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Dalmandi Demolition: रजिस्ट्री के बाद भी गिरा दिए गए 20 मकान, सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई से मुश्किल में लोग

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Dalmandi Demolition

वाराणसी। Dalmandi Demolition: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की हृदयस्थली मानी जाने वाली दालमंडी के लोग एक बार फिर से मुश्किल में आ गये हैं, क्योंकि यहां पर प्रशासन ने फिर से बुलडोजर चला दिया है। 7 जनवरी दिन बुधवार को भारी पुलिस फोर्स, पैरामिलिट्री फोर्स और अधिकारियों की मौजूदगी भी दालमंडी में रहने वाले लोगों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। इस दौरान स्थानीय लोगों को बैरीकेडिंग लगाकर कुछ दूर पर ही रोक दिया गया था।

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181 घर और छह धार्मिक स्थल चिन्हित

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दरअसल, काशी विश्वनाथ मन्दिर कॉरिडोर के लिए सुगम रास्ता बनाने के मकसद से दालमंडी बाजार में चौड़ीकरण का अभियान चल रहा है। इसके लिए यहां स्थित 181 घर और छह धार्मिक स्थलों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें तोड़ा जाता है। बताया जा रहा है कि, बुधवार को जिन 20 मकानों पर बुलडोजर एक्शन हुआ उनकी सबकी रजिस्ट्री थी, ऐसे में घर के मालिक को उचित मुआवजा भी दिया जा चुका है। हालांकि, प्रशासन की इस कार्रवाई से स्थानीय लोग नाखुश हैं।

मुश्किल में आई रोजी-रोटी

उनका कहना है कि, उनके लिए पहले दूसरी जगह व्यवस्था करनी चाहिए थी, क्योंकि इस कार्रवाई से उनका परिवार और उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। जिला प्रशासन की कार्रवाई के दौरान जब वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की गई, तो उनका कहना था कि, जो लोग प्रशासन के फैसले से राजी थे, वे रजिस्ट्री करके मुआवजा ले रहे हैं, लेकिन जो लोग राजी नहीं थे, उनके मकान भी इस ध्वस्तीकरण की जद में आ गये हैं।

किए गए सुरक्षा के कड़े बन्दोबस्त

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स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि, दालमंडी बाजार उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है, उनकी पीढ़ियां दशकों से यहां अपना व्यापार कर रही हैं, ऐसे में अचानक से इस विस्थापन की कार्रवाई से उनके परिवार और उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ेगा। ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रतिबन्ध किये गये थे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न घटे। पैरामिलिट्री फ़ोर्स की तैनाती के साथ ही स्थानीय लोगों को बैरीकेडिंग लगाकर कुछ दूर पर ही रोक दिया गया था।

वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

बता दें कि, ये चौड़ीकरण अभियान काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना के विस्तार का हिस्सा है। इसका उद्देश्य काशी आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। इस परियोजना के तहत 181 मकानों और छह धार्मिक स्थलों को ध्वस्त करने लिए चिन्हित किया गया है, जिनकी संपत्ति को चिन्हित किया  गया है, उन्हें मुआवजा भी दिया जा रहा है। हालांकि, कई व्यापारियों का कहना है कि सिर्फ मुआवजा ही पर्याप्त नहीं है, उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था भी दी जानी चाहिए। खासकर उन्हें जिनकी दुकानें इस इलाके में हैं क्योंकि नई जगह पर व्यापार स्थान्तरित करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती होती है।

 

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