
नई दिल्ली। Virat Kohli Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोमवार को इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर संन्यास लेने की बात फैन्स को बताई। कोहली ने जिस तरह से अचानक से संन्यास लेने का फैसला किया उससे क्रिकेट प्रेमी चौंक गये। बताया जा रहा है कि, कोहली ने अप्रैल में ही बीसीसीआई को अपने इस फैसले से अवगत करा दिया था। हालांकि, बोर्ड ने उन्हें अपने फैसले पर एक बार फिर से विचार करने को कहा था।
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क्रिकेट प्रेमियों को लगा झटका

दरअसल, बोर्ड चाहता था कि, विराट कोहली इंग्लैंड दौरे का हिस्सा बने, लेकिन उन्होंने बीसीसीआई की बात नहीं मानी और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के अपने फैसले पर अडिग रहे। इससे पहले बुधवार को रोहित शर्मा ने भी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया था। इन दोनों के अचानक लिए गए फैसले से क्रिकेट प्रेमियों को झटका लगा है। आइए जानते हैं ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से विराट कोहली ने अचानक से संन्यास लेने का फैसला किया। पिछले दो टेस्ट सीरिज में कोहली का प्रदर्शन काफी असंतोषजनक रहा और इन दोनों ही सीरीज में टीम इंडिया को शर्मनाक हार मिली थी।
टेस्ट मैच में नहीं कर रहे बेहतर परफार्म
न्यूजीलैंड ने पिछले साल भारत की जमीन पर ही उसे तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-0 से शर्मनाक शिकस्त दी थी। इस सीरीज में कोहली ने तीन मैचों की छह पारियों में 15.50 की औसत से मात्र 93 रन ही बना पाए थे। वहीं, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी विराट ने पांच मैचों की नौ पारियों में महज एक शतक एक साथ 190 रन बनाये। कोहली ने पर्थ में खेले गये पहले टेस्ट में ही शतक जड़ा था। इसके बाद की आठ पारियों में वह केवल 90 रन बना सके। इस टेस्ट सीरिज में कोहली आठ बार आउट हुए, जिनमें से सात बार वह ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद पर छेड़छाड़ करने की वजह से पवेलियन वापस आये थे।
झेलनी पड़ी थी तीखी आलोचना
ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं कि, इन दो टेस्ट सीरीज के शर्मनाक प्रदर्शन ने ही उन्हें संन्यास लेने के लिए मजबूर कर दिया होगा। कोहली को ऑस्ट्रेलिया में खेलना और रन बनाना पसंद है, लेकिन पिछले दौरे में जब वह फेल हुए, तो उन्हें तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इससे भी उन्होंने टेस्ट करियर पर विराम लगाने का सोचा होगा। अगर कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में बेहरतीन प्रदर्शन किया होता, तो हो सकता है कि वह इंग्लैंड दौरे में भारतीय टीम का हिस्सा बनते।
मैच जिताने की थी क्षमता

कोहली ने भारतीय टीम ने उस वक्त विश्वास पैदा किया था, जब साल 2012-13 में जब सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने क्रिकेट को अलविदा कहा था। उस वक्त विराट ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका दौरे में भारतीय टीम का हिस्सा बने और कई शानदार पारियां खेलीं। इनके खेल को देखकर भारतीय फैंस गदगद हो गये। फैंस को लगने लगा कि उन्हें एक नया स्टार मिल गया है, जो अपने दम पर मैच जिताने की क्षमता रखता है।
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हमेशा महसूस किया दवाब
कोहली ने आस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका में एक के बाद एक कई शतक लगाए। उनके खेल को देखकर सबको भरोसा ही गया कि ये दिग्गज आने वाले समय में टीम को काफी ऊंचाई पर ले जायेगा। जब फैन्स का भरोसा होता है, तो खिलाड़ी पर दवाब भी होता है। इस दबाव के साथ उन्होंने 14 साल तक टेस्ट खेला। हाल ही में आरसीबी के पॉडकास्ट में खुद क्रिकेटर ने कहा कि, फैंस को हमेशा उनसे उम्मीद रहती थी, जिससे वह खुद को कभी दबाव मुक्त महसूस नहीं कर पाए।
दबाव की वजह से छोड़ी कप्तानी
उन्होंने कहा था, जब भी वह खराब बल्लेबाजी करते थे, तो उन्हें लगता था कि, सारे फैंस की नजरें उन पर ही हैं। यह सोचकर वह परेशान हो जाते थे। इन्हीं दबावों की वजह से ही उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी भी छोड़ी थी। अब उनके संन्यास लेने के पीछे एक यह वजह भी हो सकती है। साल 2020 के बाद से कोहली के बल्ले ने उनका साथ देना कम कर दिया। वह लगातार करीब तीन साल तक किसी भी फार्मेट ने शतक नहीं जड़ सके। यह उनके करियर का सबसे खराब दौर रहा। उन पर फैन्स की उम्मीदों का ऐसा बोझ बढ़ा कि, उन्होंने कप्तानी छोड़ दी और बल्लेबाजी पर फोकस करने का प्रयास करने लगे।
नए खिलाड़ियों को मौका देना होगा मकसद

इसके बाद 2022 में एशिया कप टी20 में अफगानिस्तान के खिलाफ शतक लगाकर कोहली एक एक बार फिर से वापसी की। इसके बाद वनडे और टी20 में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन टेस्ट मैच में उनका बल्ला फिर भी नहीं चल रहा था। पिछले साल न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया दौरे में रन न बन पाने की वजह से अब उन्होंने नए खिलाड़ियों को मौका देने के बारे में सोचा होगा। उनके संन्यास लेने की एक वजह ये भी हो सकती है। बता दें कि, अगले महीने इंग्लैंड दौरे से भारत के नए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की शुरुआत हो रही है। ऐसे में कोहली नए खिलाड़ियों को मौका देने की सोच रहे होंगे।
गौतम गंभीर से मतभेद
रोहित शर्मा के अचानक रिटायरमेंट के बाद, कोहली टीम में अकेले दिग्गज रह गये थे। शायद उन्होंने भी रोहित की तरह इसे बदलाव का सबसे अच्छा वक्त माना। इससे पहले जब गौतम गंभीर को कोच बनाया गया था, तब भी कोहली के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं, क्योंकि उनकी गंभीर से नाराजगी किसी से छिपी नहीं थी। हालांकि, गंभीर ने हमेशा कोहली का समर्थन किया और कहा कि, ये खिलाड़ी तब तक खेल सकते हैं जब तक वे चाहें।
अब वनडे मैच में ही आएंगे नजर

वह बात और है कि, ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान रोहित और गंभीर के बीच का मतभेद उभर कर सबके सामने आ गया था, लेकिन सार्वजनिक रूप से किसी ने कोई टिप्पणी नहीं की और गंभीर कोहली को लेकर भरोसेमंद नजर आए। इसके बाद दोनों की दोस्ती और हंसी मजाक की कई तस्वीरें भी सामने आईं। ऐसे में कोच गंभीर और टीम प्रबंधन, बोर्ड समेत, चाहते थे कि कोहली टेस्ट क्रिकेट खेलते रहें, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और टेस्ट मैच से संन्यास लेने का फैसला किया। अब विराट कोहली केवल वनडे मैचों में ही नजर आएंगे।
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