
नई दिल्ली। Open Letter To India: नये साल पर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के नाम खुला पत्र आया है और अपने ही देश पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ फेंकने की गुहार लगाई है। पत्र में भारतीय सेना, भारत सरकार, भारतीय जनता पार्टी और देश की 140 करोड़ जनता को नये साल 2026 की बधाई दी गई है।
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बलूचिस्तान के संघर्ष का भी जिक्र किया

एस जयशंकर को ये खुला पत्र बलूच नेता मीर यार बलूच ने लिखा है। पत्र में नव वर्ष के शुभकामना संदेश के साथ ही भारत के साथ ऐतिहासिक रिश्तों, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, चीन-पाकिस्तान गठजोड़ को लेकर भविष्य की चेतावनी और पाकिस्तान के खिलाफ बलूचिस्तान के संघर्ष का भी जिक्र किया गया है।
मोदी सरकार की तारीफ़ की
मीर यार ने मई 2025 में आतंकवाद के खिलाफ चलाए गये ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ का खुला समर्थन करते हुए पत्र में मोदी सरकार की जमकर तारीफ़ की। उन्होंने कहा,जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना ने जिस तरह से पाकिस्तानी सैन्य ढांचे और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और उसे नस्तनाबूद किया वह अपने आप में एक बड़ा साहसिक और न्यायपूर्ण कदम था।
Open letter to Honorable Foreign Minister of #Bharat Shri @DrSJaishankar ji
From,
Baloch Representative,
Republic of Balochistan
State.
The Honorable Dr. S. Jaishankar,
Minister of External Affairs,
Government of Bharat,
South Block, Raisina Hill,
New Delhi – 110011January… https://t.co/WdjaACsG2V pic.twitter.com/IOEusbUsOB
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) January 1, 2026
सदियों पुराने ऐतिहासिक रिश्ते का दिया हवाला
भारत सरकार द्वारा उठाया गया ये कदम क्षेत्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद आवश्यक था। बलूच नेता ने भारत के साथ बलूचिस्तान के सदियों पुराने ऐतिहासिक रिश्ते, जिसमें कूटनीतिक, व्यापारिक और रक्षा संबंध शामिल है का भी जिक्र किया। उन्होंने पाकिस्तान में स्थित हिंगलाज माता के मन्दिर का उल्लेख करते हुए इसे दोनों देशों की साझा अध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया।
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स्थायी शांति की उम्मीद

मीर ने पत्र में बलूचिस्तान के लोगों की पीड़ा का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि, बलूचिस्तान पिछले 79 वर्षों से पाकिस्तान के कब्जे में हैं, लेकिन यहां के लोगों का जरा भी विकास नहीं हो रहा है, ये राज्य अपने ही लोगों के प्रायोजित आतंकवाद और गंभीर मनवाधिकार के उल्लंघनों का शिकार है। ऐसे में अब समय आ गया है कि इस समस्या का स्थायी हल निकाला जाये और पाकिस्तान को जड़ से उखाड़ फेंका जाये, ताकि बलूचिस्तान में स्थायी शांति स्थापित की जा सके।
ठोस सहयोग की जरूरत पर बल
बलूच नेता ने आगे लिखा, बलूच की जनता पूरी मजबूती से भारत और भारत सरकार के साथ खड़ी है। मीर ने व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, शांति, विकास, ऊर्जा चुनौतियों और छिपे खतरों से निपटने के लिए भारत के साथ भरोसेमंद साझेदारी की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि अब सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा बल्कि स्थायी शांति और संप्रभुता के लिए ठोस सहयोग की जरूरत है।
मजबूत रिश्ते की जरूरत पर बल
भारत और बलूचिस्तान दोनों ही जिन खतरों का सामना कर रहे हैं वे वास्तविक और तत्काल हैं। ऐसे में इससे निपटने के लिए दोनों का मजबूती से साथ खड़े होना अति आवश्यक है। मीर यार ने पत्र में पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दोनों के लिए खतरनाक बताया और लिखा चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर अब अपने अंतिम चरण में हैं।
चीनी सेना की तैनाती की आशंका

इस कॉरिडोर के पूरा होते ही चीन-पाकिस्तान के रिश्तों में और मजबूती आएगी, जिससे क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है। उन्होंने आशंका जाहिर की, कि अगर जल्द ही बलूचिस्तान की रक्षा और स्वत्रंत सेनाओं को समर्थन नहीं मिला, तो वह दिन दूर नहीं होगा जब चीनी सेना यहां तैनात हो जाएगी और भारत और बलूच दोनों के लिए खतरा साबित होगी।
नव वर्ष की दी बधाई
पत्र में मीर ने रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के 6 करोड़ देशभक्त नागरिकों की तरफ से भारत की 140 करोड़ जनता, संसद के दोनों सदनों के सदस्य, मीडिया, सिविल सोसाइटी और सभी सम्मानित नागरिकों को नववर्ष की हार्दिक बधाई दी है। साथ ही भारत के साथ और अधिक मजबूत, सक्रिय और रणनीतिक सहयोग की उम्मीद जताई है।
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