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2026 में Agentic AI का धमाका: अब AI सिर्फ जवाब नहीं देता, काम भी खुद करता है

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AI

Agentic AI: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) ने दुनिया को पूरी तरह से बदल दिया है। साथ ही वह खुद भी दिन पर दिन अपडेट होता जा रहा है। कुछ साल पहले तक एआई सिर्फ सवाल-जवाब तक ही सीमित थे, लेकिन अब ‘एजेंटिक एआई’ का युग शुरू हो गया है। एजेंटिक एआई सवाल सुनकर सिर्फ जवाब ही नहीं देते, बल्कि सवाल करने वाले का लक्ष्य जानकर प्लान बनाते हैं, टूल्स का इस्तेमाल करके फैसले लेते हैं और काम को पूरा करते हैं। ये कह सकते हैं कि, अगर आप इन्हें अपना लक्ष्य बता देते हैं, तो ये आपका काम बिना किसी बाधा के पूरा कर देते हैं। माना जा रहा है कि, ये साल यानी 2026 पूरा होते-होते ये तकनीक वर्कफ्लो का अहम हिस्सा बन जाएगी।

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और ताकतवर हुआ AI

इस साल यानी 2026 के अक्टूबर महीने के आखिर तक एआई और अधिक ताकतवर हो गया है। पहले ये सिर्फ दिए गये टॉपिक पर लिखता था या सवाल पूछने पर सिर्फ जवाब देता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है अब एआई सवाल और आपकी योजना जानकर उस पर काम करता है और एक फुल प्रूफ प्लान बनाकर देता है। अब जनरेटिव एआई ने कंटेंट बनाने के साथ ही कोड का इस्तेमाल भी करना सीख लिया है। वह कोड, एजेंसी आदि को जोड़कर मल्टी टास्क प्लान तैयार करता है और बेहतर नतीजे देता है।

जिम्मेदारी से पूरा करता है काम

ओपनएआई ने अक्टूबर 2026 में GPT-6.1 टेरा मॉडल लॉन्च किया, जो कंप्यूटर यूज को सस्ता और बेहतर बनाता है। इससे पहले सितंबर 2026 में कंपनी ने Dots नाम से always-on एजेंट पेश किए थे, जो यूजर के बिना कहे भी काम कर सकते हैं। GPT-6.1 टेरा मॉडल स्क्रीन को देखकर काम कर सकता है। इसे बार-बार कमांड देने की जरूरत नहीं पड़ती। जैसे इंसान स्क्रीन देखकर माउस चलाता है, टाइप करता है और अलग-अलग ऐप्स के बीच स्विच करता है, वैसे ही यह मॉडल भी कर सकता है। Dots एजेंट भी अपना क्लाउड कंप्यूटर रखते हैं और सौंपे गए काम जिम्मेदारी से पूरा करते हैं।

क्लॉड डुएट में ये खूबियां

Adobe AI

अब बात करें एंथ्रोपिक के क्लॉड डुएट रिसर्च प्रीव्यू की, तो यह पर्सनल एजेंट इनबॉक्स, कैलेंडर और फॉलो-अप्स को संभालता है। साथ ही जरूरत पड़ने पर यूजर को सूचित भी करता है। यह वेटलिस्ट पर उपलब्ध है और प्रोफेशनल्स के लिए खासतौर पर तैयार किया गया है।⁠

क्लॉड डुएट Claude Opus 5.5  मॉडल पर काम करता है और प्रो एक्टिव मॉडल है। ये सिस्टम में चल रहे बैक ग्राउंड एप्स की निगरानी करता और यूजर को अपडेट देता है। इसे भी लंबे समय तक किसी भी तरह के निर्देश देने की जरूरत नहीं पड़ती। ये एक साथ 6000+ connectors/plugins  को एक साथ मैनेज कर सकता है।

AI एजेंट्स बना रहे 80% डेटाबेस

 अगर हम 2026 की डेटा ब्रिक्स की स्टेट ऑफ़ एआई एजेंट्स की रिपोर्ट पर गौर करें तो जून-अक्टूबर 2025 (लगभग 4 महीने) में multi-agent workflows 327% बढ़े। अब कंपनिया सिंगल एलएलएम टूल्स की बजाय मल्टी टूल्स का इस्तेमाल कर रही है ताकि वर्क में तेजी और ये बिजनेस भी तेजी से बढ़े। ग्राहक अनुभव, क्लेम प्रोसेसिंग, मार्केट इंटेलिजेंस और कस्टमर ऑनबोर्डिंग जैसे क्षेत्रों में कंपनियां एआई टूल्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रही है।  रिपोर्ट के अनुसार 40 प्रतिशत एआई-ऑटोमेटेड वर्कफ्लो कस्टमर एक्सपीरियंस से जुड़े हैं। ख़ास बात ये हैं कि कंपनियों के 80 प्रतिशत डेटाबेस अब एआई एजेंट्स द्वारा बनाए जा रहे हैं। 

कंप्यूटर पर बेहतरीन कंट्रोल का दावा

अब आता है गूगल Gemini 4 Carbon, जिसे गूगल ने 28 अक्टूबर 2026 को लांच किया था।  इसे लेकर कंपनी का दावा है कि, कंप्यूटर पर इसका कंट्रोल काफी अच्छा है और ये बिजनेस आटोमेशन को बेहतर तरीके से संभाल सकता है। कंपनी का ये भी दावा है कि Zapier जैसे रियल बिजनेस वर्कफ्लो में इसकी भूमिका सबसे बेहतरीन है। ये भी डॉट्स और GPT-6.1 टेरा मॉडल की तरह खुद से ही काम करने में सक्षम है। हालांकि इसके वर्क फ्लो को लेकर कंपनी ने अभी काफी कुछ पब्लिक नहीं किया है।

Gemini 4 Carbon टॉप पर

 डेटा ब्रिक्स की स्टेट ऑफ़ एआई एजेंट्स की रिपोर्ट के अनुसार Gemini 4 Carbon के ऑटोमेशन बेंच में 53.9 प्रतिशत स्कोर के साथ टॉप पर रहा। कंपनी के अधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि, इसी साल के अंत तक कंज्यूमर वर्जन लाने की भी योजना बनाई जा रही है। इस पर काम भी तेजी से किया जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट, सेल्सफोर्स और सर्विसनाउ जैसी कंपनियां एजेंट प्लेटफॉर्म मजबूत कर रही हैं। ओरेकल ने फ्यूजन सीएक्स में पांच नए एजेंटिक ऐप्स जोड़े। एन8एन ने 3.0 बीटा जारी किया, जबकि कई स्टार्टअप्स एजेंटिक सिक्योरिटी और सप्लाई चेन पर फोकस कर रहे हैं। 

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AI खर्च में इजाफे का प्लान

 G2 की एक रिपोर्ट के अनुसार  66 प्रतिशत संगठन अब एआई एजेंट्स को लिमिटेड या स्केल्ड प्रोडक्शन में चला रहे हैं। KPMG के आंकड़ों में बड़े अमेरिकी उद्यमों में 62 फीसदी ने एजेंट्स डिप्लॉय किए हैं। वहीं 25% पायलट फेज में हैं। एडॉप्शन में तेजी से इजाफा हो रहा है, लेकिन अभी पूर्ण स्वायत्ता नहीं मिली है। डेलॉइट की रिपोर्ट को देखें तो महज 15% संगठन मल्टी-एजेंट सिस्टम को स्केल कर पाए हैं। ज्यादातर  कंपनियां वर्कफोर्स, प्रोसेस, सिक्योरिटी और गवर्नेंस के मामले में तैयार नहीं हैं। माना जा रहा है कि, पूर्ण स्केल अपनाने में अभी कम से कम 3 से  4 साल लग सकते हैं।⁠ कुछ रिपोर्ट्स में कहा कहा जा रहा है कि, 79 फीसदी कंपनियां एआई खर्च में इजाफा करने का प्लान कर रही हैं। साथ ही अनुभव के आधार पर  गवर्नेस को अधिक अहमियत दी जा रही है।  

जटिल टास्क संभाल रहे कोडिंग एजेंट्स

 एजेंटिक एआई के आने से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, कस्टमर सपोर्ट, सप्लाई चेन, फाइनेंस और हेल्थकेयर में बदलाव ला रहा है। कोडिंग एजेंट्स लंबे और जटिल टास्क संभाल रहे हैं। ओपनएआई के कोडेक्स डेटा से पता चलता है कि, एजेंटिक यूज तेजी से बढ़ा है और यूजर्स अब ऐसे काम सौंप रहे हैं जिनमें पहले घंटों या दिनों लगते थे। माइक्रोसॉफ्ट 365 में सक्रिय एजेंट्स की संख्या एक साल में 15 गुना बढ़ी।

एक एजेंट्स से कई काम

 पर्सनल स्तर पर मेटा म्यूज और अन्य एजेंट्स ऐप्स की आवश्यकता को कम कर रहे हैं। यूजर अब एक एजेंट से बात करके कई सेवाओं का इस्तेमाल कर सकता है। यह इंटरनेट इस्तेमाल के तरीके को बदल रहा है। पहले हर काम के लिए अलग-अलग ऐप्स खोलने की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है अब एक सिर्फ एआई एजेंट मेटा म्यूज की मदद से आप कई सारे काम एक साथ कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, मान लीजिये आपको फ्लाइट बुक करनी है, खाना मंगवाना है, शापिंग करनी है, तो आपको अलग अलग एप्स (जोमैटो, स्विगी, अमेजन, मेकमाईट्रिप आदि खोलने पड़ते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब आपको सिर्फ अपने एआई एजेंट्स को मैसेज करके या बोलकर अपनी जरूरत बतानी है वह सारा काम खुद ही कर देगा। 

काम सरल हुआ, लेकिन चुनौतियां बढ़ीं

मेटा म्यूज सिर्फ छोटे-मोटे काम ही नहीं करता बल्कि बड़े-बड़े लक्ष्य भी तय करता है। जैसे की नये बिजेनस प्लान बनाना और यूजर को गाइड करना। पैसे के लेन देन से जुड़े काम करने से पहले से आपकी अनुमति भी लेता है।

एआई एजेंट्स ने काम को जितना सरल बनाया है, उतनी ही चुनौतियां भी बढ़ा दी है। कई ऐसी घटनाएं भी देखने को मिली हैं, जिसमें एआई एजेंट्स ने अनाधिकृत एक्सेस करने की कोशिश की या फिर निगरानी सिस्टम को कमजोरी करना का प्रयास किया। एंथ्रोपिक ने कन्फर्म किया कि, क्लाउड जॉर्जिया के वोट काउंट डेटा तक बिना अनुमति पहुंच गया।  कंपनियां अब सख्त आइसोलेशन, मॉनिटरिंग और गवर्नेंस लागू कर रही हैं ताकि एआई एजेंट्स वहीं तक पहुंच सकें जहां तक जाने की उन्हें इजाजत हो। इसके लिए ‘डेलिगेटेड-ऑटोनॉमी बाउंड्री’ यानी एजेंट को दी गई आजादी की सीमा तय करना अनिवार्य हो गया है, जिसे कंपनियां करने में लगी हुई हैं।

AI पर सब कुछ न छोड़े, ट्रेनिंग पर भी दें ध्यान

 एक्सपर्ट्स का कहना है कि, टेक्नोलोजी तेजी से बढ़ रही है, कंपनियां भी वर्क प्लेस पर इसे तेजी से लागू कर रही  हैं, लेकिन सब कुछ एआई के भरोसे छोड़ देना सही नहीं है, कंपनियों को प्रोसेस, रीडिज़ाइन, दडेटा क्वालिटी और अपने कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर भी विशेष ध्यान देना होगा। सिर्फ एआई एजेंट्स को अपनी टीम का हिस्सा बना लेने से ट्रांसफार्मेशन नहीं होगा, काम करने के तरीके में भी बदलाव करना होगा।

 एक्सपर्ट्स का कहना है कि 20 26 में एजेंटिक एआई का स्तर तेजी से बढ़ा है, ये सिर्फ काम काज का हिस्सा नहीं है बल्कि ये व्यवहारिक जीवन में भी घुस चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि, आने वाले कुछ वर्षों में अरबों एजेंट्स डिप्लॉय होंगे और दैनिक कॉर्पोरेट का न सिर्फ हिस्सा होंगे बल्कि फैसले लेने में भी सक्षम होंगे, लेकिन सफलता उन्हीं संगठनों को मिलेगी जो गवर्नेंस, ऑर्केस्ट्रेशन और नॉलेज शेयरिंग पर ध्यान देंगे।

 

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