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Putin Visit to India: रूस, भारत में बनाएगा टैंक टी-14 अर्माटा!, पुतिन की यात्रा से पहले दिया ये खास ऑफर

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Putin Visit to India

मास्‍को। Putin Visit to India: रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन इस साल पहली बार भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति की इस यात्रा से पहले रूस ने भारत को सुखोई-57 स्‍टील्‍थ फाइटर जेट बनाने का प्रस्‍ताव दिया है। भारत अगर इस प्रस्ताव को मान लेता है ,तो सुखोई 57 स्टील्थ फाइटर आने  वाले समय में भारत में बनाया जायेगा। इस बीच एक और अहम खबर सामने आ रही है कि, रूस अपने आधुनिक टैंक टी-14 अर्माटा को भी भारत में बनाने के लिए रेडी हो गया है। इसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली टैंकों में एक माना जाता है।

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भारत को है टैंक की सख्त जरूरत

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रूस, भारतीय सेना की सुविधा के अनुरूप टी-14 टैंक को एक स्‍पेशल वेरिएंट देने के लिए तैयार है। इस टैंक को बनाने वाली रूसी कंपनी, भारत की कंपनी के साथ ज्‍वाइंट वेंचर के तहत टी-14 टैंक को बनाना चाहती है। दरअसल, भारत को अगली पीढ़ी के टैंक की सख्‍त जरूरत है। बता दें कि, भारत दशकों से रूस से टैंक खरीदता रहा है, फिर चाहे वह टी-72 हो या फिर आधुनिक टी-90 टैंक। आइए जानते हैं रूसी टैंक टी-14 अर्माटा की ताकत और खूबियों के बारे में…

एआई से लैस है टी-90 टैंक

रूस आर्मटा टैंक की तकनीक भारत के साथ शेयर करके इसका संयुक्त रूप से उत्पादन करना चाहता है। रूस के अर्माटा की तरह ही टी-90 टैंक भी भारत में बनते हैं, जो इस समय भारतीय सेना के मुख्य युद्धक टैंक हैं। ये टैंक में पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम से युक्त हैं। इसके बुर्ज या बुर्ज में किसी सैनिक के बैठने की जरूरत नहीं है। इसे इस्तेमाल करने के लिए टेक्नोलाजी का सहारा लिया जाता है। टी-90 को एआई तकनीक से भी सुसज्जित किया गया है। इसे चलाने वाले सैनिक पूरी तरह से सुरक्षित रहते हैं क्योंकि चारों तरफ से घिरे बख्तरबंद कैप्सूल के अंदर सुरक्षित रहते हैं। रूसी सेना के तकनीकी अधिकारी व्लादिमीर ड्रोझझोव ने साल 2023 में ही कहा था कि, रूस भारत के साथ यह तकनीक साझा करने को तैयार है। अब पुतिन के दौरे से पहले इस टैंक को लेकर फिर से बातचीत शुरू हो गई है।

दुश्मन देश बढ़ा रहे ताकत

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आपको बता दें कि, टैंक खरीद को लेकर भारत और रूस के बीच पिछले कई सालों से बातचीत चल रही है। दरअसल, भारतीय सेना में मौजूद टैंक टी-72 और टी-90 अब काफी पुराने हो चुके हैं। ऐसे में भारत को आधुनिक पीढ़ी के टैंकों की सख्त आवश्यकता है क्योंकि भारत के पड़ोसी और दुश्मन देश चीन और पाकिस्तान लगातार अपनी टैंक ताकत बढ़ा रहे हैं। ऐसे में भारत को भी टैंक ताकत बढ़ाना जरूरी हो गया है।

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भारत जल्द ही जारी करेगा टेंडर

माना जा रहा है कि, भारत जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय टेंडर जारी कर सकता है। हालांकि, अभी ये स्पष्ट नहीं है कि, भारत पुतिन के प्रस्ताव को स्वीकार करेगा या नहीं क्योंकि इसके पीछे एक बड़ी वजह पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंध हैं। साथ ही, पश्चिमी देश लगातार भारत और रूस की दोस्ती को धमकियां दे रहे हैं। ट्रंप तो रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 125 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी भी दे रहे हैं। ट्रंप ने कई बार धमकी दी है कि, जो भी देश रूस के साथ व्यापार करेंगे, अमेरिका उनके खिलाफ सख्त प्रतिबन्ध लगाएगा।

ये देश भी बेंचना चाहते हैं भारत को टैंक

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रूस चाहता है कि, भारत उसके फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल (FRCV) प्रोजेक्ट के लिए T-14 को मंज़ूरी दे। भारत का T-72 टैंक 40 साल से ज़्यादा पुराना है। भारत ने अपना स्वदेशी अर्जुन टैंक बनाया है, लेकिन इसे बहुत कम संख्या में शामिल किया जा रहा है। भारत चाहता है कि, आत्मघाती ड्रोन और हमलावर ड्रोन के बढ़ते खतरे के बीच FRCV को और ज़्यादा सुरक्षा उपायों से लैस किया जाए। इसमें निगरानी और जासूसी क्षमताएं भी शामिल हैं। फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी और इटली भी भारत को अपने टैंक बेचना चाहते हैं।

2015 में रूस ने किया था प्रदर्शन

रूस ने अपने टी-14 टैंक के डिजाइन में काफी परिवर्तन किया है। रूस के टी-14 टैंक का वजन 55 टन है। यह पहला रूसी टैंक है जिसका बुर्ज बिना किसी सैनिक के होगा। इस टैंक को चलाने के लिए 3 सैनिकों के दल जरूरत होती है। इस टैंक को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि, इसके अंदर मौजूद सैनिक दुश्मन के हमले से बच जाते हैं। इस टैंक का निर्माण रूसी कंपनी यूरालवगोनजावोद ने किया है। इसे पहली बार साल 2015 में विक्ट्री डे परेड के दौरान दुनिया के सामने प्रदर्शित किया गया था। इसमें 125mm की 2A82-1M गन लगी है।

माइनस 50 के तापमान में भी काम करने में सक्षम

इस गन से लेजर गाइडेड मिसाइल भी दागी जा सकती है। यह टैंक माइनस 50 के तापमान में भी काम कर सकता है। इससे यह टैंक लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक के ठंडे इलाकों में आसानी से काम कर सकेगा। साथ ही भारत चीन को करारा जवाब दे सकेगा। चीन का दावा है कि उसका VT-4 टैंक दुनिया के सबसे बेहतरीन टैंकों में शामिल है।

 

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