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‘बंटोगे तो कटोगे’ नारे को जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने ठहराया सही, कहा-‘ये समय की मांग है, हमें बंटना नहीं चाहिए’

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जयपुर। जगद्गुरु रामभद्राचार्य (Jagadguru Rambhadracharya) ने मंगलवार को राजस्थान की राजधानी जयपुर में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने  बीजेपी के नारे ‘बंटोगे तो कटोगे’ नारे को सही ठहराया है। रामभद्राचार्य ने कहा ये सामयिक है और सत्य है। हम किसी भी जाति और पन्थ के हों, सबसे पहले हम हिन्दू हैं, हमें बंटना नहीं है। अगर हम सब एकजुट रहेंगे तो हमारा कोई बाल भी बांका नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा, एक उंगली को तोड़ना आसान होता है, लेकिन जब सभी उंगलियां मिलकर मुट्ठी बना लेती हैं तो उंगली तोड़ने वाले के दांत तोड़ने में सक्षम हो जाती हैं।

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नक्शे ने मिट जायेगा पाकिस्तान

गौरतलब है कि इन दिनों महाराष्ट्र और झारखण्ड में विधानसभा चुनाव का प्रचार तेजी से चल रहा है। ऐसे में यहां सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान ‘बंटोगे तो कटोगे’ की खूब चर्चा हो रही है। बता दें कि रामभद्राचार्य पिछले चार दिनों से पाकिस्तान, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं। दो दिन पहले जयपुर में श्रीराम कथा के दौरान उन्होंने कश्मीर के धारा 370 और पाकिस्तान का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि हम धारा 370 की बात नहीं कर रहे हैं, हम तो ये भी कह रहे हैं कि आने वाले कुछ समय में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भी हमारा होगा। वह दिन ज्यादा दूर नहीं है जब दुनिया के नक्शे से पाकिस्तान का नामोनिशान मिट जायेगा।

कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है 

उन्होंने कहा, कश्मीर हमारा है, यह हमारे देश का एक अभिन्न अंग है। इसे हमारे देश से कोई भी अलग नहीं कर सकता है। कश्मीर भारत का सिरमौर है। भारत माता, चिंता मत करो, जब तक जगद्गुरु रामभद्राचार्य त्रिदंड रहेगा, तब तक भारत की तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत किसी में नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भगवान राम  ने देश को एकजुट करने का काम किया था।

पहले पीएम ने देश को बांटने का काम किया था 

उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का नाम लिए बिना कहा, ‘हमारे देश की दुर्दशा देखिए, पहले प्रधानमंत्री ने देश को बांटने की कोशिश की थी।’ कश्मीर  भारत का सिरमौर है, वह हमारे देश का अहम हिसा है। ऋषि कश्यप की जन्मस्थली है। भगवान शिव कश्मीर में अमरनाथ के रूप में विद्यमान हैं। ये माता वैष्णो देवी का  निवास स्थान है। कश्मीर को दो हिस्सों में बंटने का कुकृत्य किया गया है। पहले तो इसका आधा हिस्सा पाकिस्तान को दे दिया गया और जो बचा वहां भी धारा 370 लगा दी गई।

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