
दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में दिखा विज्ञान और विकास के विविध आयाम
अम्बिकापुर। International Seminar: शिक्षण मेरा प्रिय काम है जिसमें शोध, अनुसंधान के प्रत्येक पल आते हैं। एआई, चैटजीपीटी, रोबोटिक्स को विज्ञान के अध्येता और अगले पायदान पर ले जायेंगे।
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भार वहन की गुणवत्ता के बारे में बताया

यह बातें शनिवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय मेंं इर्मजिंग ट्रेंड ऑफ रिसर्च इन साइंस विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतराष्ट्रीय सेमिनार के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर.एन. खरे ने कही। उन्होंने मृदा तत्वों की क्षमता और उसकी भार वहन की गुणवत्ता के बारे में अध्येताओं को अवगत कराया।
विद्यार्थियों में जगी शोध की उम्मीद
इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती और श्री साईनाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया। महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि दो दिवसीय सेमिनार बहुआयामी रहा, जिससे विद्यार्थियों में शोध की नई उम्मीद जगेगी। सेमिनार की सफलता के लिए फिजिकल साइंस विभाग को उन्होंने बधाई दी।
समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि दो दिन के सेमिनार में साइंस का विकास के लिए ट्रेंड, उसकी सहभागिता में अध्येताओं का उत्साह दिखा। उन्होंने कहा कि डेटा साइंस, रोबोटिक, मशीन लर्निंग के विविध आयाम सेमिनार में विषय बन कर आये और युवाओं को प्रेरित कर गये।
समाज के लिए आना होगा आगे

उन्होंने शोधार्थियों का आह्वान किया कि समाज, व्यक्ति की समस्याओं के निस्तारण के लिए विज्ञान को प्रयोगशाला से निकल कर मानव कल्याण के लिये समाज के बीच आना होगा तभी शोध, अनुसंधान का लक्ष्य पूरा होगा। विकसित भारत के लिए कला, विज्ञान, साहित्य, प्रबंध को अपनी भूमिका का निर्वाह करना होगा।
सेमिनार को सम्बोधित करते हुए प्रो. एसके श्रीवास्तव ने इमर्जिंग ट्रेंड और उसके भविष्य के बारे में अवगत कराया। सेमिनार की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए सहायक प्राध्यापक रेखा हलदार ने बताया कि दो दिनों में छह से अधिक सत्र संचालित हुए। दूसरे दिन एक साथ पांच समानांतर सत्र में शोधार्थियों ने अपने पत्रों का वाचन किया। इस दौरान एआई, रोबोटिक्स, स्वाईल, वाटर, वैदिक गणित, सेंसर, पर्यावरण जैसे विषय फलक पर दिखे।
स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित

इस अवसर पर मुख्य अतिथि आरएन खरे को शाल, श्रीफल तथा स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने सेमिनार में भाग लेने वाले 240 से अधिक प्राध्यापक, शोधार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम को संचालन सहायक प्राध्यापक दीपक तिवारी तथा देवेन्द्र सोनवानी ने किया। अतिथयिों का आभार सहायक प्राध्यापक चांदनी व्यापारी ने किया।
सेमिनार के सफल संचालन में कन्वीनर डॉ. शैलेष देवांगन, गीता चौहान, डॉ. कंचन साहू, अमित सोनी, शिल्पा किरन गुप्ता, डॉ. दीपश्री बराईक, ज्योति सिंह, नीरज कुमार, प्रिती सोनवानी ने सहयोग किया। इस अवसर पर एनईपी प्रभारी डॉ. आरएन शर्मा, कम्पयूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविन्द तिवारी, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के प्रभारी अध्यक्ष डॉ. जसप्रीत तथा सभी प्राध्यापक और शोधार्थी उपस्थित रहे।
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