
नई दिल्ली। India-Pakistan War: भारत और पाकिस्तान के बीच भीषण लड़ाई शुरू हो चुकी है। दुनिया के तमाम देश भी इस तनातनी पर नजर बनाये हुए हैं। साथ ही इस बात पर भी चिंता जाहिर कर रहे हैं कि, दोनों ही देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं। ऐसे में कहीं ऐसा न हो कि ये युद्ध परमाणु युद्ध में तब्दील हो जाये। पाकिस्तान ने बीती रात को भी भारत के कई शहरों पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन एयर डिफेन्स सिस्टम ने उन्हें नाकाम कर दिया। इस लड़ाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि चीन से मिले JF-16 विमान और F-16 को भारत ने मार गिराया हैं। वहीं, अब भारतीय सेना पाकिस्तान में घुस कर बंपर बमबारी कर रही है।
इसे भी पढ़ें- India-Pakistan War: जैसे 1971 में गंवाया था पूर्वी पाकिस्तान, क्या इस बार बलूचिस्तान या POK गंवा बैठेगा पड़ोसी मुल्क
युद्ध से चिंतित हुई कई देश

दोनों देशों के इस तरह से आमने-सामने आ जाने से दुनिया के तमाम देश इस बात को लेकर चिंतित हो उठे हैं कि, रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास की तरह कहीं ये युद्ध भी लंबे समय तक न चले। ऐसे में अब तमाम ताकतवर मुल्क आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति अपना समर्थन जताने लगे हैं। साथ ही ये भी कह रहे हैं कि, दोनों देशों को कूटनीति का रास्ता अपनाना चाहिए और तनाव को खत्म करना चाहिये, लेकिन इस बीच तुर्की ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जो सबका ध्यान खींच रहा है। दरअसल, तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन करने का खुला ऐलान कर दिया है।
जब गुरुवार को पाकिस्तान भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमला करने की कोशिश कर रहा था, तब तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ‘पाकिस्तानी भाइयों’ की सलामती की दुआ मांग रहे थे। तुर्की के राष्ट्रपति ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ में मारे गये आतंकियों के लिए पाकिस्तान के साथ अपनी संवेदना जता रहे हैं और उन्हें खुलेआम श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
तुर्की

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने लिखा है, ‘हम इस बात से चिंतित हैं कि, मिसाइल हमलों की वजह से भारत-पाकिस्तान तनाव व्यापक संघर्ष में बदल सकता है, जिससे बड़ी संख्या में जनहानि हो सकती है, मैं हमलों में अपनी जान गंवाने वाले हमारे भाइयों के लिए अल्लाह से रहम की प्रार्थना करता हूं और मैं एक बार फिर पाकिस्तान के भाई जैसे लोगों और पाकिस्तान के प्रति अपनी संवेदना जताता हूं।
तुर्की के राष्ट्रपति ने ये भी कहा कि, इस तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उनकी फोन पर बातचीत हुई है। एदोर्गन में अपनी पोस्ट में आगे लिखा-‘हम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले के संबंध में अंतरराष्ट्रीय जांच कराने के पाकिस्तान के प्रस्ताव को उचित मानते हैं। कुछ लोग आग में घी डालने का काम कर रहे हैं, लेकिन तुर्की तनाव कम करने और बातचीत के रास्ते खोलने का समर्थक है। उन्होंने आगे लिखा- इससे पहले कि चीजें हाथ से निकल जाएं, हम दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू कराने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं।
नेपाल

22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में जिन 26 लोग की हत्या की गई, उनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। ऐसे में नेपाल भी पाक समर्थित आतंकवाद से चोटिल हुआ है। अब नेपाल ने साफ़ कर दिया है कि, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह भारत के साथ खड़ा है और किसी भी हाल में विरोधी ताकत को अपनी जमीन इस्तेमाल नहीं करने देगा। नेपाल के विदेश मंत्रालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि, ‘नेपाल सरकार पहलगाम में हुए आतंकी हमले में एक नेपाली नागरिक समेत निर्दोष पर्यटकों की हत्या के बाद से उपजे भारत-पाकिस्तान तनाव से चिंतित है, लेकिन इस हमले के बाद नेपाल और भारत एकजुटता के साथ खड़े रहे और अपनी पीड़ा साझा करते रहे।
इसे भी पढ़ें- India-Pakistan War: दिल्ली में अलर्ट, लाल किला और कुतुबमीनार समेत कई जगहों पर बढ़ाई गई सुरक्षा
बयान में आगे कहा गया है कि, नेपाल स्पष्ट रूप से इस बर्बर आतंकवादी हमले की निंदा करता है और हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ नेपाल दृढ रूप से खड़ा है। ‘नेपाल की तरफ से जारी बयान में आगे कहा गया है कि, ‘नेपाल किसी भी विरोधी ताकत को पड़ोसी देशों के खिलाफ अपनी धरती का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा।’ नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री और नेपाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिलमेंद्र निधि ने भी भारत को खुला समर्थन दिया है। उन्होंने एक्स पर लिखा है, ‘हम आतंकवाद के खिलाफ भारत द्वारा शुरू की गई इस लड़ाई में उसके साथ खड़े हैं, हम आतंकवादियों के खिलाफ किये गये ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए भारतीय सेना को बधाई देते हैं।
चीन

भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर कयास लगाने जाने लगे थे कि, चीन प्रो-पाकिस्तान स्टैंड ले सकता है, लेकिन अब तक के हालात पर उसने जिस तरह की प्रतिक्रिया दी है, वह हैरान करने वाली है। दरअसल, चीन ने अब तक तटस्थता की नीति अपनाई हुई है और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील कर रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा जारी किये गये एक बयान में कहा गया है कि, चीन दोनों देशों के बीच मौजूदा हालात को लेकर चिंतित है। बयान में आगे कहा गया है कि ‘भारत-पाकिस्तान एक-दूसरे के पड़ोसी हैं और हमेशा रहेंगे, ये दोनों देश चीन के भी पड़ोसी हैं, चीन आतंकवाद का विरोध करता है चाहे वह किसी भी रूप में हो, चीन दोनों पक्षों से अपील करता है कि वह शांत रहें, संयम बरतें और और स्थिति को जटिल बनाने वाली कार्रवाईयों से बचें।
अमेरिका

22 अप्रैल को जब पहलगाम में एन्जॉय कर रहे पर्यटकों पर आतंकियों ने हमला किया था। उस वक्त अमेरिका के उप-राष्ट्र्पति जेडी वेंस अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ भारत की यात्रा पर थे। वेंस ने आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और अमेरिका के फॉक्स न्यूज के एक कार्यक्रम में बोलते हुए इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि ‘अमेरिका को उम्मीद है, इस हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकती है। उन्होंने कहा था, ‘हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान पहलगाम के आतंकियों का पता लगाने में भारत का सहयोग करेगा।

फिलहाल अब दोनों देशों के बीच अब तनाव चरम पर है और मिसाइलें गरज रही हैं, लगातार हमले हो रहे हैं। इस लड़ाई के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टैमी ब्रुस ने गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें उन्होंने बताया कि, शांति स्थापित करने और तनाव कम करने के लिए अमेरिका भारत और पाकिस्तान के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। उम्मीद है जल्द ही दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा और बातचीत के जरिये रास्ता निकालने की कोशिश शुरू होगी।
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद अब एक बार फिर से अमेरिकी उप राष्ट्रपति वेंस का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि, अमेरिका दोनों देशों के बीच कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा, क्योंकि यह अमेरिका का काम नहीं है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘हम दोनों देशों से तनाव को कम करने के लिए कह सकते हैं, लेकिन हम जंग में शामिल नहीं हो रहे हैं क्योंकि यह हमारा काम नहीं है।
सऊदी अरब

पहलगाम हमले के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर थे। वहां उन्होंने सऊदी अरब के वास्तविक शासक क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की। सऊदी में पीएम मोदी के सम्मान में एमबीएस ने स्टेट डिनर का प्रोग्राम रखा था, लेकिन हमले की खबर मिलते ही पीएम मोदी सऊदी का दौरा बीच में ही छोड़कर वापस आ गये। वहीं, अब जब भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई शुरू हो चुकी है, तभी अचानक से सऊदी अरब के विदेश मंत्री अदेल अल-जुबैर गुरुवार को भारत दौरे पर आ पहुंचे। यहां उन्होंने विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की और दोनों पक्षों से तनाव कम करने की अपील की।
ईरान

पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए भारत द्वारा लांच किये गये ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तुरंत बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे। यहां उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत और पाकिस्तान से तनाव को कम करें और संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘ हमें उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान क्षेत्र में तनाव को कम करने का प्रयास करेंगे, हमारे क्षेत्र को शांति की आवश्यकता है, खासकर क्षेत्रीय देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए, और मुझे भरोसा है कि ऐसा ही होगा।’
इसे भी पढ़ें- India-Pakistan War: पाकिस्तान को मिल रहा करारा जवाब, भारत ने तबाह किए कई डिफेंस सिस्टम






Users Today : 11

