
तेल अवीव। Israel’s New Doctrine: इजराइल के खिलाफ उठने वाले हर हाथ को काटने की कसम खा चुके इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, हमास का समूल नाश करने के बाद अब हिजबुल्लाह को खत्म करने में जुट गये हैं। इसके लिए उन्होंने नया डॉक्ट्रिन बनाया है, जिसका मकसद हिजबुल्लाह को जड़ से उखाड़ फेंकना है। इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने की तरफ इजराइल के कदम बढ़ चुके हैं। हालांकि, इसे पूरा करने में इजराइल को काफी समय धन व्यय करना होगा।
हमास हमले से खड़े हुए थे सवाल

इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि, लेबनान में कुछ छोटे-छोटे आतंकी समूह उभरे हैं, जिनमें से किसी एक संगठन ने हाल ही में मेतुल्ला पर छह रॉकेट दागे। इनमें से तीन रॉकेट लेबनान में गिरे और तीन को इजराइली आयरन डोम में मार गिराया। इस घटना को लेकर यरुशलम पोस्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि, ये रॉकेट हिजबुल्लाह ने नहीं बल्कि एक फिलीस्तीनी आतंकी संगठन ने दागे थे, लेकिन मीडिया रिपोर्ट में इजरायल के दावे पर सवाल खड़े किए गये हैं।
7 अक्टूबर 2023 को घटी थी विनाशक घटना

यरुशलम पोस्ट की एक एनालिसिस रिपोर्ट में लिखा गया कि, 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास हमले से पहले भी इजरायल इस तरह के हमलों में हिज्बुल्लाह का हाथ होने से इनकार करता रहता था, लेकिन उसका अंजाम कितना विनाशक निकला, वह हर किसी ने देखा। रिपोर्ट में कहा गया है कि, अगर इजरायल पहले चेत गया होता और हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की होती, तो 7 अक्टूबर को इस तरह की दर्दनाक घटना नहीं घटी होती।
दुश्मनों का समूल नाश करना मकसद
हालांकि, हमास हमले का बदला लेने उतरा इजराइल अब एक-एक करके अपने दुश्मनों का समूल नाश करने में जुट गया है। हमास को खत्म करने और गाजा पट्टी को खंडहर बनाने के बाद अब वह हिजबुल्लाह की तरफ रुख कर चुका है। सात अक्टूबर के बाद गाजा पट्टी में हमला करने के साथ ही उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ आमने-सामने की लड़ाई शुरू कर दी थी। उसका स्पष्ट संदेश था कि ‘अगर तुम इजरायल पर एक मामूली सा रॉकेट भी दागोगे, तो तुम्हें उसका बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।’
युद्धविराम के बाद भी हिजबुल्लाह को कुचल रहा IDF

एनालिसिस रिपोर्ट के मुताबिक़, हिज्बुल्लाह को कुचलने की इजराइली रणनीति का ये एक छोटा हिस्सा है। इजराइल का असली मकसद हिज्बुल्लाह को पूरी तरह से खत्म कर देना है। इजरायली हमलों में अभी तक हिज्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह के साथ ही 3,851 लड़ाके मारे जा चुके हैं जबकि 9000 से अधिक लड़ाके गंभीर रूप से घायल हैं। 27 नवंबर को घोषित किये गये युद्धविराम के बाद भी इजराइल ने हिजबुल्लाह के 100 से अधिक लड़ाकों को ढेर कर दिया है। साथ ही इजरायल डिफेंस फोर्स ने हिज्बुल्लाह की 120 से ज्यादा संपत्तियों पर हमला कर उसे तहस नहस कर दिया है।
हथियारों की तस्करी रोक रही IDF

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि, इजराइली हमलों में दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के निचले रैंक के लड़ाके बड़ी संख्या में मारे गये। इसके अलावा इजरायली सेना ने सीरिया से लेबनान में आने वाले हथियारों की तस्करी करने का प्रयास करने वाले ईरान प्रायोजित काफिलों पर भी हमला किया है। नतीजतन कई बार ऐसा भी हुआ है कि, हथियारों को लेकर आ रहे ईरानी विमानों को वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा, हथियार लेकर आने वाले ईरानी नौसेना के जहाजों को भी कई बार वापस लौटना पड़ा है। इजरायल का मकसद साफ है कि, वह ये सुनिश्चित करना चाहता है कि हिज्बुल्लाह के पास किसी भी कीमत पर हथियार न पहुंचे।
लेबनान में मौजूद हैं इजराइली सैनिक

युद्धविराम समझौते में मुताबिक, 26 जनवरी तक इजरायली सेना को लेबनान छोड़ देना था, लेकिन इजरायली सैनिक 18 फरवरी तक लेबनान में ही डटे रहे और अभी भी लेबनान की सीमा से 100 मीटर के क्षेत्र में इजरायली सैनिक मौजूद हैं। IDF का कहना है कि इजरायली सैनिक आगे कई महीनों तक लेबनान की सीमा में मौजूद रहेंगे। मतलब साफ है कि, युद्धविराम के बाद भी इजरायल, चारों तरफ से हिजबुल्लाह को कुचल रहा है। हिजबुल्लाह का कोई भी नेता अगर सावर्जनिक तौर नजर आता है, तो उसका मारा जाना तय हैं।
बेरुत में तबाही मचाने की धमकी

इजरायल ने हिज्बुल्लाह के सामने से साफ़ कर दिया है कि उसके एक रॉकेट हमले जवाब सैकड़ों रॉकेट हमले से दिया जायेगा। इजरायल की नई डॉक्ट्रिन ये है कि, “हम आपको चुनौती देते हैं कि अगर आप हम पर एक भी रॉकेट हमला करते हैं, तो हम बेरूत में फिर से तबाही मचा देंगे और नसरल्लाह के दूसरे उत्तराधिकारी को भी तुम्हारे अल्लाह के पास पहुंच देंगे, लेकिन हिज्बुल्लाह अब इजराइल के किसी भी हमले का जवाब नहीं दे रहा है क्योंकि वह समझ चुका है कि अगर उसने जवाब दिया तो इजरायल उसका क्या हश्र करेगा।
हिजबुल्लाह पर कर रहा लगातार हमले
इजरायल की पुरानी नीति में था कि हिज्बुल्लाह को रोककर रखना और जब वह हमला करे तभी जवाब देना है। इसके बाद शांत हो जाना है, लेकिन अब इजराइल का मकसद हिज्बुल्लाह पर लगातार हमला करना है और उसे याद दिलाते रहना है कि, अब इजरायल उसे बख्शने के मूड में नहीं है। वह किसी के भी उकसावे में न आये, नहीं तो उसके उसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।







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