
नई दिल्ली। एयर इंडिया के साथ विलय (Vistara merged Air India) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तारा एयरलाइंस के विमान सोमवार को अपनी आखिरी बार उड़ान भरेंगे। एयर इंडिया ने घोषणा की है कि आगे भी लोगों को विस्तारा के जैसी सुविधा, सेवा अनुभव और उत्पाद मिलेगा। बदलाव के बाद यात्रियों की मदद के लिए एयरपोर्ट्स पर हेल्प डेस्क कियोस्क स्थापित किए जाएंगे।
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25.1% होगी सिंगापुर एयरलाइन की हिस्सेदारी
दरअसल, विस्तारा मंगलवार से एयर इंडिया में शामिल हो जाएगी। इस विलय के साथ ही भारतीय एयरलाइन कारोबार में फुल सर्विस एयरलाइन की संख्या घटकर सिर्फ एक रह जाएगी। अभी तक विस्तारा का संचालन टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के बीच संयुक्त उद्यम रूप में हो रहा था लेकिन अब एयर इंडिया के साथ विलय के बाद इस नई इकाई में भी सिंगापुर एयरलाइन की हिस्सेदारी 25.1 प्रतिशत होगी।
विस्तारा के टिकट पर 1,15,000 यात्री करेंगे यात्रा

एक रिपोर्ट के मुताबिक, विलय के बाद पहले महीने में 1,15,000 से अधिक यात्री विस्तारा के टिकट पर एयर इंडिया के नाम से उड़ान भरेंगे। एयर इंडिया समूह ने यात्रियों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें यात्रा के दौरान विस्तारा जैसी ही सुविधा और अनुभव प्राप्त होगा। विलय के साथ ही विस्तारा की उड़ान संख्या में “2” जोड़ा जाएगा। जैसे कि विस्तारा का वर्तमान फ्लाइट कोड UK 955 है लेकिन विलय के बाद ये AI 2955 हो जाएगा।
हवाई अड्डों पर स्थापित होंगे हेल्प डेस्क
एयर इंडिया ने घोषणा की है कि लोगों को विस्तारा के समान उत्पादों और सेवाओं तक पहुंच जारी रहेगी। बदलाव के बाद हवाई अड्डों पर हेल्प डेस्क कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। वहीं इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर लगे साइनेज और सूचना यात्रियों को सही चेक-इन काउंटर पर पहुंचाएंगे। विस्तार संपर्क केंद्र निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए एयर इंडिया के प्रतिनिधियों को कॉल पुनर्निर्देशित करेगा। बताया जा रहा है कि विस्तारा लॉयल्टी प्रोग्राम के सदस्यों को एयर इंडिया प्रोग्राम में ट्रांसफर किया जायेगा।
As Club Vistara joins wings with Air India Flying Returns to become Maharaja Club, access to your account including new sign-ups, will be temporarily unavailable from 0600 hrs IST on November 11, 2024 till 0200 hrs IST on November 12, 2024.
Thank you for your…
— Air India (@airindia) November 10, 2024
कैसे हुई थी विस्तारा की शुरुआत
गौरतलब है कि साल 2012 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने विदेशी एयरलाइनों को घरेलू एयरलाइन में 49% हिस्सेदारी हासिल करने की अनुमति दी। उस वक्त जेट एयरवेज को खाड़ी एयरलाइन एतिहाद से 24% हिस्सेदारी हासिल हुई थी। इसी अवधि में टाटा समूह के नेतृत्व में एयरएशिया इंडिया और विस्तारा भी उभरे थे। विस्तारा पिछले दशक में भारतीय आसमान में उड़ान शुरू करने वाली एकमात्र पूर्ण-सेवा एयरलाइन थी।
जनवरी 2015 से शुरू हुआ था विस्तारा का परिचालन
बीते कुछ वर्षों में किंगफिशर और एयर सहारा जैसी एयरलाइंस, जिन्हें जेटलाइट के तौर पर जाना जाता था, की उड़ानें बंद हो गई थीं। 25 साल से परिचालन कर रही जेट एयरवेज वित्तीय कारणों से अप्रैल 2019 में ग्राउंडेड कर दिया गया था, जिसे अब बंद करने की तैयारी की जा रही है। विस्तारा का परिचालन जनवरी 2015 में शुरू हुआ था। इसकी सिंगापुर एयरलाइंस में 49% हिस्सेदारी थी। वहीं टाटा समूह के पास इसकी 51% हिस्सेदारी थी।
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