
कोटद्वार। Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड में साल 2022 हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोर्ट का फैसला आ गया है। अदालत ने तीनों हत्यारोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। इस केस पर पूरे उत्तराखंड की निगाहें टिकी थीं। मामले की सुनवाई करते हुए कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की न्यायाधीश रीना नेगी ने रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और वहां के कर्मचारी सौरभ भास्कर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
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अंकिता के परिजनों को चार लाख रुपए देने का आदेश

कोर्ट ने अंकिता के परिजनों को चार लाख रुपए देने का भी फैसला सुनाया है। हालांकि, कोर्ट के फैसले से अंकिता के माता-पिता संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि, जिस तरह से मेरी बेटी की हत्या की गई थी, वैसे ही उसके आरोपियों को भी मौत की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, इन लोगों ने हमारा घर बर्बाद कर दिया था। हम चाहते थे कि, हमारे जिंदा रहते इन हत्यारों को मौत की सजा दी जाये। हम अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे।
ऋषिकेश के चिल्ला शक्ति नहर में मिली थी अंकिता की लाश

उल्लेखनीय है कि, उत्तराखंड के पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लाक में स्थित वंतारा रिजॉर्ट में रिशेस्पनिस्ट की नौकरी कर रही अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस घटना में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आरोपी बनाया गया था। आरोप है कि, पुलकित ने अंकिता पर रिजॉर्ट में आने वाले गेस्ट को अतिरिक्त सेवाएं देने का दबाव बनाया थे, जिसे मानने से अंकिता ने इंकार कर दिया था। इससे नाराज पुलकित ने अंकित गुप्ता और सौरभ के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी और उसकी लाश ऋषिकेश के चिल्ला शक्ति नहर में फ़ेंक दिया था।
केस पर टिकी थीं पूरे उत्तराखंड की निगाहें

इस केस में पूरे दो साल आठ महीने बाद फैसला आया है। इस केस के फैसले पर पूरे उत्तराखंड की निगाहें टिकीं थी। बताया जा रहा है कि, जैसे ही जज ने फैसला सुनाया। कोर्ट के बाहर मौजूद भीड़ ने बैरीकेडिंग तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक लिया। केस की गंभीरता और लोगों के गुस्से को देखते हुए पुलिस ने फैसला आने के पहले ही कोर्ट के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए थे। इसके लिए गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों की पुलिस फोर्स कोटद्वार बुलाई गई है। अदालत के बाहर की सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है।
500 पेज का आरोपपत्र दाखिल हुआ था

बता दें कि, बीते 19 मई को हुई केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के वकील विशेष लोक अभियोजक अवनीश नेगी ने बचाव पक्ष की बहस का जवाब दिया था। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और सुनाने के लिए 30 मई की तिथि निर्धारित की थी। इस केस की पहली सुनवाई 30 जनवरी 2023 को कोटद्वार स्थित एडीजे कोर्ट हुई थी। एसआईटी जांच के बाद अभियोजन पक्ष की तरफ से कोर्ट में 500 पेज का आरोपपत्र दाखिल किया गया था, जिसमें वनंत्रा रिजाॅर्ट के मालिक पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर अंकिता की हत्या का आरोप लगाया गया था।
कोर्ट परिसर के बाहर धारा 163 लागू
आरोप तय होने के बाद 28 मार्च, 2023 से अभियोजन पक्ष की गवाही शुरू हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष की तरफ से विवेचक समेत 47 गवाह अदालत में परीक्षित कराए गए। हालांकि जांच टीम यानी एसआईटी ने कुल 97 लोगों को गवाह बनाया गया था, जिनमें से 47 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत के फैसले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एसडीएम कोटद्वार सोहन सिंह सैनी ने कोर्ट परिसर के 200 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू कर दी है। साथ ही कोटद्वार में चार और पौड़ी में एक मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई है। कोई भी व्यक्ति समूह में कोर्ट के 200 मीटर के दायरे में प्रवेश नहीं सकता है। इसके साथ ही धरना, प्रदर्शन और नारबाजी को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।









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