
प्रयागराज। Magh Mela 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में संगम तट पर इन दिनों माघ मेला चल रहा है। ऐसे में यहां बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आ रहे हैं, जिन्हें कवर करने के लिए टीवी चैनल और अख़बार के पत्रकारों के अलावा सोशल मीड़िया इन्फ्ल्युएंसर भी पहुंच रहे हैं। वैसे तो अधिकतर कंटेंट क्रिएटर्स सकारात्मक और जानकारी पूर्ण गतिविधियों को अपने चैनल पर साझा कर हैं, लेकिन कई ऐसे हैं, जो अधिक व्यूज और फलोअर्स की लालच में भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट शेयर कर रहे हैं।
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साइबर पुलिस ने दो इन्फ्लुएंसर को गिरफ्तार किया है, जो माघ मेला में आए साधु-संतों की छवि खराब करने वाली वीडियो पोस्ट कर रहे थे। इन आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पोस्ट किया सुनियोजित वीडियो

मामले की जानकारी देते हुए साइबर थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम ने कहा कि, सिकंदरा बहरिया के रहने वाले प्रदीप साहू ने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल @mrpraadeep से एक सुनियोजित वीडियो पोस्ट किया था, जो माघ मेला में आए साधु-संतों की छवि को खराब करने वाला था। इस वीडियो के देखने से साफ लगा रहा था कि ये वीडियो व्यूज बटोरने के मकसद से बनाया गया है।
नाराज हुए साधु
थाना प्रभारी ने कहा कि, प्रदीप ने बिहार के मधेपुरा जिले के रहने वाले चन्दन को वीडियो बनाने से पहले ही पूरी स्क्रिप्ट तैयार करके दे दी थी। इसी स्क्रिप्ट के आधार पर चंदन कुमार ने साधुओं के बीच जाकर टीका लगवाया और बातचीत शुरू की। चन्दन ने साधुओं से उनके रहने का ठिकाना पूछा और गायत्री मंत्र पढ़ने को कहा, जिस साधु नाराज हो गये और गायत्री मंत्र सुनाने से इंकार कर दिया।
वीडियो को सनसनीखेज बनाने की कोशिश
साथ ही उन्होंने पता भी नहीं बताया और मौके से जाने लगे। चंदन कुमार ने साधुओं से उनके आधार कार्ड भी मांगे और मना करने पर जबरन सवाल पूछ कर दबाव बनाने लगे। इंस्टाग्राम पर शेयर इस वीडियो को इस तरीके से फिल्माया गया है कि, वह साधु-संतों की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला दिखे। वीडियो को सनसनी खेज बनाने की कोशिश की गई है।
व्यूज बटोरन था मकसद

पुलिस अधिकारी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि, प्रदीप साहू ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किये, जिसे मात्र एक दिन में ही 60 लाख यानी 6 मिलियन से अधिक व्यूज मिल गए। पुलिस ने जब उसे पकड़ कर उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि इस तरह के वीडियो पोस्ट करने का उसका मकसद अपने अकाउंट की लोकप्रियता बढ़ाना था। ऐसा करके वह माघ मेला से जुड़े टेंट, होटल, कॉटेज व अन्य व्यावसायिक विज्ञापनों को हासिल करना था, ताकि मोटी कमाई कर सके।
जांची जा रही डिजिटल डिवाइस
साइबर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उनके सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल डिवाइस की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि, माघ मेला जैसे धार्मिक और संवेदनशील आयोजन के दौरान किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी और अफवाह बड़े विवाद की वजह बन सकती है। ऐसे में धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले कंटेंट बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं किये जाएंगे।
पुलिस अधिकारी का कहना है कि, इस तरह के मामलों को लेकर साइबर सेल लगातार सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग कर रहा है और कुछ भी आपत्तिजनक दिखाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
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