
नई दिल्ली। Attack On Pakistan: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में किये गये आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की हालत खस्ता हो चुकी है। उसे दिन रात भारत की जवाबी कार्रवाई का डर सता रहा है। वह दुनिया के तमाम देशों से सुरक्षा की गुहार लगा रहा है। दुनिया के ताकतवर देशों के आगे घुटने टेक रहा है और भारत से खुद को बचाने की अपील कर रहा है। हालांकि, इस बार चीन को छोड़कर कोई भी देश पाकिस्तान का समर्थन करने को तैयार नहीं है। वैसे तो, पाकिस्तान हर दिन कोई न कोई गीदड़ भभकी देता है और भारत को मुंह तोड़ जवाब देने की बात करता है, लेकिन सच तो उसे भी पता है कि, अगर भारत ने हमला किया तो उसे मुंह की खानी पड़ेगी।
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मुस्लिम देश भी नहीं दे रहे पाक को तवज्जो

वहीं, अमेरिका और रूस समेत दुनिया के अधिकतर देशों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की है और भारत का साथ देने की बात कही। गुरुवार 1 मई को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद अमेरिका ने खुला ऐलान कर दिया कि, वह भारत के रक्षा के अधिकार का समर्थन करता है और उसके साथ खड़ा है। उधर, पाकिस्तान को मुस्लिम देशों से भी कोई खास समर्थन नहीं मिल रहा है।
मदद की गुहार लगा रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के विदेश मंत्री और कई अन्य मंत्री मुस्लिम देशों से भारत को रोकने और पाकिस्तान की मदद करने की लगातार गुजारिश कर रहे हैं, चीन को छोड़कर अभी तक किसी बड़े देश में पाकिस्तान को समर्थन देने की बात नहीं की है। वहीं, जिस तरह से अमेरिका ने भारत को समर्थन देने के ऐलान किया है, उससे साफ लग रहा है कि, भारत कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि, अमेरिका ने साफ़ किया है कि वह आतंकवाद के खात्मे में भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगा।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने दिया बड़ा संकेत

पहली बार अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस बारे में कुछ संकेत दिए हैं कि, भारत क्या करेगा। वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री और विदेश मंत्रालय ने युद्ध की घड़ी में भारत के साथ खड़े होने का ऐलान किया है। अमेरिका ने ऐलान करके चीन के दम पर उछल रहे पाकिस्तान के पंख काट दिए। इधर, गुरुवार दो मई को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने चीनी राजदूत से मुलाकात की और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर चर्चा की। साथ ही भारत की तरफ से मिलने वाली जवाबी कार्रवाई की भी चर्चा की और मदद की मांग की।
चीन और तुर्की की भी बेचैनी बढ़ी

गौरतलब है कि, पहलगाम हमले के बाद पीएम मोदी ने साफ़ कर दिया था कि, देश के दुश्मनों को उनकी कल्पना से भी बदतर सजा दी जाएगी। वहीं, गृहमंत्री अमित शाह भी बोल चुके हैं कि, एक-एक को चुन-चुन कर मारेंगे, इंच-इंच की जमीन से आतंकवाद खत्म करेंगे। इस ऐलान के बाद से साफ हो गया कि, भारत कुछ बड़ा करने वाला है। पीएम और गृहमंत्री के बयान और अमेरिका से मिल रहे समर्थन के बाद अब पाकिस्तान के साथ-साथ उसका सपोर्ट करने वाले चीन और तुर्की की भी बेचैनी बढ़ गई है।
पाकिस्तान के खिलाफ क्या कदम उठा सकता है भारत, ये इस बिंदु से समझें
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जम्मू कश्मीर में हुए पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की।
- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तानी की सरजमीं पर पनप रहे आतंकवाद के खात्मे की बात की।
- अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की और ऐलान किया कि, भारत को आत्मरक्षा का अधिकार है।
- अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने साफ़ शब्दों ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका का पूरा सपोर्ट है।
अमेरिका के नेताओं के इन बयानों ने साफ कर दिया है कि, भारत अपने दुश्मनों का खात्मा करेगा और इस मिशन में अमेरिका उसका हर तरह से साथ देगा। इधर, अमेरिकी नेताओं के इन बयानों से चीन-पाकिस्तान को झटका लगा है। साथ ही अमेरिका के इन बयानों की टाइमिंग पर भी गौर करना जरूरी है।
- चीन ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की लेकिन पाकिस्तान को अपना दोस्त बताया।
- पाकिस्तान के शीर्ष नेता लगातार भारत को परमाणु युद्ध की धमकी दे रहे हैं।
अमेरिका ने किया समर्थन का ऐलान
आपको बता दें कि, पाकिस्तान को चीन से काफी उम्मीद थी, लेकिन अमेरिका जिस तरह से भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े होने की बात कर रहा है, उससे पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अमेरिका ने पाकिस्तान को बता दिया कि दहशतगर्दों के खिलाफ भारत कड़ा एक्शन लेगा और अगर कोई रास्ते में आया, तो वह भारत का समर्थन करेगा।
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भारत ने तैयार की हिट लिस्ट
अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दहशतगर्दों को कल्पना से भी परे सजा देने की बात की है और अब अमेरिका भी यही कह रहा है, तो इससे यह संकेत मिलता है कि पहलगाम आतंकी हमले की साजिश रचने वालों की शामत आने वाली है। संभावना जताई जा रही है कि, पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को भारत नेस्तनाबूद कर सकता है। भारत, पाकिस्तान और पीओके में सक्रिय आतंकी ठिकानों पर मिसाइल बरसा सकता है। भारत पाकिस्तान के बहावलपुर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय, मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय और पीओके में आतंकी कैंप और लॉन्चिंग पैड पर मिसाइल हमला कर सकता है। इसके लिए ब्रह्मोस और पृथ्वी मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
खाली हो चुके हैं आतंकी कैंप

पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान की सरपरस्ती में पल रहे देश के दुश्मन डरे हुए हैं। हालांकि, वे गीदड़ भभकी दे रहे हैं, लेकिन आतंक के आकाओं के ठिकाने बार-बार बदले जा रहे हैं। पीओके में मदरसों की आड़ में चल रहे आतंकी कैंप खाली कराए जा चुके हैं। पाकिस्तान के लाहौर से बहावलपुर और मुरीदके से कराची तक दहशत फैली हुई है। उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि, भारत बड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा।
हाफिज सईद का जोहर टाउन स्थित घर इस खौफ का उदाहरण है, जहां वह अब सुरक्षा घेरे में छिपा हुआ है। पहलगाम हमले के बाद से वह भूमिगत है।
भारत की हिट लिस्ट में शामिल आतंक के आका
- हाफिज सईद
- मसूद अजहर
- जकीउर रहमान लखवी
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान के बाद अब पाकिस्तान भी समझ चुका है कि, आतंक के आकाओं की मौत का फरमान जारी हो चुका है।
देश की दुश्मन बनी पाक जनरल की सोच

बता दें कि, पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल मुनीर की सोच अब उनके ही देश की दुश्मन बन गई है। मुनीर अक्सर ही भारत को धमकी देता रहता था, लेकिन अब पाकिस्तान के अंदर ही उसके खिलाफ माहौल बनता जा रहा है, क्योंकि वहां की जनता और नेता दोनों समझ चुके हैं कि, अगर भारत ने इस बार हमला किया, तो पाकिस्तान दोबारा कभी उठ नहीं पाएगा। जनरल मुनीर की सोच पाकिस्तान को तबाह कर सकती है। उन्होंने आईएसआई प्रमुख को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार इसलिए बनाया ताकि सरकार पर उनका पूरा नियंत्रण रहे, लेकिन अब पाकिस्तानी नेताओं ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी है।
पाकिस्तानी जनता और सेना के बीच मतभेद उभरकर सामने आ गये हैं। नेता खुलकर कह रहे हैं कि, युद्ध सेना नहीं जीतती, युद्ध देश जीतता है। मौलाना फजलुर रहमान, बिलावल भुट्टो जैसे नेता पाकिस्तानी सेना से अलग राय रख रहे हैं।
पहले से काफी मजबूत है भारत की सेना

इधर, भारत के पास दुनिया के सबसे बेहतरीन हथियार हैं। अब भारतीय सेना पहले से कहीं अधिक ताकतवर है। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पहले ही कह चुके हैं कि, इस बार आतंकवाद पर ऐसा प्रहार होगा, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होगी। भारत दहशतगर्दों को चुन-चुनकर मरेगा। देश के दुश्मन पाताल में भी छिपे होंगे, तो भारत उन्हें ढूढ़ लेगा और मौत से भी बदतर सजा देगा।
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