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Bihar politics: खरगे के बयान पर देश भर में उबाल, क्या कह दिया था पीएम को, यहां जानें

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Kharge's statement sparked nationwide outrage. Find out what he said to the PM here.

लखनऊ। Bihar politics: बिहार में इस समय राजनीति गरमाई हुई है। कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। एक पक्ष बचाव की मुद्रा में है, तो दूसरा माफ़ी मांगने का दवाब बना रहा है। कुछ गड़े मुर्दे उखड़ रहे हैं, तो कुछ नये आरोप गढ़े जा रहे हैं। SIR का जिन्न और दलित अपमान का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। शिकायत भी दर्ज हो रही है। सवाल है कि, इस विवाद की मूल जड़ क्या है? तो आपको बता दें कि, विवाद की मूल जड़ है कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन  खरगे का वह बयान जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कथित ‘बाप’ की टिप्पणी की थी।

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क्या था खरगे का बयान

दरअसल, काग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन  खरगे रविवार 25 अक्टूबर को पटना ने मौजूद थे। वे वहां बापू सभागार में  बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित  कार्यक्रम में शामिल होने गये थे। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  खरगे में प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोला और कथित बाप की टिप्पणी की।

Kharge's statement sparked nationwide outrage. Find out what he said to the PM here.

  हुआ यूं कि, अपने संबोधन में खरगे वोट चोरी, एसआईआर में गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे थे और बीजेपी सरकार को घेर रहे थे, तभी सभा के बीच बैठा एक शख्स, जो कांग्रेस का ही कार्यकर्ता है, ने कहा ‘मोदी कहीं नहीं जायेंगे’ या ‘जब तक विद्रोह नहीं होगा, तब तक कहीं नहीं जायेंगे’ इस पर खरगे ने मंच से ही जवाब दिया और कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ ये लाइन खरगे ने अपने पूरे संबोधन के दौरान एक बार नहीं बल्कि कई बार दोहराई। जैसे ही ये वीडियो वायरल हुआ और भाजपा तक पहुंचा, वह भी एक्शन मोड़ में आ गई और इसे प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता का अपमान करार दे दिया। 

खरगे के बयान पर गरमाया माहौल

 मल्लिकार्जुन की इसी टिप्पणी पर अब बिहार के साथ-साथ पूरे देश में सियासी माहौल गर्म गया है। बीजेपी और एनडीए के तमाम नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने शालीनता की सारी हदें पार कर दी है। शाह ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि, उनके नेतृत्व में कांग्रेस बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार का अपमान करती है और अभद्र टिप्पणियां करती है।

 

इससे पहले कांग्रेस के नेताओं ने पीएम को ‘मौत का सौदागर’ कह कर उन्हें अपमानित किया था। कई बार ‘चाय वाला’ कर उनकी गरीबी का मजाक उड़ाया, पीएम की मां के लिए भी कांग्रेस ने कई बार अपमान जनक शब्दों का इस्तेमाल किया। नितिन नबीन ने भी मल्लिकार्जुन की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे ‘अमर्यादित और असंसदीय’ भाषा करार दिया। नितिन नबीन ने कहा, खरगे की ये भाषा कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन को दर्शा रही है। जेडी(यू), लोजपा (रामविलास) और अन्य एनडीए सहयोगियों ने कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान की जमकर निंदा की। 

बीजेपी कार्यकर्ता ने की खरगे की शिकायत

आपको बता दें कि, भाजपा इतने पर ही नहीं रुकी। पार्टी के एक कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने पटना कोतवाली में इस कथित टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई है और खरगे से माफ़ी मांगने की बात कही है। चूंकि मामला गांधी मैदान थाने के अधिकार क्षेत्र का है, इस लिए शिकायत वहां स्थानांतरित कर दी गई। हालाकि, शिकायत पर कार्रवाई हुई या नहीं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई। 

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भाजपा ने इसके खिलाफ चुनाव आयोग की तरफ भी रुख किया है। बीजेपी की मांग है कि, चुनाव आयोग इस बयान को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए सख्त कार्रवाई करे।  इसके साथ ही पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ देश भर में शांति पूर्ण प्रदर्शन भी किया। कई स्थानों पर खरगे का पुतला फूंका गया, तो कहीं उनके खिलाफ तीखे नारे लगाये गये। बीजेपी ने इसे जहरीली राजनीति कहा और बिना शर्त माफ़ी मांगने की मांग की।

उधर इस पूर मुद्दे पर कांग्रेस बचाव की मुद्रा में है और सफाई भी दी है। कांग्रेस ने इसे सामान्य जवाबी टिप्पणी कहा और मुहावरा बताया। कांग्रेस के नेताओं व प्रवक्ताओं का कहना है कि, भाजपा इसे बिना वजह तूल दे रही है। खरगे ने अपने संबोधन में महज एक मुहावरे का जिक्र किया था, जिसे भाजपा अब बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रही है और राजनीतिक मुद्दा बना रही है।

बीजेपी-संघ के दिन लद गए

कांग्रेस का तर्क है कि, खरगे का इशारा मोदी की बायोलोजिकल पिता की तरफ नहीं था, बल्कि आरएसएस की तरफ था, जो उनका वैचारिक मार्गदर्शक है और जिसके इशारे पर पूरी भारतीय जनता पार्टी काम करती है। पवन खेड़ा ने ये भी कहा कि, बीजेपी और संघ के दिन लद गये हैं और अब उन्हें जाना ही होगा। खेडा का आरोप है कि, बीजेपी कार्यकर्ता पहले भी खरगे के साथ दुर्व्यवहार कर चुके हैं।

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पटना के  कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, मोदी को कथित ‘बाप’ की टिप्पणी का बयान खरगे ने ऐसे ही नहीं दिया, बल्कि इसकी शुरुआत सभा के बीच में मौजूद एक शख्स ने की थी। उन्होंने कहा, जब खरगे कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तभी सभा के बीच से संतोष कुमार नाम के एक शख्स ने चिल्लाकर कहा,  ‘मोदी नहीं जाएगा, तुम्हारा बाप भी आ जाए तो भी नहीं जाएगा’

खरगे ने इसी अमर्यादित टिप्पणी का जवाब दते हुए उक्त कथित बयान दिया। कांग्रेस नेताओं ने ये भी कहा कि, उनका ये बयान राजनीति से प्रेरित नहीं था, बल्कि ये आम बोलचाल की भाषा है। बीजेपी इसे बिना वजह तूल दे रही है। कांग्रेस का आरोप है कि, बीजेपी इस मुद्दे को बढ़ा चढ़ा कर इस लिए पेश कर रही है ताकि मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।

खरगे का अपमान करने का आरोप

कांग्रेस का ये भी आरोप है कि बीजेपी जानबूझकर बार-बार बुजुर्ग और दलित नेता को निशाना बनाती है और अपमान करती है। उत्तराखंड के हल्द्वानी हुए हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए पार्टी ने कहा, जिस तरह से खरगे द्वारा इस्तेमाल की गई जमीन का शुद्धिकरण भाजपा कार्यकताओं द्वारा किया गया था, उससे ज्यादा अपमानजनक कुछ नहीं हो सकता है।

 

आपको याद होगा कि, अगस्त 2026 में खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में विजय शंखनाद रैली की थी। इस रैली के समाप्त होने के बाद कुछ हिन्दू संगठनों जैसे कि श्री राम सेना आदि ने मंच को गंगा जल से धोया था और शुद्धिकरण हवन किया था। उस वक्त इस मामले की काफी चर्चा हुई थी। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम की तीखी निंदा की थी और इसे दलित विरोधी और भेदभाव पूर्ण मानसिकता बताया था।

जमीन शुद्धिकरण का मुद्दा उठा

वहीं भाजपा ने इसे पार्टी का कार्यक्रम न बताते हुए खुद को इससे पूरी तरह से अलग कर लिया था। खरगे ने इस पूरे मुद्दे को राज्यसभा में भी उठाया था और अपमान का आरोप लगाया था। आपको बता दें कि ,कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दलित समाज से आते हैं। वैसे तो ये घटना कुछ महीने पुरानी है लेकिन कांग्रेस इसे बीजेपी की सोच के तौर पर पेश कर रही है।

वहीं संतोष कुमार ने भी सामने आकर इस पूरे मुद्दे  सफाई दी। उनका कहना है कि, उनकी बात को पूरी ही तरह से नहीं सुना गया, वह कुछ और कहना चाह रहे थे, लेकिन आधी अधूरी बात सुनकर मामले को बढ़ा दिया गया। उनका दावा है कि, वे कहना चाहते थे कि, जब तक विद्रोह नहीं होगा, तब तक मोदी सत्ता से नहीं हटेंगे। संतोष का कहना है कि, उनकी बात पूरी हुई भी नहीं कि सभा में हंगामा मच गया और उन्हें बाहर निकाल दिया गया। कुछ रिपोर्ट में तो ये भी दावा किया जा रहा है कि, कांग्रेस समर्थकों ने संतोष के साथ मारपीट भी की थी।

क्या कहते है विश्लेषक

अब बात करते हैं इस पूरे विवाद पर राजनीतिक विश्लेषकों की क्या राय है।  राजनीतिक विश्लेषक इसे दोनों दलों के बीच बढ़ती व्यक्तिगत हमलों की प्रवृति मान रहे हैं। देश में इस समय गरमाए एसआईआर के मुद्दे के बीच खरगे की ये टिप्पणी आग के घी का काम करेगी और भाजपा को एक और मुद्दा मिल गया। खरगे की ये टिप्पणी बिहार की राजनीति के लिए के नया हथियार बन गई है। 

  

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