Home » शिक्षा » Seminar in Sai College: युवाओं से पूरा होगा विकसित भारत का लक्ष्य- डॉ. संतोष

Seminar in Sai College: युवाओं से पूरा होगा विकसित भारत का लक्ष्य- डॉ. संतोष

[the_ad id="14540"]
Seminar at Sai College
  • साई कॉलेज में दो दिवसीय सेमिनार का समापन

अम्बिकापुर। Seminar in Sai College: विकसित भारत का लक्ष्य युवाओं की भागीदारी, देश से गरीबी मिटाना, महिला शक्ति को पूरा अधिकार प्रदान करना है। व्यक्ति और परिवार की आय, क्रय शक्ति बढ़ेगी तो देश में समृद्धि आयेगी। यह बातें गुरूवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विकसित भारत के परिप्रेक्ष्य में कला, विज्ञान और प्रबंधन में भारतीय ज्ञान परम्परा विषय पर कला एवं मानविकी संकाय, आईक्यूएसी और छत्तीसगढ़ सोशियोलॉजीकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के समापन सत्र के दौरान मुख्य अतिथि राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र के अधिष्ठाता डॉ. संतोष सिन्हा ने कही।

इसे भी पढ़ें- National Seminar: भारतीय ज्ञान परम्परा की विरासत को संजोये रखना हमारी जिम्मेदारी

उन्होंने कहा कि कला सिर्फ कला के लिए नहीं है, उसमें सौन्दर्य, जीवन और आध्यात्म भी है। डॉ. सिन्हा ने वैदिक गणित, खगोल, नैतिक मूल्यों को अवगत कराते हुए कहा कि भारतीय सभ्यता संस्कृति विश्व कल्याण की बात करती है। मारे कृषि, बागवानी के अनुसंधान किसानो से पूरे होते हैं। उनकी तत्परता और बुद्धिमत्ता से ही खाद्यान्न मिलता है।

Seminar at Sai College

इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ.राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि हमारी ज्ञान परम्परा प्राचीन काल से समृद्ध रही है। ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान में हम अग्रणी रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और हनुमान प्रबंधन के लिए सबसे बड़े उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के 100 वर्ष यानि 1947 में विकसित भारत का लक्ष्य समृद्धि के साथ पुरा करना है।

Seminar at Sai College

सेमिनार के संयोजक डॉ. आर.एन. शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा विश्व शांति का संदेश देती है। विदेशियों ने आक्रमण के दौरान भारतीय मंदिरों को तो तोड़ा ही बल्कि हमारे ज्ञान और आत्मा पर प्रहार किया। उन्होंने शल्य चिकित्सा के सन्दर्भ में गलिदारी गुरूची, ब्राह्मी के गुण बताये। कापालिक तंत्र साधना और ह्यमन एनॉटामी से अवगत कराया। डॉ. शर्मा ने दो दिवसीय सेमिनार के बारे में बताया कि 250 से अधिक शोध पत्रों का वाचन हुआ। ऑनलाइन और ऑफ लाइन दोनों मोड में श्रोता जुड़े रहे।

Seminar at Sai College

तकनीकी सत्र के दौरान विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरएन खरे ने शोध पत्र प्रस्तुत किया। छत्तीसगढ़ सोशियोलॉजीकल एसोसिएशन की अध्यक्ष, शहीद नंद कुमार पटेल कॉलेज वीरगांव रायपुर की प्राचार्य डॉ. प्रीति शर्मा ने भारतीय ज्ञान परम्परा और उसकी उपादेयता से अवगत कराया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. संतोष सिन्हा का स्वागत अंग वस्त्र, श्रीफल से किया गया। अतिथियों ने सेमिनार में शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले और विषय विशेषज्ञों को प्रमाण पत्र प्रदान किया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक देवेन्द्र दास सोनवानी, पल्लवी मुखर्जी ने किया।

Seminar at Sai College

इस अवसर पर लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, फिजीकल साईंस विभाग के अध्यक्ष शैलेष कुमार देवांगन, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार शाक्य, दीपक तिवारी आदि उपस्थित रहे।

 

इसे भी पढ़ें- Navratri Festival: झूपत-झूपत आवे दाई मोरे अंगना हो’ से सजा नवरात्रि उत्सव 

Leave a Comment

[the_ad id="14784"]
[the_ad id="14787"]
Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?