
नई दिल्ली। Chief Justice Attack Case: गत सोमवार को एक संवेदनशील केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की तरफ जूता फेंकने के खबर से देश को हलकान कर दिया। लोगों के बीच चर्चा होने लगी कि जब देश के मुख्य न्यायधीश के साथ इस तरह के शर्मनाक हरकत की जा सकती है तो किसी और की क्या बिसात। वहीं, इसे लेकर अब मिशन अंबेडकर नगर के संस्थापक सूरज बौद्ध ने भारत के अटॉर्नी जनरल आर वेंकटारमणि को पत्र लिखा है और धार्मिक उपदेशक अनिरुद्धाचार्य व यूट्यूबर अजीत भारती के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की इजाजत मांगी है। सूरज का आरोप है कि आरोपी राकेश किशोर ने इन्हीं दोनों के उकसावे में आकर सीजेआई पर हमले की कोशिश की थी।
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अटॉर्नी जनरल को भेजा पत्र

आपको बता दें कि, किसी निजी व्यक्ति को कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही शुरू करने से पहले अटॉर्नी जनरल की अनुमति लेनी होती है। अटॉर्नी जनरल को भेजे गये पत्र में बौद्ध सूरज ने अनिरुद्धाचार्य के उस वीडियो का हवाला दिया है जो 21 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें अनिरुद्धाचार्य ने भगवान विष्णु की मूर्तियों से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर चीफ जस्टिस बीआर गवई को धमकी दी थी और कहा था कि, ‘अगर तुम्हारा सीना चीरना हो तो बता देना’। पत्र में सूरज ने यूट्यूबर अजीत भारती द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक बयानों का भी हवाला दिया है।
अजीत से हुई पूछताछ
बता दें कि, एक न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया जा रहा है कि, मंगलवार सात अक्टूबर को अजीत भारती के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उनसे पूछताछ की गई थी। ये पूछताछ उनसे नोएडा के सेक्टर 58 और 12-22 चौकी पर और डीसीपी कार्यालय में हुई थी। इस बारे में बात करते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि, उन्हें उनके हालिया ‘एक्स’ की पोस्ट को लेकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
हालांकि, उन्हें इस पूछताछ के बाद गिरफ्तार नहीं किया गया। इसके बाद भारती ने भी एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वह ठीक है, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। बौद्ध ने अटानी जनरल को भेजे अपने पत्र में लिखा है कि, अनिरुद्धाचार्य और अजीत भारती ने बयानों और पोस्ट ने ही चीफ जस्टिस के खिलाफ हिंसा भड़काई है। इस तरह की उकसावे की भाषा और तेवर अत्यंत खतरनाक है। इनके इस तरह के पोस्ट वायरल होकर गर्मा गर्म बहस को तनाव को जन्म देते हैं।
चीफ जस्टिस जूता फेंकने का मामला
बौद्ध ने पत्र में ये भी कहा है कि, भारत के सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में इस तरह की ये पहली घटना है, जब किसी चीफ जस्टिस पर जूता फेंका गया है, अगर ऐसे व्यक्ति को न्याय के कटघरे में न खड़ा किया गया तो, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और हमारे लोकतंत्र की नींव खतरे में पड़ जाएगी। किसी भी कोर्ट या जज को बिना किसी डर और पक्षपात के अपने कर्तव्य का निर्वहन करने से नहीं रोका जाना चाहिए।
सीजेआई की पहचान पर उठाया सवाल

गौरतलब है कि, छह अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के 71 वर्षीय वकील राकेश किशोर ने एक केस की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की थी। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता के चलते जूता सीजेआई तक नहीं पहुंच सका और आरोपी राकेश को तत्काल हिरासत में ले लिया गया। इस घटना के बाद बार काउन्सिल ऑफ़ इंडिया ने तत्काल प्रभाव से उनका लाइसेंस रद्द कर दिया।
हालांकि, चीफ जस्टिस ने राकेश किशोर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपी को जेल नहीं भेजा जा सका। पूछताछ में आरोपी ने कहा उसे अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है, उसने खुद को सही ठहराया और कहा सीजेअई और सुप्रीम कोर्ट सनातन धर्म के खिलाफ हैं। राकेश किशोर ने चीफ जस्टिस की दलित और बौद्ध पहचान पर भी सवाल उठाया। बता दें कि, गवई पहले बौद्ध और दूसरे दलित हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश बने हैं।
कौन हैं अजीत भारती
वहीं, यूट्यूबर अजीत भारती की बात करें तो वे बिहार के बेंगूसराय जिले के रहने वाले हैं और खुद को पत्रकार और लेखक बताते हैं। उनके यू ट्यूब चैनल का नाम ‘डू पॉलिटिक्स ‘ है। इस चैनल पर सात लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं और एक्स पर उनके पांच लाख से अधिक फालोअर्स हैं। भारती जब तब अपने बयानों और पोस्ट की वजह से विवादों में घिरते रहते हैं। वो स्पष्ट तौर पर बीजेपी और कट्टरपंथी समूहों को पसंद आने वाली भाषा में टिप्पणियां करते हैं।
क्यों रहते हैं विवादों में
हाल में उनका जो वीडियो विवाद में आया था, उसमें वे चीफ जस्टिस पर तंज कसते हुए मुस्कराते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के साथ उन्होंने कैप्शन लिखा था ‘गवई एक घटिया और अयोग्य जज हैं, और उन पर (अदालत की) अवमानना का केस चलना चाहिए। भारती ने वीडियो में आगे कहा है “हाल ही में एक तस्वीर में उनके जूते देखने के बाद, मैं ‘जूते और चीफ जस्टिस’ पर एक वीडियो बनाना चाहता था, लेकिन कुछ वजह के चलते वे वह वीडियो नहीं बना सके। खैर, लगता है तब से ‘जूते’ उनसे चिपके हुए हैं!”
अनिरुद्धाचार्य भी आ चुके हैं चर्चा में
वहीं, अनिरुद्धाचार्य की बात करें तो वे खुद को मथुरा के संत और कथावाचक बताते हैं। अनिरुद्धाचार्य को ‘पूकी बाबा’ के नाम से भी जाना जाता है। वृन्दावन में स्थित गौ गोपाल आश्रम की स्थापना भी इन्होंने ही की है। अनिरुद्धाचार्य दूसरे धर्मों और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवादों में आ चुके हैं।
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