, कुछ गलतफहमी की वजह से हिंसा भड़क गई। फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में है, पत्थरबाजी को रोकने के लिए बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले दागे। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। मेरे पैर में भी चोट आई है।’
हिन्दुओं के घरों और दुकानों को बनाया निशाना

उन्होंने बताया कि, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। गणेशपेठ थाने में पवित्र पुस्तक जलाने का दावा करते हुए शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शांति बहाली के लिए धार्मिक नेताओं से बात की जाएगी। घटना को लेकर नागपुर सेंट्रल के बीजेपी विधायक प्रवीण दटके ने बताया कि ‘मैं आज सुबह-सुबह यहां पहुंचा हूं। इस घटना के लिए उपद्रवियों ने पहले से तैयारी कर रखी थी। सोमवार की सुबह आंदोलन के बाद गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में घटना हुई, फिर सब कुछ सामान्य हो गया, लेकिन शाम के समय भीड़ ने हिंदुओं के घरों और दुकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। भीड़ ने सबसे पहले सभी कैमरे तोड़े, फिर हिंसा की। इस दौरान वे सब हथियारों से भी लैस थे।
हिन्दुओं के साथ नहीं खड़ी हुई पुलिस

बीजेपी नेता ने बताया कि, ‘मैंने सीपी (पुलिस आयुक्त) से बात की है, यह एक संवेदनशील क्षेत्र है। हमने पीआई संजय सिंह से बात करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन लगातार बंद आ रहा था। उन्होंने बताया कि, जब पुलिस यहां पहुंची थी, तब तक सब कुछ हो चुका था। मैं इस मामले में सीएम देवेन्द्र फडणवीस से भी बात करूंगा। अपराधियों की तस्वीरें डीवीआर में कैद हैं। हम इसे पुलिस को देंगे। उन्होंने अफ़सोस जताया कि, हिंसा के वक्त पुलिस हिंदू नागरिकों के साथ खड़ी नहीं हुई। संजय सिंह जैसे पीआई जनता की बात नहीं सुनते हैं। अगर पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया होता तो इस तरह से हिंसा न भड़की होती।
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