
नई दिल्ली। Indian Navy: रक्षा क्षेत्र में तेजी से उभर रहे भारत ने अब अपना खुद का पहला 3D एयर सर्विलांस रडार (3D-ASR) – लांजा-एन कमीशन किया है, जो भारतीय नौसेना के युद्ध पोतों पर लगाया जायेगा। पहली बार ऐसा होगा जब लांजा-एन स्पेन से बाहर काम करेगा। इस रडार के शामिल हो जाने से नौ सेना और भी ताकतवर हो जाएगी।
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एडवांस लॉन्ग-रेंज एयर डिफेन्स सिस्टम है

विशषज्ञों का कहना है कि, ये लांजा-एन-इंद्रा का लांजा 3D रडार दुनिया के सबसे एडवांस लॉन्ग-रेंज एयर डिफेन्स और एंटी-मिसाइल रडार में से एक है। ये हवा और सतह दोनों लक्ष्यों को 3D में ट्रैक करता है। इसकी रेंज 254 नॉटिकल माइल्स यानी करीब 470 किलो मीटर है। ये रडार ड्रोन, सुपरसोनिक फाइटर जेट, एंटी-रेडिएशन मिसाइल, और नौसैनिक प्लेटफॉर्म को भी आसानी से कैच करने में माहिर है।
सख्त समुद्री परीक्षण हुआ
खराब मौसम में भी ये रडार दुश्मन के हमलों पर नजर रखने और उनकी मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। स्पेन की कंपनी इंद्रा ने इसे भारतीय महासागर की नमी और गर्मी के हिसाब से निर्मित किया है। रडार को नौसेना के युद्धपोत के सभी सिस्टम से जोड़ा गया है। सेना में शामिल करने से पहले इसका सख्त समुद्री परीक्षण किया गया। इस दौरान विभिन्न नौसैनिक और हवाई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया और रडार की क्षमता आंकी गई।
2020 में हुए समझौते के तहत हुआ संभव

एक रिपोर्ट के अनुसार, ये उपलब्धि टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) और इंद्रा के बीच साल 2020 में हुए समझौते के चलते संभव हो पाई है। इस समझौते के तहत 23 रडारों की डिलीवरी होनी है, जिनमें से तीन पूरे इंद्रा कंपनी से आएंगे जबकि बाकी 20 को टाटा कंपनी द्वारा भारत में असेंबल किया जाएगा। बता दें कि, टाटा ने कर्नाटक में एक रडार असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी बनाई है, जो डिलीवरी को तेज करने में मददगार साबित होगी।
बढ़ जाएगी नौसेना की ताकत
स्पेन की इंद्रा कंपनी में बने लांजा 3D रडार को भारतीय नौ सेना के फ्रिगेड डिस्ट्रॉयर और एयरक्राफ्ट कैरियर पर लगाया जाएगा। इस रडार के युद्धपोत में लगने के बाद भारतीय नौसेना की ताकत और भी ज्यादा बढ़ जाएगी। खासकर दुश्मन के ड्रोन, जेट और मिसाइलों को निशाना बनाकर उन्हें हवा में मार गिराएगा। लांजा-एन रडार मॉड्यूलर, सॉलिड-स्टेट और पल्स्ड टैक्टिकल रडार है, जो सभी प्रकार के हवाई और सतही लक्ष्यों को ट्रैक करने में सक्षम है।
बेंगलुरु में स्थापित है फैक्ट्री

इस बारे में बात करते हुए TASL के CEO और MD सुकर्ण सिंह का कहना है कि, स्पेन की कंपनी इंद्रा के साथ हमारा सहयोग भारत में रडार निर्माण क्षमता को मजबूत करने का प्रतीक है। इसके लिए हम स्थानीय सप्लाई चेन और तकनीकी विशेषज्ञता से उन्नत रक्षा प्रणालियों का इकोसिस्टम बना भी रहे हैं, जिससे उत्पादन और असेंबल और सप्लाई में तेजी आएगी।
इस डील को लेकर इंद्रा के नेवल बिजनेस यूनिट की हेड आना बुएंडिया ने कहा, यह प्रोजेक्ट रडार डिलीवरी से आगे है। स्थानीय उत्पादन में तेजी लाने के मकसद से हमने टाटा के साथ मिलकर बेंगलुरु में एक फैक्ट्री स्थापित की है।
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