
लखनऊ। UP Politics 2027: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए राजनीतिक दलों की तरफ से तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी एक बार फिर से पीडीए फार्मूले पर चुनाव लड़ेगी और सत्ता में वापसी करने की पुरजोर कोशिश करेंगी, लेकिन, इस बार उसका गणित रामदास आठवले बिगाड़ सकते हैं।
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यूपी में की समीक्षा बैठक

दरअसल, आठवले ने सोमवार को उत्तर प्रदेश कार्यकारी समिति की समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने प्रदेश की राजनीतिक स्थिति के साथ ही दलित, शोषित और वंचित समुदायों की समस्याओं एवं पार्टी के संगठन के विस्तार से चर्चा की। इसी दौरान उन्होंने प्रदेश में अगले साल बड़ी रैली करने का भी दावा किया।
अपनाएंगे डीपीए फार्मूला
केंद्र सरकार में एनडीए की सहयोगी रामदास आठवले की रिपब्लिकन पार्टी इस बार के चुनाव में उत्तर प्रदेश में एंट्री करने की तैयारी कर रही है। अगर ऐसा होता है, तो समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के वोट पर असर पड़ेगा। रिपब्लिकन के पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने दावा किया कि, वे उत्तर प्रदेश में डीपीए यानी दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक के फार्मूले को अपनाएंगे और बड़ा बदलाव लायेंगे।
62 जिलों में हुआ कार्यकरिणी का गठन
रामदास आठवले ने ये भी दावा किया है कि, प्रदेश के 75 जिलों में से 62 जिलों में उनकी पार्टी की कार्यकारिणी का गठन हो चुका है और अगले साल यानी 5 अप्रैल 2026 को पार्टी लखनऊ में एक बड़ी रैली का आयोजन करेगी, जिसमें 1 लाख से अधिक लोगों शामिल होंगे। उन्होंने कहा, प्रदेश में रिपब्लिकन पार्टी ने बसपा की जगह ले ली है। अब वह ही दलितों और गरीब को न्याय दिलाने का काम करेगी।
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मायावती और अखिलेश पर साधा निशाना

बसपा प्रमुख मायावती पर निशाना साधते हुए आठवले ने कहा, वे लंबे समय तक सत्ता में रहीं, लेकिन दलितों, शोषितों, वंचितों, गरीबों और महिलाओं की स्थिति में कोई ख़ास सुधार नहीं हुआ। न तो इनकी शिक्षा व्यवस्था सुधरी और न ही इन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। उन्होंने, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा वर्ग, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, अखिलेश का ये नारा सिर्फ एक चुनावी वादा है, इससे ज्यादा कुछ नहीं।
वास्तविक बदलाव लाने का दावा
उन्होंने कहा, उनकी पार्टी प्रदेश में डीपीए (दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक) की अवधारणा के साथ मैदान में उतरेगी और इसे जमीन पर मजबूती से लागू करेगी ताकि इस वर्ग के लोगों के जीवन में असली बदलाव ला सके। उन्होंने कहा, रिपब्लिकन पार्टी दलितों, शोषितों और वंचितों के मुद्दे पर सिर्फ नारेबाजी नहीं करती बल्कि उनके मुद्दों को हल करने के लिए जमीन पर भी मजबूती से लड़ती है। उनका डीपीए फार्मूला सिर्फ नारों में नहीं रहेगा, ये वास्तविक बदलाव भी लायेगा।
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