
मुंबई। Aurangzeb Controversy: सपा विधायक अबू आजमी द्वारा औरंगजेब को लेकर दिए गये बयान से शुरू हुआ सियासी हंगामा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब महाराष्ट्र के संभाजी नगर में स्थित औरंगजेब की कब्र को लेकर सियासत गरमाई हुई है। दक्षिणपंथी दल का कहना है कि संभाजी नगर से औरंगजेब की कब्र हटनी चाहिए। इस लेकर नागपुर में हिंसा तक भड़क गई। वहीं, अब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हुसैन दलवाई का एक धमकी भरा बयान आया है, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से उबाल आ गया है। दलवाई ने कहा कि, सरकार में हिम्मत है, तो वह औरंगजेब की कब्र हटाकर दिखाए।
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आतंकवादी संगठन है RSS

बता दें कि, हुसैन दलवई ने संजय राउत, तुषार गांधी और असदुद्दीन ओवैसी के हालियों बयानों का समर्थन करते हुए ये टिप्पणी की है। उन्होंने औरंगजेब की तारीफ करने वाले सपा विधायक अबू आजमी को पर भी टिप्पणी की है। हुसैन दलवई ने तुषार गांधी के उस बयान का भी सपोर्ट किया, जिसमें तुषार गांधी ने आरएसएस को ‘कैंसर’ बताया था। दलवाई ने कहा कि तुषार गांधी ने आरएसएस को लेकर जो कहा है वह सही है। मैं पहले भी कह चुका हूं और आज भी कह रहा हूं कि आरएसएस एक आतंकवादी संगठन है। उसकी शाखाओं में गलत बातें सिखाई जाती हैं।
औरंगजेब से भी बदतर है BJP का शासन
उन्होंने कहा,आरएसएस को लेकर तुषार कुछ भी गलत नहीं कहा है, तुषार की जान को खतरा है, सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराए। तुषार और उनके परिवार की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। दलवाई ने संजय राउत के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें संजय ने बीजेपी की तुलना औरंगजेब से की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्तमान समय में बीजेपी का शासन औरंगजेब से भी बदतर है। दलवाई ने कहा, औरंगजेब का शासन क्रूर था, लेकिन बीजेपी का उससे भी खराब है। बीजेपी लोकतान्त्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन करती है और अपनी मनमानी करती है।
अबू आजमी की आलोचना की

हालांकि, उन्होंने औरंगजेब की तारीफ़ करने वाले अबू आजमी की भी तीखी आलोचना की और कहा, उन्हें औरंगजेब की तारीफ नहीं करनी चाहिए, वह एक क्रूर शासक था, हमें उसकी तारीफ़ नहीं करनी चाहिए। दलवाई ने अबू आजमी को इतिहास पढ़ने की भी सलाह दी।
वक्फ बिल पर जताई नाराजगी
वक्फ संशोधन बिल पर असदुदीन औवासी के बयान को भी हुसैन दलवाई का समर्थन मिला। पूर्व सांसद ने कहा, यह बिल इसलिए लाया जा रहा है ताकि मुसलमानों से उनकी मस्जिदें और संपत्ति छीनी जा सके। इस बिल के जरिये सरकार मुसलमानों की भूमि और संपत्ति हड़पने की साजिश रच रही है। कई पार्टियां इस बिल का विरोध कर रही हैं, हम भी कर रहे हैं और इंडिया गठबंधन भी इसके खिलाफ है।
छत्रपति शिवाजी महाराज को राजा नहीं मानते थे RSS के लोग
स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर को लेकर हुसैन दलवाई ने कहा कि, यह सही है कि वीर सावरकर ने अपनी किताबों में छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में कई गलत बातें लिखी थीं। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में भी कई नकारात्मक बातें कहीं थीं, लेकिन जब नेहरू जी को इसका पता चला, तो उन्होंने सावरकर की किताबों को हटवा दिया था। अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वह काम क्यों नहीं कर रहे हैं। सच तो ये है कि खुद आरएसएस के लोग छत्रपति शिवाजी महाराज को राजा नहीं मानते थे, जो अत्यंत शर्मनाक है।
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