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Railway Claim Scam: फर्जी नियुक्ति पत्र और सैलरी देकर लोगों को फंसाते थे जालसाज, अब आए ED की रडार पर

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 पटना। Railway Claim Scam: फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार सहित देश के कई राज्यों में एक साथ रेड डाली और 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही है। शुरूआती जांच में तो ये मामला सिर्फ रेलवे से जुड़ा माना जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इसका दायरा 40 से अधिक विभागों में फैला हुआ पाया गया और एक बड़े जालसाज गिरोह का संगठित नेटवर्क सामने आया।

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15  ठिकानों पर रेड

Railway Claim Scam

 

रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी ने बिहार के मुजफ्फरपुर और मोतिहारी से लेकर केरल, गुजरात, तमिलनाडू, पश्चिम बंगाल के कोलकाता और यूपी को मिलाकर कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापा डाला।

प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि, ये संगठित गिरोह सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली करता है,  भरोसा दिलाने के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी करता है। सब कुछ सही लगे, इसके लिए वह आधिकारिक सरकारी डोमेन से मिलती-जुलती ईमेल आईडी का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उम्मीदवार भ्रमित हो जाते हैं और उनके झांसे में आ जाते हैं।

ऐसे जीतते थे भरोसा

कई मामलों में उम्मीदवारों को विश्वास दिलाने के लिए कुछ लोगों को रेलवे सुरक्षा बल, तकनीशियन और टिकट चेकर के पदों पर नियुक्त दिखाया भी जाता है। साथ में ये भी दिखाया जाता है कि, उनकी सैलरी भी आ रही है, इसके लिए शुरूआती दो-तीन महीने तक वेतन भी दिया जाता था। जब उम्मीदवार को भरोसा हो जाता था कि, उनकी नौकरी पक्की है, उनके साथ किसी भी तरह का धोखा नहीं किया जा रहा है, तो जालसाज अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलते थे।

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दी जाती थी फर्जी नियुक्ति और वेतन

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एजेंसी की जांच में ये भी सामने आया है कि, इस गिरोह की सेंधमारी केवल रेलवे तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि हाईकोर्ट, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और आयकर विभाग में भी थी। इसके अलावा बिहार के कई अन्य सरकारी संगठनों की तरफ से भी अभ्यर्थियों के नाम फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किये गये और नियुक्तियां भी दिखाई गईं। फिलहाल ईडी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि, कई बड़ी मछली भी इसमें फंस सकती है।

फर्जी दावा कर वसूला जाता था मुआवजा

रेलवे क्लेम घोटाले में रेलवे में काम करने वाले लोगों के नाम पर फर्जी दावे किये जाते थे। इसके बाद इन्हीं दावों के आधार पर विभाग से बड़ी रकम हड़पी जाती थी। ये पूरा रैकेट कई लोगों की मिलीभगत से चलता था। रेलवे क्लेम घोटाला एक बड़ा घोटाला है। इसमें रेल हादसों में घायल होने वाले लोगों और मृतकों के नाम पर फर्जी तरीके से रेलवे में दावा किया जाता था और मुआवजा वसूला  जाता था, जबकि सच ये है जिनके नाम पर मुआवजा लिया जाता था, वे किसी हादसे का शिकार ही नहीं हुए होते थे।

 

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