
नई दिल्ली। Donald Trump-Pakistan: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पाकिस्तान प्रेम एक बार फिर से सामने आया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में पाकिस्तान की प्रशंसा की। उन्होंने पाकिस्तानियों को ‘स्मार्ट’ बताया और कहा वे ‘बढ़िया चीजें’ बनाते हैं। उन्होंने यह बात तब कही जब पाकिस्तान के निर्यात पर 29 फीसदी का भारी टैक्स लगने का खतरा मंडरा रहा है।
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ठप है व्यापार वार्ता
वहीं, ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप ने भारत को सबसे ज्यादा टैक्स लगाने वाला देश बताया। साथ ही उन्होंने ये दावा किया कि भारत ने अमेरिकी सामानों पर से टैक्स हटाने की पेशकश की है। इन बयानों के बीच भारत के साथ व्यापार वार्ता ठप है। भारत से आने वाले सामानों पर 27 फीसदी अमेरिकी टैक्स पर अस्थायी रोक है। ट्रंप के इन बयानों से भारत में चिंता बढ़ गई है। लोगों को डर है कि ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति अप्रत्याशित है।
टैक्स कम करने का दावा
ट्रंप ने कहा, पाकिस्तान अमेरिका के साथ व्यापार करना चाहता है, जबकि सच्चाई यह है कि पाकिस्तान पहले ही अमेरिका को 5 अरब डॉलर से ज्यादा का सामान बेचता है। वहीं, वह अमेरिका से सिर्फ 2.1 अरब डॉलर का सामान खरीदता है। उन्होंने भारत को दुनिया में सबसे ज्यादा टैक्स लगाने वाला देश बताया। ट्रंप ने दावा किया कि, भारत ने अमेरिकी सामानों पर सभी टैक्स खत्म करने की बात कही है। उन्होंने कहा, ‘क्या आप जानते हैं कि, वे अमेरिका के लिए अपना 100 फीसदी टैक्स कम करने को तैयार हैं?’ हालांकि, उन्होंने तुरंत कहा, उन्हें कोई जल्दी नहीं है। ‘ऐसा जल्द ही होगा। मुझे कोई जल्दी नहीं है।’
एस जयशंकर ने किया विरोध
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्रंप के दावे का विरोध किया। उन्होंने कहा, बातचीत ‘जटिल’ है और कोई भी समझौता परस्पर लाभकारी होना चाहिए। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि, उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के लिए व्यापार का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, ‘वह परमाणु युद्ध होने वाला था, मुझे लगता है या करीब।’ उन्होंने कहा, उन्होंने आर्थिक सौदेबाजी के जरिए युद्धविराम करवाया। ट्रंप ने कहा, ‘मैं व्यापार का इस्तेमाल हिसाब चुकता करने और शांति स्थापित करने के लिए कर रहा हूं।’
भारत की बढ़ी चिंता
अमेरिका आने वाले हफ्तों में कई देशों के साथ टैरिफ रीसेट करने वाला है। ट्रंप के बयानों से भारत में चिंता बढ़ गई है। लोगों को डर है कि उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति अप्रत्याशित है। यह नीति रणनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की प्रशंसा करती है जबकि भारत जैसे लोकतांत्रिक सहयोगियों को संदेह के घेरे में रखती है। भारत ने शराब और मोटरसाइकिल जैसे कुछ अमेरिकी सामानों पर टैक्स कम किया है, लेकिन, अभी भी एक बड़ा समझौता नहीं हो पाया है।
स्थिति से निपटने को तैयार भारत
ट्रंप के बयानों से पता चलता है कि, अमेरिका की व्यापार नीति कितनी अप्रत्याशित है। यह भारत जैसे देशों के लिए चिंता का विषय है। वजह यह है कि, उन्हें नहीं पता कि, अमेरिका आगे क्या करेगा। ट्रंप प्रशासन की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का मतलब है कि, अमेरिका अपने हितों को पहले रखेगा। यानी वह दूसरे देशों के साथ व्यापार समझौतों पर फिर से बातचीत करने या उनसे बाहर निकलने के लिए तैयार है। भले ही इससे उन देशों को नुकसान हो। भारत को इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
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