
Amitabh Bachchan Struggle: दुनिया भर में सदी के महानायक के नाम से जाने, जाने वाले अमिताभ बच्चन का यहां तक पहुंचने का सफर बिलकुल भी आसान नहीं था। इस नाम और शोहरत को कमाने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा है। साथ ही संघर्ष के दिनों में भी उन्होंने कुछ ऐसे सिद्धांतों का पालन किया, जिसने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया। इसका खुलासा खुद एक्टर ने एक बातचीत में किया। उन्होंने कहा- उनका ध्यान सिर्फ एक्टर बनने पर था, इसके अलावा उन्होंने किसी और काम के बारे में सोचा तक नहीं।
सिद्धांतों का किया पालन

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े और सफल सितारों में से एक माने जाते हैं। उनकी सफलता का एक बड़ा कारण यह है कि, वे समय के साथ खुद को बदलते रहते हैं। हालांकि, अपने करियर के शुरूआती दिनों में उन्होंने कई सिद्धांत बनाये और उनका सख्ती से पालन किया, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, उन सिद्धांतों की वजह से उन्हें काफी परेशानियां उठानी पड़ी।
ठुकराया 10 हजार का ऑफर
एक बातचीत में खुद बिग बी ने बताया था कि, अपने करियर के शुरुआती दिनों में वे ब्रांड विज्ञापनों के विचार से सहमत नहीं थे। साल 1960 के दशक में जब वे रेडियो स्पॉट्स से मात्र 50 रुपये कमा रहे थे, उस वक्त उन्हें एक विज्ञापन के लिए 10,000 रुपये ऑफर किया गया था, लेकिन उन्होंने से उसे लेने से इंकार कर दिया। बिग बी कहते हैं कि, उस समय उन्हें लगता था कि, विज्ञापनों के लिए मॉडलिंग करना उनके लिए ठीक नहीं होगा। यही वजह है कि, उन्होंने इस बड़ी को रकम छोड़ने का फैसला लिया।
मॉडलिंग से किया इनकार

बता दें कि, साल, 1999 में अमिताभ बच्चन ने वीर सांघवी को दिए एक इंटरव्यू में इस मुद्दे पर खुलकर बात की थी। उन्होंने कहा था कि, ब्रांड विज्ञापनों की मॉडलिंग के लिए कई विज्ञापन एजेंसियों ने उनसे संपर्क किया और अच्छी रकम देने की भी बात की थी, लेकिन मॉडलिंग को लेकर उनका दृष्टिकोण एकदम अलग था। महानायक ने ये भी बताया कि, एक विज्ञापन के लिए उन्हें 10,000 रुपये तक का ऑफर मिला, जो उस समय उनके लिए बहुत बड़ी रकम थी, लेकिन उन्होंने इस ऑफर को इंकार कर दिया।
एक्टर नहीं बनते, तो कैब चलाते
उन्होंने कहा, उन्हें ऐसा लग रहा कि, विज्ञापन करने से उनकी पहचान को नुकसान पहुंचेगा। अमिताभ का ये इंटरव्यू उस समय आया था, जब उनकी कंपनी ABCL (अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) कठिन दौर से गुजर रही थी और वे कुछ ब्रांड्स का प्रचार करके अपनी कंपनी को फिर से मजबूत करने के लिए पैसे जुटा रहे थे। बच्चन ने कहा, अगर वे अभिनेता नहीं बनते, तो वे कैब चलाते। उन्होंने कहा, “मैं जब मुंबई आया था तो अपना ड्राइविंग लाइसेंस लेकर आया था और ये सोच कर आया था कि, अगर मैं एक्टर नहीं बन पाया, तो कैब चलाऊंगा।”
अब विज्ञापनों से कमाते हैं करोड़ों

बिग ने कहा, उनके संघर्ष के दिनों में एक समय ऐसा भी आया था, जब उन्हें सड़कों पर सोना पड़ा। बावजूद इसके, वे विज्ञापनों में काम करने को तैयार नहीं थे। उन्होंने बताया, “उस वक्त उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं थी, जिससे उन्हें मरीन ड्राइव की बेंच पर सोना पड़ता था।’ हालांकि, सुपरस्टार बनने के बाद अमिताभ बच्चन ने कई बड़े ब्रांड्स के साथ विज्ञापनों में काम किया और अब वे महज विज्ञापनों के जरिए करोड़ों की कमाई करते हैं।
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