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Jhansi Medical College accident: डिप्टी सीएम के निशाने पर आये ये लोग, डीएम को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

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झांसी। शुक्रवार 15 नवंबर की रात उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में स्थित मेडिकल कॉलेज (Jhansi Medical College accident) की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भीषण आग लग गई, जिसमें दस शिशुओं की मौत हो गई। हादसे के बाद सुबह उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज पहुंचे और हालत की जानकारी ली। उनके यूनिवर्सिटी पहुंचने से पहले सड़क पर चूना लगाया गया था। इसे लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोल दिया।

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विपक्ष ने बोला था करारा हमला 

Jhansi Medical College accident

प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया और लिखा, झांसी में मेडिकल कालेज में मासूम बच्चे जिंदा जलकर मर गए, यहां मौका मुआयना करने आ रहे निकम्मे, निर्लज्ज, बेशर्म और महाभ्रष्टाचारी के स्वागत अभिनंदन के लिए सड़क पर चूना लगाया जा रहा है, रेड कार्पेट भी बिछाई जा रही है बेशर्म के लिए ? ऐसे बेशर्मों से जनता ऊब चुकी है और अब इन्हें धक्के मारकर प्रदेश की सत्ता से बाहर फेंकने का मन बना चुकी है।

सड़क पर चूना डालने वालों पर गिरेगी गाज

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले सड़कों पर डाले गये चूना के मामले में जिलाधिकारी को कार्रवाई करने को कहा है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में जिन लोगों ने सड़क पर चूना डालने जैसा कृत्य किया है, वह अस्वीकार्य  है। डिप्टी सीएम ने झांसी के जिलाधिकारी को ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बता दें कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद ब्रजेश पाठक आधी रात को ही झांसी रवाना हो गए थे और तड़के ही घटनास्थल पर पहुंच गये थे, तब तक वहां की अस्पताल के बाहर सड़कों पर चूना फैला दिया गया था।

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में आग लगने घटी घटना 

Jhansi Medical College accident

यह पूछे जाने पर कि इतनी गंभीर घटना अचानक कैसे हो गई, तो झांसी के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सचिन मोहर ने कहा कि यह घटना ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में आग लगने के कारण हुई। उन्होंने यह भी कहा, जब ऑक्सीजन मशीन में अचानक आग लगी थी उस वक्त वार्ड में  54 बच्चों भर्ती थे। हमने सभी बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन 10 बच्चों की जान नहीं बचा सके। वहीं जो बच्चे इस घटना में घायल हुए हैं उनका इलाज किया जा रहा है।

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