Home » अंतर्राष्ट्रीय » Trump Tariff: सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप प्रशासन की दलील, यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए टैरिफ जरूरी

Trump Tariff: सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप प्रशासन की दलील, यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए टैरिफ जरूरी

[the_ad id="14540"]
Trump Tariff

वॉशिंगटन। Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दुनिया के कई देशों पर लगाए गए टैरिफ के खिलाफ वहां की सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान सौंपे गये अदालती दस्तावेज में ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि, भारत समेत अन्य देशों पर लगाये गये टैरिफ को अगर कम किया गया, तो अमेरिका को व्यापारिक प्रतिशोध का सामना करना पड़ेगा।

इसे भी पढ़ें-  Donald Trump India Tariff: पाकिस्तान-बांग्लादेश और चीन पर मेहरबान हुए ट्रंप, भारत पर लगाया टैरिफ

सुप्रीम कोर्ट में रखा पक्ष

trump modi tension

दरअसल,  निचली अदालत द्वारा टैरिफ को गैरकानूनी बताने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसमें टैरिफ को जरूरी बताया गया है और दलील दी गई है कि इसे कम करने से विदेशों में शांति स्थापित करने के प्रयासों को झटका लगेगा।  एक रिपोर्ट में बताया गया है कि  सॉलिसिटर जनरल जॉन सॉर ने ट्रंप प्रशासन की तरफ से पक्ष रखते हुए सुप्रीम कोर्ट से टैरिफ को बरकरार रखने की अपील की है।

अमेरिका में आ सकती है आर्थिक तबाही

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में दलील दी गई है कि इस मामले में दांव इससे ज्यादा नहीं हो सकता है। कहा गया है कि टैरिफ यूक्रेन के लिए प्रयासों का एक महत्वपूर्ण पहलू है और इससे आर्थिक तबाही भी रोकी जा सकती है। अदालत में जमा किये गये दस्तावेज में ट्रंप प्रशासन की तरफ से साफ़ लिखा गया है कि, हाल के दिनों में हमने यूक्रेन में रूस के युद्ध से जुड़े पहले से मौजूद राष्ट्रीय आपातकाल से निपटने के लिए रूसी ऊर्जा उत्पादों की खरीद के लिए भारत के खिलाफ टैरिफ की घोषणा की है और अब अगर इससे हटाया गया, तो अमेरिका में आर्थिक तबाही आ सकती है।

भारत पर लगाया 50% टैरिफ

trump modi tension

गौरतलब है कि, ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लागू कर दिया है,जिसमें  व्यापार घाटे का हवाला देकर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है, जबकि 25% अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क लगाया  गया। दरअसल, भारत रूस से कच्चा तेल खरीदता है, जिससे ट्रंप प्रशासन ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। बता दें कि, यह किसी भी एशियाई देश पर ट्रंप प्रशासन का वर्तमान में सबसे ज्यादा टैरिफ है।

7-4 के बहुमत से सुनाया फैसला

अमेरिका की संघीय सर्किट अपील कोर्ट ने पिछले महीने के आखिर में टैरिफ के खिलाफ 7-4 के बहुमत से फैसला सुनाया था, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापक शुल्क लगाने के लिए आपातकालीन आर्थिक शक्तियों का प्रयोग करके अपने अधिकार का दुरूपयोग किया है। इस फैसले का विरोध करते हुए ट्रंप प्रशासन का कहना है कि उनके द्वारा लगाया गया टैरिफ शांति और अभूतपूर्व आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा दे रहा है। साथ ही दूसरे देशों को वॉशिंगटन के साथ नए व्यापार ढांचों  की तरफ आकर्षित कर रहा है।

 

इसे भी पढ़ें- India-US Tariff: अमेरिका के साथ डील करने वाला पहला देश बन सकता है भारत

 

Leave a Comment

[the_ad id="14784"]
[the_ad id="14787"]
Modi 3.0 के पहले आम बजट से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत?