
Trump-Zelensky Clash: मिनरल डील पर साइन करने अमेरिका पहुंचे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ हुए दुर्व्यवहार के बाद ब्रिटेन में उन्हें भरपूर सम्मान मिला। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने गर्मजोशी में उनका स्वागत किया और गले लगाया। वहीं ब्रिटेन की जनता ने भी प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर उनके समर्थन में नारे लगाये। कीर स्टार्मर ने जेलेंस्की को हर संभव आर्थिक मदद का वादा तो दिया ही, साथ ही ये भी कहा कि ब्रिटेन, यूक्रेन के साथ तब तक खड़ा रहेगा जब तक संभव है। इतना ही नहीं ब्रिटेन के अलावा और भी कई यूरोपीय देशों ने जेलेंस्की का समर्थन किया है और उनके साथ ट्रंप द्वारा किये गये अपमानजनक व्यवहार की तीखी आलोचना कर रहे हैं। इस वाकये के बाद यूरोप दो धड़ों में बंटता हुआ नजर आ रहा है। कई देश अमेरिका को किनारे कर यूक्रेन का साथ देने का वादा कर रहे हैं।
Action, not just words.
Britain stands with Ukraine, today and always ???????????????? pic.twitter.com/pDFRjKQYH6
— Keir Starmer (@Keir_Starmer) March 1, 2025
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मीडिया के सामने हुई थी बहस

बता दें कि, बीते शुक्रवार को अमेरिका पहुंचे वोलोदिमीर जेलेंस्की की व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से तीखी बहस हो गई थी। दो देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई इस बहस को पूरी दुनिया ने देखा था, क्योंकि ये बहस दुनिया भर की मीडिया के सामने हुई थी। नतीजा ये रहा कि मिनरल डील पर साइन करने पहुंचे जेलेंस्की बिना साइन किये ही व्हाइट हाउस से वापस आ गये थे।
रूस से समझौते का दवाब बना रह थे ट्रंप

दरअसल, हुआ ये था कि, जब जेलेंस्की व्हाइट हाउस पहुंचे, तो खुद ट्रंप ने गेट पर आकार उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता प्रेस कांफ्रेंस में बैठे, वहां पत्रकारों के सवाल जवाब के बीच उनकी बहस हो गई। ट्रंप ने जेलेंस्की से सख्त और तीखे लहजे में कहा, आप या तो सौदा कर लें, या फिर हम बाहर हो जांयेंगे। ट्रंप का मतलब था कि अगर जेलेंस्की सौदा नहीं करेंगे, तो अमेरिका, यूक्रेन का साथ नहीं देगा। ट्रंप बार-बार यूक्रेन पर रूस के साथ समझौता करने का दवाब बना रहे थे, लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति को समझौते की शर्ते पसंद नहीं आ रही थी।
ट्रंप ने अपनाया आक्रामक रुख
ट्रंप ने ज़ेलेंस्की से कहा, लोग मर रहे हैं… आपके पास युद्ध लड़ने के लिए सैनिक नहीं है। इस पर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पुतिन का जिक्र करते हुए कहा, ‘हत्यारे के साथ कोई समझौता नहीं किया जाए’। इस पर ट्रंप का लहजा बेहद अपमानजनक हो गया। वहीं ज़ेलेंस्की ने भी अपने अंदाज़ में जवाब दिया। जेलेंस्की के जवाब से ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मीडिया के सामने ही बेहद आक्रामक दिखे। दोनों देशों के नेताओं के बीच बहस इतनी ज्यादा बढ़ी कि जेलेंस्की को बिना डील साइन किये ही व्हाइट हाउस छोड़ने को कह दिया गया। ट्रंप के इस रवैये को पूरी दुनिया ने देखा और अब उनकी तीखी आलोचना हो रही है।
My support for Ukraine is unwavering.
The UK stands with you, @ZelenskyyUa. pic.twitter.com/PsVKyRHKvx
— Keir Starmer (@Keir_Starmer) March 1, 2025
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ब्रिटेन के पीएम ने जेलेंस्की को लगाया गले

अमेरिका के बाद जेलेंस्की सीधे ब्रिटेन पहुंचे, यहां वे यूक्रेन शांति समझौते की योजना पर चर्चा करने के लिए आयोजित यूरोपीय नेताओं की एक अहम बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में शामिल होने के लिए इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी समेत कई और देश के नेता भी लंदन पहुंचे थे। अमेरिका से सीधे ब्रिटेन पहुंचे यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को अपने 10 डाउनिंग स्ट्रीट निवास के बाहर प्रधानमंत्री कीर ने गले लगाया। वहीं, ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन के लिए जबरदस्त समर्थन के लिए यूके को धन्यवाद दिया।
जेलेंस्की ने ब्रिटेन को दिया धन्यवाद

स्टारमर ने ज़ेलेंस्की से वादा किया कि उन्हें पूरे यूनाइटेड किंगडम का पूरा समर्थन है, हम आपके और यूक्रेन के साथ तब तक खड़े हैं, जब तक यह संभव हो।’ इसके बाद शनिवार को ही ब्रिटेन के चांसलर राहेल रीव्स और यूक्रेनी वित्त मंत्री सर्जियो मार्चेंको ने 2.26 बिलियन पाउंड के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए। कहा जा रहा है कि, इस ऋण से यूक्रेन की सैन्य क्षमता मजबूत होगी। इस ऋण पहली किश्त अगले सप्ताह के अंत में यूक्रेन तक पहुंचने की उम्मीद है। इस पर यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, ‘हम यूक्रेन के लोग इस बात से बहुत खुश हैं कि हमारे ऐसे दोस्त हैं। मैं इस युद्ध की शुरुआत से ही इतने बड़े समर्थन के लिए यूनाइटेड किंगडम के लोगों को धन्यवाद देता हूं।’
यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को भेजा संदेश

ट्रंप से हुई नोक झोंक के बाद ब्रिटेन के अलावा और भी कई यूरोपीय देशों के नेताओं ने यूक्रेन को समर्थने देने वाला संदेश भेजा। इनमें नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टॉयर भी शामिल हैं। स्टॉयर ने बीते शनिवार को टेलीविजन के सामने ही कहा था कि, नॉर्वे सरकार जल्द ही संसद से यूक्रेन के लिए अपनी फंडिंग बढ़ाने को कहेगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल के आखिर में नॉर्वे की संसद ने 2025 में यूक्रेन के लिए सैन्य और नागरिक सहायता पर कुल 35 अरब नॉर्वेजियन क्राउन यानी क़रीब 3.12 अरब डॉलर और 2023 से 2030 तक कुल 155 अरब क्राउन खर्च करने पर सहमति जताई थी।
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