
प्रतापगढ़। Kavi Sammelan: जनपद के लक्ष्मणपुर विकास खण्ड के काछा में कवि गोष्ठी का आयोजन कवि चंद्रशेखर शुक्ल विकास की अध्यक्षता व ओज कवि हरिवंश शुक्ल शौर्य के संचालन में आयोजित किया गया। इस मौके पर काव्यपाठ करते हुए चंद्रशेखर शुक्ल विकास ने पढ़ा – जागो भारत राष्ट्रजन, मैं कर रहा तुम्हारा आह्वान।
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कवि प्रेम कुमार त्रिपाठी प्रेम ने जहां वीर रस की कविता से लोगों में जोश भरा वहीं प्रेम की बात करते हुए पढ़ा- यह प्रेम बड़ा मतवाला है, सबके मतलब वाला है। तदुपरांत कवि अमित शुक्ल ने अपने नाम पर लिखी कविता- अमित ने अमित की उठाई कलम तो अमित बार लिखकर अमित है परोसा पढ़कर अमित के अमित अर्थ बतलाए ।
ओज कवि हरिवंश शुक्ल शौर्य ने पढ़ा- मृत्यु सत्य है तो फिर पार्थ तीर ले उधार, सिंहनी के दूध का तू कर्ज तो उतार पढ़ी। गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कथावाचक कमलेश पति मिश्र ने मन वाणी कर्म बुद्धि मन चित्त और अहंकार पर अपना व्याख्यान देकर गोष्ठी को बहुमुखी और सर्वस्पर्शी बनाया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे पूर्व प्राचार्य ने कहा कि मुझे खुशी है कि इस तरह के साहित्यिक अनुष्ठान से सरस्वती पुत्र देश व समाज को जगाने का काम कर रहे हैं। इस गोष्ठी में कुश शुक्ल, राजेंद्र प्रसाद, राहुल, रोहित, ब्रह्म नारायण मिश्र,अरविन्द कुमार मिश्र, नवनीत कुमार मिश्र आदि उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन कुश शुक्ल ने किया।
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