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समीक्षकों ने की तारीफ़
दरअसल, पाकिस्तान में आये दिन हिन्दुओं की सुरक्षा का मुद्दा उठता रहता है। ऐसे में रामायण का मंचन अपने आप में बड़ी बात है। योहेश्वर करेरा ने कहा, ‘मंच पर रामायण का मंचन करना मेरे लिए अद्भुत अनुभव है। उन्होंने कहा, इस मंचन से ये भी साबित होता है कि, पाकिस्तान जितना दिखता है, उससे कहीं ज्यादा सहिष्णु है। करेरा ने बताया, नाटक को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और कई समीक्षकों ने इसके निर्देशक, निर्माणकर्ता और कलाकारों के अभिनय की सराहना की है।’
भव्यता ने लगाए चार चांद

पाकिस्तान के कई फिल्म समीक्षकों ने कहा कि, वे कहानी लिखने और कलाकारों द्वारा मंच पर ईमानदारी से उसका प्रदर्शन करने के गुण से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, रामायण मंचन के दौरान लाइट की व्यवस्था, संगीत, कलाकारों के रंग-बिरंगे परिधान और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने इस शो की भव्यता में चार चांद लगा दिए। समीक्षकों ने कहा, ‘रामायण की कहानी दुनिया भर के लाखों लोगों को जोड़ने का काम करती है।’
कराची में हुई रामलीला में माता सीता की भूमिका निभाने वाली राणा काजमी ने कहा कि इस प्राचीन कथा को दर्शकों के लिए एक जीवंत अनुभव के रूप में प्रस्तुत करने के विचार से ही वे काफी रोमांचित थी और अभिनय के बाद तो उन्हें काफी अच्छा महसूस हुआ।
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