
नई दिल्ली। Myanmar-Thailand Earthquake: म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार 28 मार्च को आए भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। अकेले म्यांमार में 694 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस भूकंप में अब तक 1500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।
इन देशों में भी महसूस हुए झटके

उधर, थाईलैंड में आए भूकंप में करीब 10 लोगों की मौत की खबर है। इस दैवीय आपदा के बाद म्यांमार ने आपातकाल लगा दिया है। इस भयानक भूकंप का असर सिर्फ म्यांमार ही नहीं बल्कि आसपास के देशों में भी महसूस किया गया है। भूकंप के झटके भारत, चीन और नेपाल समेत पांच देशों में महसूस किया गया है
थाईलेंड में भी भारी नुकसान

म्यांमार के अलावा थाईलैंड में भी भूकंप से जान माल का भारी नुकसान हुआ है। वहीं चीन, नेपाल और भारत भी इसकी जद में आया। हालांकि इन देशों में किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। शनिवार की रात में भी म्यांमार और अफगानिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह करीब 5:16 बजे अफगानिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
बढ़ सकता है मौतों का आंकड़ा

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) का अनुमान है कि, मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो सकती है। इधर, अस्पतालों में खून की भारी कमी होने की खबरें आ रही हैं। म्यांमार में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं, लेकिन हर जगह मलबे के ढेर, टूटी सड़कें और ढही इमारतें दिखाई दे रही हैं। वहीं, म्यांमार के सरकारी अखबार ग्लोबल न्यू लाइट के अनुसार, पांच शहरों और कई कस्बों में इमारतें ढह गई हैं और दो बड़े पुल भी ढह गए हैं।
इमारतें, सड़कें और पुल टूटे

इस विनाशकारी भूकंप ने मांडले, नेपीता, यांगून और कई अन्य शहरों में इमारतों, पुलों और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचाया है, लेकिन सबसे ज्यादा मौतें नेपीता में हुई हैं। यहां 90 से ज्यादा लोगों की मौत होने की खबर है। म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने टेलीविजन पर बताया कि अब तक देश में 144 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। भूकंप का केंद्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के पास था। झटकों के बाद कई आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद के झटके) भी महसूस किए गए, जिनमें से एक की तीव्रता 6.4 मापी गई।
रुइली शहर भी आया था जद में

वहीं, म्यांमार सीमा पर स्थित रुइली शहर में भूकंप के कारण नुकसान हुआ और लोग घायल हुए। रुइली का एक वीडियो सामने आया, जिसमें सड़क पर इमारत का मलबा बिखरा हुआ था और एक व्यक्ति को स्ट्रेचर पर एंबुलेंस की ओर ले जाया जा रहा है। रुइली से करीब 100 किलोमीटर उत्तर पूर्व में स्थित चीनी शहर मंगशी में भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग खड़े भी नहीं हो पा रहे थे।
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सैन्य सरकार ने मांगी मदद
मांडले में आए भूकंप ने शहर के एक प्रमुख मठ समेत कई इमारतों को जमींदोज कर दिया। राजधानी नेपीता में सरकारी कर्मचारियों की कई आवासीय इमारतें भी मलबे में तब्दील हो गईं। आपदा में घायल हुए लोगों से अस्पताल भरे पड़े हैं। इस आपदा के बाद म्यांमार को दवाओं और अन्य राहत सामग्री की कमी से जूझना पड़ रहा है। सैन्य सरकार ने विदेशी सहायता स्वीकार करने की घोषणा की है।
भारत ने भेजी सहायता राशि

संयुक्त राष्ट्र ने शुरुआती राहत कार्यों के लिए 50 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि जारी कर दी है। चीन और रूस ने म्यांमार में बचाव दल भेज दिए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी अमेरिकी मदद की बात कही है। इधर, भारत ने सहायता के तौर पर म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री भेजी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आदान-प्रदान की जानकारी साझा की है।
???????? dispatches first tranche of urgent humanitarian aid for the people of Myanmar. @IAF_MCC C-130 is carrying blankets, tarpaulin, hygiene kits, sleeping bags, solar lamps, food packets and kitchen set. A search & rescue team and medical team is also accompanying this flight.… https://t.co/ONzOsHFSp2 pic.twitter.com/0p3OtTIlj5
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) March 29, 2025
राहत सामग्री भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के सी-130जे विमान में सवार होकर म्यांमार भेजी गई। राहत पैकेज में टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार खाना, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जेनरेटर सेट और पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, सीरिंज, दस्ताने और पट्टियाँ जैसी आवश्यक चीजें शामिल हैं।
#OperationBrahma gets underway.
First tranche of humanitarian aid from India has reached the Yangon Airport in Myanmar.
???????? ???????? pic.twitter.com/OmiJLnYTwS
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) March 29, 2025
मठ और बांध भी धराशायी

सोशल मीडिया पर सामने आये एक वीडियो में आप देख सकते हैं कि, मांडले की एक सड़क पर भिक्षु अपने मठ मा सोए याने का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे, तभी यह पूरी तरह से ढह गया। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस हादसे में कोई घायल हुआ है या नहीं। क्रिश्चियन एड नामक एक संगठन ने कहा कि भूकंप के कारण एक बांध भी टूट गया, जिससे शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। इस भूकंप का असर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी महसूस किया गया। यहां एक निर्माणाधीन 33 मंजिला इमारत पूरी तरह से ढह गई।
थाई सरकार बोली- भयानक त्रासदी

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत के गिरते ही पूरे इलाके में धूल छा गई। लोग दहशत में चीखने-चिल्लाने लगे और सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई। बैंकॉक प्रशासन के मुताबिक इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, 16 घायल हैं और 101 लोग लापता हैं। थाई सरकार ने इसे ‘भयानक त्रासदी’ करार दिया है। सरकार का कहना है कि, कुछ लोगों के अभी भी जीवित होने की उम्मीद है।
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