
इस्लामाबाद। Operation Sindoor: कई दिनों के तनाव के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर हो गया है, लेकिन इस दौरान सोशल मीडिया पर भी कई तरह की खबरें चल रही हैं। इनमें से एक खबर ने सबका ध्यान खींचा। वह थी भारत ने पाकिस्तान के परमाणु केंद्र को निशाना बनाया। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि, भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान में परमाणु हथियार भंडारण सुविधा पर अटैक किया था।
इसे भी पढ़ें- Al Qaeda issued threat: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से तिलमिलाया अलकायदा, भारत को दी बदले की धमकी
एके भारती ने किया खंडन

इस बारे में सोमवार को जब भारतीय वायुसेना के डायरेक्टर जनरल एयर ऑपरेशन एयर मार्शल एके भारती से सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा, किराना हिल्स के आसपास परमाणु सुविधा पर भारत की तरफ से कोई हमला नहीं किया गया। एयर मार्शल भारती ने कहा, ‘हमने किराना हिल्स पर कोई अटैक नहीं किया है। उन्होंने कहा, हमने अपनी प्रेस ब्रीफिंग में भी किराना हिल्स पर हमले का कोई जिक्र नहीं किया था।’ हालांकि, उन्होंने पाकिस्तान के सरगोधा में स्थित मुशफ एयरबेस को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की है। ध्यान देने वाली बात ये है कि, सरगोधा और किराना हिल्स के बीच की दूरी महज सात किमी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
बता दें कि, सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें किराना हिल्स की तलहटी से धुएं का गुबार ऊपर आता दिख रहा है। वीडियो के साथ ये दावा किया जा रहा है कि, भारत की तरफ से की गई सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान के किराना हिल्स स्थित परमाणु केंद्र को निशाना बनाया गया है। सेटेलाइट तस्वीरों के न होने से ये कहना मुश्किल है कि, अगर किराना हिल्स में कोई परमाणु संपत्ति है, तो उस पर हमला हुआ था या नहीं।
वीडियो में दिख रहा धुएं का गुबार

एयर मार्शल भारती ने ये भी कहा कि, पाकिस्तान के परमाणु हथियार किराना हिल्स के पास हैं या नहीं इसकी भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। एक मैगजीन में सूत्र के हवाले से बताया गया है कि, जियोलोकेशन से पहाड़ियों के पास से धुएं का गुबार उठने की बात चली थी। बता दें कि,सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति कह रहा है कि, भारतीय सेना ने किराना हिल्स पर मिसाइल से हमला किया है।
अमेरिका ने जारी की थी रिपोर्ट
गौरतलब है कि, अमेरिका स्थित परमाणु वैज्ञानिकों की संस्था बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट ने साल 2023 की अपनी रिपोर्ट में किराना हिल्स और आस-पास के इलाकों की पहचान सबक्रिटिकल न्यूक्लियर टेस्ट साइट के रूप में की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि, इस साइट में गोला-बारूद भंडारण क्षेत्र के साथ ही कम से कम 10 भूमिगत भंडारण सुविधाएं शामिल हैं।
परमाणु परीक्षण केंद्र

रिपोर्ट्स के मुताबिक, किराना हिल्स से सिर्फ सात किलोमीटर दूर स्थित सरगोधा गैरिसन एक परमाणु परीक्षण केंद्र था। पाकिस्तान ने इस स्थान का इस्तेमाल साल 1983 से 1990 तक अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए किया। इस स्थान पर संभावित पारंपरिक युद्ध सामग्री भंडारण के ठीक उत्तर-पश्चिम में 10 संभावित ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर (TEL) गैरेज और दो अतिरिक्त गैरेज भी मौजूद हैं, जहां पाकिस्तान के पारंपरिक युद्धक साजो-सामान रखे गये हैं। इसके पूर्व में पहाड़ी में एक भूमिगत भंडारण सुविधा भी है, वहां भी पाकिस्तान के युद्धक भंडार रखे हुए हैं।
इसे भी पढ़ें- Opration Sindoor: ऑपरेशन सिन्दूर में मारे गए ये टॉप आतंकी कमांडर, मसूद का साला भी शामिल






Users Today : 20

