Home » राज्य » Common Civil Code: इस राज्य में भी लागू होगा UCC, सरकार ने किया समिति का गठन

Common Civil Code: इस राज्य में भी लागू होगा UCC, सरकार ने किया समिति का गठन

[the_ad id="14540"]
Common Civil Code

 गुजरात। Common Civil Code:  कॉमन सिविल कोड को देश भर में लागू करने का फैसला कर चुकी केंद्र की बीजेपी सरकार के नक्शे कदम पर चलते हुए उसके मुख्यमंत्रियों ने इसे अपने-अपने राज्यों में लागू करना शुरू कर दिया है। कॉमन सिविल कोड यानी यूसीसी सबसे पहले उत्तराखंड में लागू किया गया था। इसके बाद अब इसे गुजरात में भी लागू करने की बात कही जा रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इस मामले को लेकर संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता की है।

इसे भी पढ़ें- GUJCET 2025: गुजरात कॉमन एंट्रेस 2025 की डेट जारी, यहां जानें सिलेबस और एलिजिबिलिटी

सभी धर्मों के गुरुओं से होगी चर्चा

पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसके तहत राज्य में कॉमन सिविल कोड (UCC) को लेकर समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा, बनाई गई समिति द्वारा सभी धर्मों के गुरुओं से चर्चा करने के बाद ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

पीएम मोदी के संकल्प को पूरा करना है मकसद

पत्रकारों से बात करते हुए सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि भारत संविधान की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में  समान नागरिक हक के लिए कॉमन सिविल कोड (UCC) पर अमल करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने जितने वादे किए थे, वह सब एक के बाद एक पूरे किये जा रहे हैं। इसी दिशा में गुजरात भी पीएम मोदी के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

रंजना देसाई की अध्यक्षता में गठित  हुई समिति

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा, गुजरात सरकार सभी नागरिकों के समान हक की दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य में कॉमन सिविल कोड के लिए रंजना देसाई की अध्यक्षता में समिति का गठन कर दिया गया है। समिति में अध्यक्ष समेत पांच सदस्य होंगे। इसमें सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना देसाई, सीएल मीणा, आरसी कोड़ेकर, दक्षेश ठाकर और गीता श्रॉफ को नियुक्त किया गया है।

45 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट

उन्होंने कहा ये समिति 45 दिनों में राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसी के आधार पर  कॉमन सिविल कोड को अमल में लाने का फैसला किया जायेगा। इसके साथ ही सीएम पटेल ने ये भी स्पष्ट किया कि कॉमन सिविल कोड (UCC) के नियम में आदिवासी समाज के रीति रिवाजों को भी संरक्षित किया जायेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने जनता से जो वादा किया है, उसको ध्यान में रख कर ही काम किया जायेगा। किसी के साथ कोई नाइंसाफी नहीं होगी।

इसे भी पढ़ें- Canadian PM: कनाडाई पीएम पद की दौड़ में शामिल हैं भारतीय मूल की ये सांसद

Leave a Comment

[the_ad id="14784"]
[the_ad id="14787"]
Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?