
नई दिल्ली। Delhi AQI: जैसे-जैसे गर्मियों का सीजन खत्म होता है और सर्दी का आगमन होने को होता है, वैसे-वैसे दिल्लीवासियों और सरकार की टेंशन बढ़ने लगती है क्योंकि यही वह समय होता है जब राष्ट्रीय राजधानी की हवा जहरीली होने लगती है। माना जाता है कि पराली जलाने और दीवाली पर पटाखे जलाने की वजह से यहां प्रदूषण फैलता है और लोगों का दम घुटने लगता है। इस साल भी ऐसा ही हुआ, दीवाली के बाद दिल्ली की हवा में इतनी तेजी से जहर घुला कि सांस लेना भी मुश्किल होने लगा। बुधवर 23 अक्टूबर का दिन इस सीजन का सबसे प्रदूषित दिन रहा।
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क्षेत्रवार AQI

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, दिल्ली का AQI 353 रहा और मुख्य प्रदूषक पीएम 2.5 रहा। यहां धारूहेड़ा का AQI 379, फरीदाबाद का 201, गाजियाबाद का 321, ग्रेटर नोएडा का 308, गुरुग्राम का 281 और नोएडा का 330 रहा। इसी कड़ी में दिल्ली के नेहरू नगर में एक्यूआई 401, पंजाबी बाग में 416 रहा। अन्य सबसे प्रदूषित जगहों में आनंद विहार का एक्यूआई 373, अशोक विहार का 380, बुराडी का 371, दिलशाद गार्डन का 372, पटपड़गंज का 376, पूसा का 374, आर के पुरम का 387, रोहिणी का 373, विवेक विहार का 372 और वजीरपुर का 397 रहा।
धीमी हुई हवा की गति
रिपोर्ट की मानें, तो मानसून के जल्दी जाने और तापमान में गिरावट के बावजूद इस बार दीवाली के पहले तक दिल्ली का प्रदूषण कंट्रोल में था, लेकिन दीवाली के तुरन्त बाद से यहां की हवा बेहद जहरीली हो गई। आशंका जताई जा रही है कि, अक्टूबर के बचे हुए दिनों में यहां की हवा में जहर घुला रहेगा, जिससे सांस लेना दूभर होगा। मंगलवार की तुलना में बुधवार को हवा की गति धीमी रही, जिससे प्रदूषक ज्यादा ऊंचाई तक नहीं जा सके। माना जा रहा है कि आने वाले तीन चार दिनों तक ऐसा ही रहने वाला है।
मुश्किल भरे होंगे आने वाले दिन

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनुमान है कि, 23 से 25 अक्टूबर तक दिल्ली-एनसीआर की हवा ऐसे ही प्रदूषित रहेगी। इसके आगे के छह दिन भी दिल्लीवासियों के लिए मुश्किल भरे होने वाले हैं क्योंकि इन छह दिनों में भी हवा का स्तर बेहद खराब रहने वाला है। सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को दोपहर बाद हवा की गति में तेजी आई और ये 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से बहने लगी, लेकिन शाम को हवा की गति फिर से कम हो गई, जिससे प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ गया।
23 अक्टूबर को सुबह के समय हवा की गति 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे रही और प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ रहा। दोपहर में हवा की रफ्तार 12 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई और लोगों को थोड़ी राहत मिली।

प्रदूषण से बचने के उपाय
- सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से परहेज करें।
- जॉगिंग करने की अपेक्षा शार्ट वॉक करें। इस दौरान भी बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें।
- अगर इस दौरान आपको कफ, सीने में दबाव या घुटन, सांस लेने में कठिनाई या बेहोशी महसूस होती है, डॉक्टर से सलाह लें।
- कमरे की खिड़कियों और दरवाजों को बंद रखें।
- यदि एसी में फ्रेश एयर इनटेक का ऑप्शन है तो उसे बंद रखें।
- घर के भीतर लकड़ी, मोमबत्ती, अगरबत्ती और धूप जलाने से बचें।
- घर से जब भी निकलें मास्क लगाएं।
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