
नई दिल्ली। Be Care: घर में सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाला तेजाब और टॉयलेट क्लीनर बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। कई बार खेल-खेल में बच्चे इसे गटक लेते हैं, जिससे उनकी जान पर बन आती है। लोक नायक अस्पताल में हर महीने ऐसे कई बच्चे आते हैं, जिनका तत्काल ऑपरेशन करना पड़ता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों के साथ बातचीत करते समय यह पता चलता है कि वे कुछ ऐसी चीजें मुंह में डाल लिए होते हैं जो उनके लिए मुश्किल पैदा कर देती हैं। कई बार वे तेजाब और क्लीनर जैसी चीजें भी पी लेते हैं, जो बच्चों की फूड पाइप और आंत को नुकसान पहुंच सकता है।
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बच्चों पर हर वक्त रखनी चाहिए नजर
लोक नायक अस्पताल में करीब दो बच्चे इस समस्या के साथ पहुंचते हैं, ज्यादातर उत्तर प्रदेश से। विशेषज्ञ माता पिता जो सलाह देते हैं कि वे छोटे बच्चों पर हर वक्त नजर बनाये रखें, जरा सी भी लापरवाही उनके लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। डॉक्टर बताते हैं कि तेजाब या क्लीनर पीने से आंत गलने समेत कई तरह की ऐसी समस्याएं हो जाती है। कई मामलों में तो फ़ूड पाइप को ठीक करने के लिए तत्काल सर्जरी करनी पड़ती है। पहले की तरह अब मरीजों को लंबे समय तक अस्पताल में नहीं रहना पड़ता। दूरबीन जैसी तकनीकों से सटीक सर्जरी होने पर मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं और उन्हें जल्दी अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।
बंद हो जाते हैं शौच और पेशाब के रास्ते
डॉक्टर का कहना है कि अस्पताल आने वाले ऐसे बच्चों में अक्सर पेशाब और शौच का रास्ता बंद होने की समस्या देखी जाती है। इस स्थिति में सर्जरी से नए रास्ते बनाए जाते हैं और बच्चों के लिंग को ठीक किया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि पेशाब का रास्ता बंद होने से किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है। वहीं, कुछ बच्चों को पथरी होने का भी खतरा रहता है, जिसे सर्जरी से ठीक किया जाता है।
लगातार हो रहा शोध
सर्जरी में सुधार लाने के लिए विभाग लगातार शोध को बढ़ावा दे रहा है। रविवार को लोक नायक अस्पताल में 17वीं बाल चिकित्सा शल्य चिकित्सा अपडेट 2025 का आयोजन हुआ। इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने व्याख्यान, केस चर्चाएं और वीडियो प्रदर्शनों के जरिए जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में 300 से अधिक प्रतिनिधि और वक्ता शामिल हुए। विभाग की प्रमुख डॉ. सिम्मी के रतन ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से सर्जरी में सुधार होता है। इसका सीधा लाभ बच्चों को मिलता है, जिससे उनकी सर्जरी में बेहतर परिणाम होते हैं। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. पूनम नारंग और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
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