
दोहा। Neeraj Chopra New Record: जैवलीन थ्रो में ओलंपिक में गोल्ड जीत कर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा ने एक बार खुद से खुद को साबित कर दिया कि वह आज भी किसी से कम नहीं है। नीरज चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग में 90 मीटर से ज्यादा दूर तक भाला फेंका है और सिल्वर जीत कर देश का नाम एक बार फिर रोशन किया।
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90.23 मीटर तक भाला फेंका

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस लीग में नीरज ने अपने तीसरे प्रयास में 90.23 मीटर तक भाला फेंका। यह उपलब्धि हासिल करने वाले नीरज चोपड़ा दुनिया के 25वें खिलाड़ी बन गए हैं। वहीं, 90 मीटर से ज्यादा दूर तक भाला फेंकने वाले तीसरे एशियाई खिलाड़ी बन गए हैं। नीरज ने 90.23 मीटर दूर तक भाला फेंक कर बेस्ट प्रदर्शन दिया।
जर्मनी के जूलियन वेबर की झोली में गया गोल्ड
नीरज चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर की करियर की सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज की, लेकिन इसके बावजूद वह स्वर्ण पदक नहीं जीत सके और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.06 मीटर का जबरदस्त थ्रो करके प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीता। इस प्रतियोगिता में भारतीय किशोरी जेना ने भी हिस्सा लिया, जो 78.60 मीटर का थ्रो करके आठवें स्थान पर रहीं।
नीरज ने की जीत पक्की
भारत के गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग में शानदार आगाज़ करते हुए पहले प्रयास में 88.44 मीटर भाला फेंका। तीसरे प्रयास में उन्होंने अपनी लय को और ऊँचाई देते हुए 90.23 मीटर की जबरदस्त थ्रो की, जिससे वह प्रतियोगिता में शीर्ष पर पहुंच गए और ऐसा लगने लगा कि जीत उनके नाम ही होने वाली है, लेकिन रोमांचक मोड़ तब आया जब जर्मनी के जूलियन वेबर ने आखिरी प्रयास में 91.06 मीटर भाला फेंककर नीरज को पछाड़ दिया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। वहीं, ग्रेनेडा के पीटर एंडरसन ने 85.64 मीटर का थ्रो कर प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया।
टोक्यो में रचा इतिहास

भारत के इस गोल्डन ब्याय ने शायद ही किसी को निराश किया हो। वह जब भी किसी प्रतिस्पर्धा में भाला फेंकने के लिए हाथ उठाते हैं, तो लोगों की सांसे थम जाती हैं। सबको उम्मीद रहती है कि वे कोई न कोई मेडल जरूर जीतेंगे और वे सबकी उम्मीदों को पूरा भी करते हैं। नीरज चोपड़ा के अब तक के छोटे से शानदार करियर का मुख्य आकर्षण 2020 का टोक्यो ओलंपिक रहा है। यहां उन्होंने स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रचा था। इससे पहले किसी भी भारतीय खिलाड़ी में जैवलीन में ओलंपिक में कोई भी मेडल नहीं जीता था। इसके अलावा वह निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के बाद ग्रीष्मकालीन खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय बने।
ये हैं नीरज की उपलब्धियां
टोक्यो 2020 ओलंपिक के पुरुष भाला फेंक फाइनल में नीरज चोपड़ा ने जापान के नेशनल स्टेडियम में 87.03 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह प्रदर्शन उन्हें ओलंपिक चैंपियन बनाने के लिए पर्याप्त था, जबकि चेक गणराज्य के जैकब वाडलेच्ज़ 86.67 मीटर की थ्रो के साथ रजत पदक हासिल कर पाए।
हालांकि, नीरज का टोक्यो में स्वर्ण पदक जीतने वाला थ्रो उनका सर्वश्रेष्ठ नहीं था। 16 मई 2025 को दोहा डायमंड लीग में उन्होंने 90.23 मीटर दूर भाला फेंककर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ और भारत के लिए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज किया। यह उनके करियर का पहला 90 मीटर से लंबा थ्रो भी था।
नीरज का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 89.94 मीटर का रहा, जो उन्होंने स्टॉकहोम डायमंड लीग 2022 में किया था। नीरज चोपड़ा के अगले तीन सर्वश्रेष्ठ थ्रो वर्ष 2024 में आए — 89.49 मीटर (लुसाने डायमंड लीग, दूसरा स्थान), 89.45 मीटर (पेरिस ओलंपिक 2024 फाइनल), और 89.34 मीटर (पेरिस ओलंपिक क्वालिफिकेशन)। पेरिस ओलंपिक फाइनल में 89.45 मीटर की थ्रो के साथ उन्होंने रजत पदक हासिल किया और इसी के साथ वह भारत के सबसे सफल व्यक्तिगत ओलंपियन के रूप में इतिहास में दर्ज हो गए।

नीरज चोपड़ा के नाम भाला फेंक में पिछले तीन राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हैं: 89.30 मीटर (पावो नुरमी गेम्स 2022), 88.07 मीटर (2021 में पटियाला में आयोजित इंडियन ग्रां प्री 3), और 88.06 मीटर (2018 एशियाई खेल, जकार्ता)।
विश्व चैंपियन नीरज ने एशियन गेम्स 2023 में शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथे प्रयास में 88.88 मीटर भाला फेंका और अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।
इसके अलावा, बुडापेस्ट में आयोजित 2023 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के क्वालिफिकेशन राउंड में नीरज चोपड़ा ने 88.77 मीटर की शानदार थ्रो के साथ अपने जबरदस्त फॉर्म का परिचय दिया।
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