
प्रतापगढ़। Atal Jayanti: संस्कार और राष्ट्रभक्ति का संगम विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु वाटिका चिलबिला पूर्वी में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई व महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में तुलसी पूजन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती,अटल बिहारी वाजपेई एवं पंडित मदन मोहन मालवीय के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन पुष्पार्चन कर किया गया। कार्यक्रम की संयोजिका वरिष्ठ आचार्य प्रीति सिंह ने दोनों महापुरुषों के जीवन विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेई एक कुशल राजनेता ओजस्वी वक्ता और पत्रकार थे, जिन्होंने अपने नेतृत्व से देश को नई दिशा दी।
वहीं महामना मालवीय भारतीय संस्कृति शिक्षा और राष्ट्र सेवा के प्रतीक थे तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर उन्होंने राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव रखी। इस अवसर पर बहन आंचल दुबे ने तुलसी पूजन दिवस के महत्व पर प्रकार डालते हुए बताया कि 25 दिसंबर को तुलसी पूजन कर उसके धार्मिक व औषधीय महत्व को जनमानस तक पहुंचाया जाता है।
कार्यक्रम में ज्योति पाल, शालिनी पांडेय, काजल शिल्पकार आदि का सहयोग रहा। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने भी तुलसी जी की पूजा एवं आरती किया। कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
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