
लखनऊ। Investigation: गत दिवस सूबे की राजधानी लखनऊ के गुडंबा इलाके के बेहटा गांव में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। खबर है कि इस गांव में स्थित अधिकांश घरों में पटाखा बनता है, लाइसेंस सिर्फ तीन लोगों के पास है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये पटाखे लाइसेंस धारक ही ग्रामीणों से बनवा रहे हैं या फिर लोग खुद से ही बिना लाइसेंस के पटाखे बना रहे हैं या फिर कोई बाहरी व्यक्ति ठेके पर इनसे पटाखे बनवा रहा है।
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तीन के खिलाफ FIR

अब तक की जांच में जो भी सामने आया है उससे साफ़ कहा जा सकता है कि बेहटा गांव बारूद के ढेर पर बैठा है। यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। एक सितबर को हुए ब्लास्ट के बाद से आस पास के लोगों में दहशत है। फ़िलहाल गुडंबा पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं, जांच में बड़ी मात्रा में बारूद बरामद किया है।
दो की मौत
बता दें कि बेहटा गांव में गत दिवस सात घंटे के अंदर दो ब्लास्ट हुए। पहला धमाका सुबह हुआ। इस घटना में पटाखा फैक्ट्री के मालिक आलम (50) और उनकी पत्नी मुन्नी (48) की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गये। इस धमाके से आसपास के पांच अन्य घर भी क्षतिग्रस्त हो गये। अभी इस हादसे से लोग उबर भी नहीं पाए थे, कि शाम करीब साढ़े छह बजे आलम के घर से एक किलोमीटर दूर दूसरे गांव में सेमरा मंदिर भुइयां के पास एक कमरे में रखे पटाखों से विस्फोट हुआ।
विस्फोट में उड़ी छत
बताया जा रहा है कि ये विस्फोट सुबह आलम की फैक्ट्री में हुए विस्फोट से चार गुना अधिक तेज था। विस्फ़ोट से कमरे की दीवारें और छत उड़ गई। इस घटना से आस पास के इलाके में दहशत फ़ैल गई। वहीं, हादसे में एक गाय की मौत हो गई और एक भैस घायल हो गई। स्थानीय लोगों की मानें तो ये कमरा आलम के भतीजे शेरू का था।
पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन

धमाके की खबर मिलते ही डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह, एडीसीपी पूर्वी पंकज, एसीपी अनिग्ध विक्रम सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंशुल मित्तल, नायब तहसीलदार आकाश पांडेय और बम निरोधक दस्ते बेहटा गांव में पहुंच गये और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने कई टीमें बनाकर गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, तो पता चला कि यहां और भी कई घर हैं जहां अवैध तरीके से पटाखे बनाये जा रहे हैं।
कई ठिकानों पर छापेमारी
इसके बाद पुलिस ने सबसे पहले गांव के ही नसीम, शेरू और अली अकबर के कई ठिकानों पर छापे मारी की और भारी मात्रा में बारूद समेत पटाखा बनने में लगने वाले अन्य बरामद किये। पुलिस ने तीनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, गैर इरादतन हत्या के प्रयास, आपराधिक कृत्य में शामिल होने व विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि अभी आगे भी जांच जारी रहेगी।
कहां से आ रहा बारूद

डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह का कहना है कि इस बात की जांच की जा रही है कि, कहीं लाइसेंस धारक ही ग्रामीणों से पटाखे तो नहीं बनवा रहे हैं। साथ ही ये भी पता लगाने की कोशिश की जा रही हैं कि कोई बाहरी लाइसेंस धारक तो ग्रामीणों को बारूद और अन्य सामान उपलब्ध कराकर पटाखे तो नहीं बनवा रहा है। साथ ही पुलिस ये भी जांच कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे बनाने के लिए लोगों को बारूद कहां से मिल रहा है।
महबूब के किया खुदा का शुक्रिया
इस घटना में मूल रूप से बाराबंकी के अमरसंडा गांव के रहने वाले ई रिक्शा चालक महबूब का घर का पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गया। महबूब खुदा का लाख-लाख शुक्रिया अदा करते हुए कहते हैं अच्छा हुआ उनका परिवार गांव आ गया था, नहीं तो आज कोई जिन्दा नहीं बचता। महबूब बताते हैं कि तीन साल पहले वे बेहटा स्थित अपने घर की दीवार पर टिन शेड डालकर पत्नी शाहीन और तीन बच्चों के साथ रहने लगे थे और घर की छत डलवाने की जुगाड़ में थे, लेकिन व्यवस्था न होने की वजह से घर की छत नहीं पड़ सकी, जिससे एक साल बाद ही वे परिवार सहित वापस अपने गांव बाराबंकी आ गये थे और अपना घर मोहम्मद अजीज को किराये पर दे दिया था।
तिरपाल के नीचे कटी रात
महबूब कहते हैं कि, अगर छत पड़ गई होती तो उनका परिवार वहीं होता और शायद आज कोई जिन्दा न बचता। महबूब के घर में किराये पर रह रही अजीज बताती हैं कि, विस्फोट की चपेट में आई उनकी बेटी हूरजहां पत्नी इमरान के सिर में 20 टांके लगे हैं। उसे उल्टियां भी खूब हो रही हैं। घर मलबे में तब्दील हो चुका है। परिवार में सात सदस्य हैं, किसी ने भी हादसे के बाद से कुछ नहीं खाया है। पूरी रात तिरपाल के नीचे बीती है। घर गिर जाने से सारा सामान भी मलबे के नीचे दब गया है, अब फिर से सब कुछ नये सिरे से जुटाना होगा।
सौ मीटर गिरा बछड़ा

उधर, सेमरा भुइयां मंदिर के पास शाम को हुए दूसरे धमाके में मिश्रपुर डिपो निवासी मुन्नू की गाय की मौत हो गई जबकि भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई है। घटना के बारे में बात करते हुए मुन्नू ने बताया उनकी भैस का बच्चा शेरू के गोदाम के बाहर बैठा था। जब धमाका हुआ तो गोदाम के शटर के साथ उड़कर वह भी करीब सौ मीटर दूर जाकर गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई।
लोगों ने सड़क पर फेंका बारूद
ग्रामीणों का कहना है कि, एक के बाद एक हुए कई धमाके से लोगों में दहशत फ़ैल गई और पटाखा व्यवसायियों ने अपने घरों में रखा गोला बारूद निकाल कर सड़क पर फेंक दिया, जिसे देखकर लोग और अधिक डर गए। ग्रामीणों की मानें तो यासीन, बारिस और अफजल के पास पटाखा बनाने का लाइसेंस है, लेकिन पड़ताल में पता है कि गांव के आधे से अधिक घरों में पटाखा बनता है।
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