
कानपुर। Kanpur Lamborghini Case: उत्तर प्रदेश कानपुर जिले में एक हफ्ते पहले हुए में लैंबोर्गिनी कांड के मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शिवम को पुलिस ने उसके घर से पकड़ा और मेडिकल परीक्षण के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे 20 हजार रूपये के मुचलके पर जमानत भी मिल गई।
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VIP रोड पर हुआ हादसा

बता दें कि, इस हफ्ते की शुरुआत में जिले के VIP रोड पर लैंबॉर्गिनी कार से दर्दनाक हादसा हो गया था। इस हादसे में कई लोग घायल हो गये थे। इस हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे के मामले में पुलिस ने आरोपी शिवम को गिरफ्तार किया है, हादसे में कई लोग घायल हो गए थे। वहीं कार चालक भी बेहोश हो गया था, जिसे उसके सुरक्षाकर्मी कार से निकाल कर ले कर चले गये थे और अस्पताल में भर्ती कराया था। बताया जा रहा है कि, इस कांड का मुख्य आरोपी शिवम मिश्र जिले के आर्य नगर निवासी प्रसिद्ध कारोबारी केके मिश्र का बेटा है, जो अपनी लैंबॉर्गिनी से फर्राटा भरते हुए जा रहा था, तभी ऑटो और बुलेट को टक्कर मारते हुए कार बेकाबू हो कर फुटपाथ पर चढ़ गई।
नबंर प्लेट तोड़ने की कोशिश
इस हादसे में छह लोग घायल हो गये थे। वहीं खुद शिवम भी कार के अंदर बेहोश हो गया था। इसी बीच लोगों ने कार को घेर लिया और घटना का वीडियो बनाने लगे, तभी लैंबॉर्गिनी के पीछे चल रही एसयूव कार से उसके बाउंसर उतरे और लोगों को धक्का देते हुए क्षतिग्रस्त कार के पास पहुंचे। बाउंसरों ने भीड़ को हटाया और कार चालक को शीशा तोड़कर निकाला। बेहोशी हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। दावा किया जा रहा कि, चालक को दौरा आने की वजह से ये हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सुरक्षाकर्मियों ने पहचान छिपाने के लिए कार की नबंर प्लेट भी तोड़ने की कोशिश की।
कानपुर के लैंबॉर्गिनी केस में
आरोपी पक्ष का दावा है कि कार शिवम मिश्रा नहीं, ड्राइवर चला रहा था। लेकिन सामने आए वीडियो में ड्राइविंग सीट से बाउंसरों का शिवम मिश्रा को बाहर निकालना साफ दिख रहा है। वीडियो ने दावों पर खड़े किए सवाल।@kanpurnagarpol@Uppolice pic.twitter.com/Kvw0rtKYxZ— Shyam Tiwari (@Shyamtiwariknp) February 10, 2026
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घायल को भेजा अस्पताल
इस घटना में फुटपाथ पर खड़े होकर दोस्त का इंतजार कर रहे चमनगंज निवासी तौफीक अहमद घायल हो गये। उनक पैर में चोट आई है। वहीं, बुलेट सवार खलासी लाइन के रहने वाले विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी जख्मी हो गए। इसके अलावा कार चालक भी बेहोश हो गया। हादसे होने के बाद एकत्र हुई भीड़ में से किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल तौफीक और को तत्काल उर्सला अस्पताल भेजा और लक्जरी कार को अपने साथ ग्वालटोली थाने ले आई।
तौफीक ने दर्ज कराई थी FIR

हादसे में घायल हुए 18 साल ई रिक्शा चालक तौफीक की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। हालांकि, बाद में तौफीक के वकील ने दावा किया कि उनका मुवक्किल कानूनी कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है। इसके बाद इस मामले में एक और नया मोड़ आया। बुधवार 11 फरवरी को मोहन नाम का एक आदमी सामने आया और उसने खुद को कार चालक बताते हुए कहा कि एक्सीडेंट उससे हुआ है। हादसे के समय शिवम नहीं बल्कि वह कार चला रहा था, लेकिन पुलिस ने उसके दावे को ख़ारिज कर दिया।
शिवम ही चला रहा था कार
वहीं,जांच के बाद मिले सबूतों से भी ये स्पष्ट हो गया कि जब 10 करोड़ की लैंबोर्गिनी कार कानपुर के बिजी वीआइपी रोड पर फर्राटा भरते हुए पैदल चलने वालों और दूसरी गाड़ियों को टक्कर मरते हुए फुटपाथ पर चढ़ी थी, तब कार कोई ड्राइवर नहीं बल्कि उसका मालिक शिवम मिश्र ही चला रहा था।
इस मामले में बात करते हुए पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने भी बताया कि, 35 साल के आरोपी शिवम मिश्र को अरेस्ट करने के बाद मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया।
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