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न्यू ईयर पार्टी में मशगूल जेल स्टाफ, कंबलों की रस्सी बनाकर 22 फीट दीवार फांद फरार हुए दो कैदी
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यूपी की कन्नौज जेल में बड़ी चूक, पार्टी के शोर में मौका पाकर भाग निकले कैदी, जांच शुरू
कन्नौज। Jail Break: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां, जेल में चल रही नये साल की पार्टी के बीच दो विचाराधीन कैदी फरार हो गये हैं। ये कैदी कंबलों की रस्सी बनाकर 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भागे और जेल प्रशासन को इसकी भनक दूसरे दिन तब लगी जब कैदियों की गिनती की गई। इस दौरान दो कैदी कम मिले, तो जेल में खलबली मच गई। इस घटना की खबर जैसे ही उच्चाधिकारियों को हुई, उन्होंने तत्काल प्रभाव से डिप्टी जेलर समेत चार को निलंबित कर दिया और जांच डीआईजी जेल को सौंप दी। साथ ही जिलाधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
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जिले के अनौती इलाके में स्थित जिला कारागार में रविवार की रात हुई नये साल की पार्टी में सभी पुलिसकर्मी और अफसर नाच गा रहे थे। इसी जश्न का फायदा उठाकर तालग्राम थानाखेत्र के ग्राम हजिरापुर निवासी अंकित व ठठिया थाना क्षेत्र के ग्राम मलगवां निवासी शिवा उर्फ डिंपी (विचारधीन कैदी) ने कंबलों की रस्सी बनाई और 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर जेल से फरार हो गये।
जेल अधीक्षक से हुई पूछताछ
सोमवार की सुबह जब बैरकों में बंदियों की गिनती की गई, तो दो कैदी कम मिले, जिससे जेल में हड़कंप मच गया। पुलिस कर्मियों ने आनन-फानन में कैदियों की तलाश शुरू की। जेल प्रशासन ने पहले तो इस घटना को छिपाने की कोशिश की, लेकिन जब कैदी नहीं मिले, तो इसकी जानकारी सीनियर अधिकारियों को दी गई। कैदियों के भागने की खबर मिलते ही डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री व एसपी विनोद कुमार जेल पहुंच गये और जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद से पूछताछ की।
सामने आई लापरवाही
इसके बाद जिलाधिकारी की संस्तुति पर शासन ने बैरक प्रभारी शिवेंद्र सिंह यादव, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद, हेड जेल वार्डर शिवचरण और जेलर विनय प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही मामले की जांच कानपुर के डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता को सौंप दी। डीआईजी जेल ने भी देर शाम को कारागार का निरीक्षण हालात का जायजा लिया। पूरे मामले में जेल अधीक्षक की लापरवाही निकलकर सामने आ रही है। डीआईजी ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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खाली पड़े हैं वॉच टॉवर

जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित कारागार में बंदियों की निगरानी राम भरोसे है। हालांकि, जेल के चारों कोनों पर वॉच टॉवर बनाए गए हैं, लेकिन निगरानी करने के लिए उस पर किसी की ड्यूटी नहीं लगाई जाती है और न ही उस पर कोई जाता है। यही वजह है कि दो विचाराधीन कैदी जेल में मिलने वाले कंबल, चादरों और टहनियों की रस्सी बनाकर 22 फीट ऊंची दीवार फांद कर भाग गये और जेल प्रशासन को भनक तक नहीं लगी।
इधर, जेल में तैनात पुलिसकर्मी और अफसर पार्टी के जश्न में इतने मशगूल थे कि, किसी को उनके भागने की खबर तक न लगी। जेल में हो रही पार्टी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि, जिसमें सभी नाचते गाते नजर आ रहे हैं। हालांकि, हमारा चैनल इस वीडियो की पुष्टि नहीं कर रहा है। वहीं, जेल प्रशासन का कहना है कि, वायरल वीडियो पुराना है। निरीक्षण के दौरान जेल में बंद कैदियों के बताया कि, वाच टावरों पर भी कोई नहीं जाता है, ये पूरे साल खाली पड़े रहते हैं। डीआईजी प्रदीप गुप्ता ने भी उच्चाधिकारियों को यही बात बताई।
कैदियों ने उठाया डीजे का फायदा

वायरल वीडियो में साफ दिख रहा हो कि, जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद पार्टी में माइक लेकर ‘का करूं सजनी आए न बालम…ठुमरी गा कर तालियां बटोर रहे थे। वहीं बंदी रक्षक और सभी अफसर इसी धुन पर थिरक रहे हैं। इस वीडियो को खुद जेल अधीक्षक ने अपने व्हॉट्स एप स्टेटस पर लगाया था। वीडियो को देखकर साफ लग रहा है कि पार्टी में डीजे भी बज रहा था, जिसकी जानकारी बंदियों को पहले से थी और उन्होंने इसका भरपूर फायदा उठाया। वहीं जेल अधीक्षक का कहना है कि, वायरल वीडियो दो दिन पुराना है।
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धान की ट्राली चोरी और अपहरण के आरोप में बंद थे डिंपी और अंकित
फरार कैदी अंकित धान की ट्राली चोरी करने के आरोप में और डिंपी नाबालिग के अपहरण के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में बंद था। तालग्राम क्षेत्र के हाजिरपुर का रहने वाले अंकित (24) के पिता प्रेमचंद्र मानसिक तौर पर अस्वस्थ थे और दस साल पहले घर छोड़कर चले, तब से वापस नहीं आये। इसके बाद उसकी मां भी छोटी बहन को लेकर कहीं चली गई, तब से अंकित एकदम अकेला हो गया, परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उससे सारे नाते तोड़ लिए। कम उम्र में ही अकेले हो जाने की वजह से वह इधर-उधर भटकने लगा और गतल संगत में पड़ गया।
अंकित को 20 दिसबंर को किया गया था अरेस्ट

उसने अपने पिता की जमीन किराये पर दे दी और उससे मिलने वाले पैसे से मौज मस्ती करने लगा। ठठिया थाना पुलिस ने 20 दिसंबर 2025 को अंकित को तमंचा कारतूस और चोरी की बाइक के साथ पकड़ा था। पूछताछ में उसने तीन दिसंबर को औसेर क्षेत्र से धान लदी पिकअप चोरी कर धान बेचने की बात कबूल भी की थी। इससे पहले सात नवंबर को गुरुग्राम राजेंद्र पार्क से कार चोरी का भी उस पर आरोप लगा था। पकड़े जाने के बाद 21 दिसंबर को अंकित को जेल भेज दिया गया, लेकिन पांच जनवरी को जेल से फरार हो गया।
पिता की मौत ने बाद गलत संगत में पड़ा डिंपी
वहीं मलगवां गांव के रहने वाला फरार बंदी शिवा उर्फ डिंपी (25) पिता की मौत के बाद गलत संगत में पड़ गया और आवारों की तरह इधर-उधर घूमने लगा। डिंपी पर किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप था। बताया जाता कि डिम्पी ने करीब छह महीने पहले सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी को अपने साथ लेकर चला गया था। किशोरी के न मिलने से परेशान परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन वह नहीं मिली तो उन्होंने सदर कोतवाली में डिंपी के खिलाफ नामजद एफआईआर लिखवा दी।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया गया। परिजनों का कहना है कि, डिंपी उर्फ शिवा के पिता भजन लाल 20 वर्ष पहले ही इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं, तब से वह अपनी मां कमला देवी और बड़े भाई हरिश्चंद के साथ गांव में रह रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति कोई खास अच्छी नहीं है। उसका बड़ा भाई मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। वहीं, डिंपी कोई काम धाम नहीं करता था, वह सिर्फ आवारागर्दी करता था।
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