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Operation Sindoor: पाकिस्तान में 100 KM तक घुसा भारत, आतंकियों को मिलाया मिट्टी में

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Operation Sindoor:

 इस्लामाबाद। Operation Sindoor:  पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारत ने आज पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कम से कम नौ जगहों पर आतंकवादी ठिकानों पर जोरदार हमला किया। यह हमला उस हमले के दो हफ्ते बाद हुआ है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया है। इस ऑपरेशन में उन आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां से भारत के खिलाफ हमलों की योजना बनाई जाती थी। मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई केंद्रित, नपी-तुली और सीमित थी, और किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को नहीं छुआ गया। भारत ने लक्ष्यों के चयन में काफी संयम दिखाया।

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इन आतंकी ठिकानों पर बरसी मिसाइल

Operation Sindoor:

रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पीओके के बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, भींबर, चक अमरू, बाघ, कोटली, सियालकोट और मुजफ्फराबाद में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया। ये सभी जगहें आतंकी संगठनों के सक्रिय केंद्र हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। खासतौर पर बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 100 किलोमीटर दूर है। यह जगह जैश-ए-मोहम्मद का ऑपरेशन सेंटर माना जाता है और 2019 के पुलवामा हमले के बाद से भारतीय एजेंसियों की निगरानी में थी। बहावलपुर की सुभान अल्लाह मस्जिद, जहां 14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले की योजना बनाई गई थी, इस हमले में तहस-नहस कर दी गई। यह मस्जिद जैश-ए-मोहम्मद के कैदरों के प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र था।

लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर भी तबाह

Operation Sindoor:

भारत ने एक और बड़ा हमला मुरीदके में किया है, जो सांबा के सामने भारत-पाकिस्तान सीमा से 30 किलोमीटर दूर है। यह जगह लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वार्टर है। इस जगह का सीधा संबंध 26/11 मुंबई हमलों से है। भारतीय सेना ने पीओके के अंदर भी हमला किया है। तंगधार सेक्टर में मिसाइलों ने सवाई कैंप को निशाना बनाया गया है। ये जगह भी लश्कर का एक सेंटर है, जो सोनमर्ग (20 अक्टूबर, 2024), गुलमर्ग (24 अक्टूबर, 2024) और हाल ही में पहलगाम में हुए हमले सहित कई हाई-प्रोफाइल हमलों से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा पुंछ-राजौरी बेल्ट में नियंत्रण रेखा से 35 किलोमीटर दूर गुलपुर को भी निशाना बनाया गया है। खुफिया इनपुट से पता चलता है कि अप्रैल 2023 में पुंछ में भारतीय सैनिकों पर घात लगाकर किए गए हमले और जून 2024 में हिंदू तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हुए हमले में इसकी भूमिका थी।

बहावलपुर: ये अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किमी दूर है और JeM का मुख्यालय है, जिसे मसूद अजहर ने स्थापित किया था। पठानकोट और पुलवामा हमलों की साजिश यहीं से रची गई।

मुरीदके: ये सीमा से 30 किमी दूर, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जमात-उद-दावा (JuD) का प्रमुख केंद्र है, जहां से 26/11 मुंबई हमले की योजना बनाई गई।

गुलपुर: एलओसी से 35 किमी दूर है। ये पुंछ-राजौरी हमलों की साजिश का केंद्र रहा।

सवाई: पाक अधिकृत कश्मीर में 30 किमी दूर स्थिति है। सोनमर्ग, गुलमर्ग और हाल ही में पहलगाम हमलों से जुड़ा है। यह ISI के अधीन सक्रिय घुसपैठ केंद्र है।

बिलाल कैंप: ये जैश ए मोहम्मद (JeM) का लॉन्चपैड है, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है।

कोटली कैंप: एलओसी से 15 किमी दूर है और ISI समर्थित संगठन का मुख्य ठिकाना है।  घुसपैठ का प्रमुख मार्ग भी यहीं से जाता है।

बरनाला कैंप: एलओसी से 10 किमी दूरी पर है। जमात-उद-दावा का केंद्र है, जहां से LeT को फंडिंग, ट्रेनिंग और विचारधारा मिलती है।

सरजल कैंप: अंतरराष्ट्रीय सीमा से 8 किमी दूर स्थित ये जेईएम का शिविर है, जो घुसपैठ की ट्रेनिंग देता है।

मेहमूना कैंप: अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किमी दूर, हिजबुल मुजाहिदीन का ट्रेनिंग सेंटर है, जो कश्मीर में स्थानीय भर्ती करता है।

Operation Sindoor:

भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के तहत नौ लक्ष्यों पर सफल हमले किए गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऑपरेशन की निगरानी कर रहे थे। इस हमले में कम से कम 90 आतंकियों के मारे जाने की खबर है।

 

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