
कर्नाटक। कर्नाटक में 20 साल से वांछित 3.5 लाख रुपये का इनामी नक्सली (Naxalite) नेता विक्रम गौड़ा उडुपी में मुठभेड़ में मारा गया। मुखबिर से मिली जानकारी के बाद हुए कार्रवाई के एंटी-नक्सल फोर्स (ANF) ने विक्रम की घेरेबंदी की तो नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस पर सुरक्षाबलों ने भी जवाबी फायरिंग की और उसे मार गिराया।
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राज्य गृहमंत्री ने की मौत की पुष्टि
विक्रम गौड़ा के मरने की पुष्टि करते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि भगोड़ा और वांछित नक्सली नेता विक्रम गौड़ा सोमवार देर रात उडुपी जिले के काबिनले वन क्षेत्र में मुठभेड़ में मारा गया। उन्होंने कहा कि विक्रम गौड़ा को गोली लगते ही उसके साथ मौजूद अन्य नक्सली भाग खड़े हुए। कर्नाटक में बीते 20 सालों में ये पहली मौत है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
Karnataka: During the Combing Ops, A gunfight broke out between the Anti Naxal Force (ANF) and Naxalites in Kabbinale village, Hebri, Karkala Taluk, Udupi district. Naxalite leader Vikram Gowda was killed in the encounter. pic.twitter.com/7meBZ0x5yy
— Pinky Rajpurohit ???????? (@Madrassan_Pinky) November 19, 2024
कृष्णमूर्ति उर्फ गंगाधर को 2021 में किया गया था अरेस्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 44 साल का विक्रम गौड़ा उडुपी के हेबरी द्वीप के पास के एक इलाके का रहने वाला है। साल 2021 में 50 वर्षीय बीजी कृष्णमूर्ति उर्फ गंगाधर को केरल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद, उन्हें अंतिम नक्सली नेता माना गया था। चिकमंगलूर के निवासी कृष्णमूर्ति प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य और पश्चिमी घाट विशेष क्षेत्रीय समिति के सचिव थे।
आठ भूमिगत नक्सलियों में से एक था विक्रम गौड़ा
विक्रम गौड़ा कर्नाटक में बचे आठ भूमिगत नक्सलियों में से एक था। उसकी मौत के बाद अभी यहां चार महिला समेत सात नक्सली बचे हैं। पुलिस इन सबकी तलाश कर रही है। साल 2021 में विक्रम गौड़ा की पूर्व पत्नी सावित्री (35) को भी गिरफ्तार किया गया था। सावित्री उर्फ रजिता उर्फ उषा काबिनी दलम कमांडर और एरिया समिति की सदस्य थीं। वे 2004 से नक्सली समूह जुड़ी हुई थीं।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विक्रम गौड़ा और उनकी टीम को सोमवार शाम को किराने का सामान खरीदने के दौरान काबिनले गांव में देखा गया था, तभी मुखबिर से सूचना मिलने पर उनका घेराव कर लिया गया। इस दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई । इस एनकाउंटर में विक्रम गौड़ा मारा गया। विक्रम पर कर्नाटक पुलिस ने 3 लाख रुपये और केरल पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। बता दें कि कर्नाटक में नक्सलियों और पुलिस के बीच पहली बड़ी झड़प 2003 में हुई थी।
20 साल से था वांछित
17 नवंबर 2003 को उडुपी जिले के करकला में इदु के पास पुलिस मुठभेड़ में दो महिला नक्सली सुमति (24) और उषा (23) मारी गईं थीं। खूंखार नक्सली विक्रम गौड़ा 20 साल से वांछित था। वह इससे पहले कई मुठभेड़ों में बच निकला है। वह एक सक्रिय नक्सली था और लगातार राज्यों के बीच घूमता रहता था। पिछले हफ्ते विक्रम को राजू और लता नाम के नक्सली के साथ देखा गया था और तब से उसकी तलाश की जा रही थी।
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