
युवाओं के लिये प्रेरणास्रोत है शिकागो धर्म संसद के वक्तव्य
अम्बिकापुर। Swami Vivekananda: श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को एकल व्याख्यान आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता डा. परमानन्द अग्रवाल और प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने मां सरस्वती, श्री साई नाथ तथा स्वामी विवेकानन्द की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों को स्वागत पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।
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भारतीयों को दुनिया में दिलाया सम्मान

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि स्वामी जी ने भारतीयों को दुनिया में सम्मान दिलाया। 19वीं शताब्दी में भारत धर्म, ज्ञान, आध्यात्म की दुनिया में स्थापित हो चुका था जिसे स्वामी जी ने संसार के सामने प्रस्तुत किया। उनकी प्रेरणा और आदर्श ही राष्ट्रीय सेवा योजना के लिए पाथेय बना हुआ है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मेडिकल कॉलेज के एनॉटामी विभाग के डा. परमानन्द अग्रवाल ने कहा कि देश के युवाओं को स्वामी जी ने जो गति दी वो आज भी दिखती है। उन्होंने कहा कि जो मन से शरीर से जीवन के प्रति सकारात्मक विचार रखते हैं, वही युवा हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान आधारित समाज हमेशा प्रभावी रहेगा और उससे विश्व विजेता बना जा सकता है।
विश्व धर्म संसद से अवगत कराया

इस अवसर पर उन्होंने शिकागों में 1893 में आयोजित विश्व धर्म संसद के सम्बोधन से अवगत कराया। स्वामी जी के शिकागो यात्रा के दौरान राजा अजीत सिंह के सहयोग को स्मरण कराया। अतिथियों को आभार सहायक प्राध्यापक कृष्णाराम चौहान ने प्रकट किया।
कार्यक्रम के दौरान यशराज सिंह, हिमांशु गर्ग, देवेन्द्र प्रताप सिंह, आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, लाइफ साइंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविन्द तिवारी, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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