
लखनऊ। Lal Qila Blast: दिल्ली में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट के बाद और पहले अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार हुए आतंकियों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पूछताछ में पता चल रहा है कि, दिल्ली नहीं बल्कि आतंकियों के निशाने पर अयोध्या का राम मन्दिर, वाराणसी का काशी विश्वनाथ मन्दिर और सूबे की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज और अमीनाबाद जैसे भीड़ भाड़ वाले इलाके थे। इसी के लिए ये माड्यूल भी तैयार किया गया था।
इसे भी पढ़ें- Delhi Blast: कौन है मौलवी इरफान अहमद? जिसके तार दिल्ली धमाके से जुड़े हैं, पुलिस निकाल रही कच्चा-चिट्ठा
दिल्ली नहीं थी निशाना

यूपी के लखनऊ से पकड़ी गई शाहीन ने अयोध्या में स्लीपर माड्यूल को एक्टिवेट कर दिया था। इस बार आतंकी अयोध्या में विस्फोट करने वाले थे, लेकिन वे अपने मंसूबे में कामयाब हो पाते, इससे पहले ही कई आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद कर लिया गया। दिल्ली ब्लास्ट की जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि, अभी तक की जांच में जो चीजें सामने आई हैं, उसके हिसाब से आतंकियों की योजना लाल किले पर ब्लास्ट करने की नहीं थी, क्योंकि विस्फोटक में टाइमर या किसी ऐसी चीज का इस्तेमाल नहीं किया गया था, जिससे ये पता चले के ये प्लान के तहत किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि ये ब्लास्ट हड़बड़ी और जल्दबाजी में किया गया था।
हड़बड़ी में हुआ ब्लास्ट

गिरफ्तार हुए आतंकियों ने बताया कि, इस माड्यूल का मकसद अस्पतालों को टारगेट करना था, ताकि अधिक से अधिक नुकसान हो सके। इनकी हिट लिस्ट में भीड़ भाड़ वाली जगह और अस्पताल थे, लेकिन ब्लास्ट के कई दिन पहले से चल रही छापेमारी में कई आतंकियों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में विस्फोटक व हथियार बरामद हो जाने से इनके मंसूबों पर पानी फिरने लगा, उन्होंने हड़बड़ी में लाल किले के पास ब्लास्ट कर दिया।
2900 किलो ग्राम विस्फोटक बरामद, 300 किग्रा की तलाश

सूत्रों की मानें, तो अभी तक सुरक्षा एजेंसियों ने 2900 किलो ग्राम विस्फोटक बरामद कर लिया है, लेकिन 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट अभी तक बरामद नहीं हुआ है, जिसे ढूढने में सुरक्षा एजेंसियां दिन रात एक किये हुए हैं। पूछताछ में पता चला है कि, आतंकियों ने 300 किग्रा. अमोनियम नाइट्रेट अभी भी कहीं छिपा रखा है, इसके लिए देश के कई राज्यों में छापेमारी चल रही है।
जांच में पता चला है कि, ये विस्फोटक बांग्लादेश के रास्ते नेपाल और फिर भारत में आया, जहां से इसे आतंकियों पर पहुंचाया गया। ये भी पता चला है कि किसी फर्टीलाइजर से उक्त अमोनियम नाइट्रेट को चोरी से हासिल किया गया है।
इसे भी पढ़ें-Delhi Blast: फिदायिन हमला या कुछ और, कई पहलुओं पर हो रही जांच, चार हिरासत में









Users Today : 12

