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यूपी पुलिस विभाग में बड़ा बदलाव, अब पुलिसकर्मी के शहीद होने पर जीवनसाथी या कानूनी वारिस को मिलेगी अनुग्रह राशि 

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लखनऊ। राज्य सरकार ने (UP Police) शहीद पुलिसकर्मियों को लाभ देने की कानूनी बाधाएं दूर कर दी हैं। इस नई व्यवस्था के तहत नौकरी में रहते हुए अगर किसी  पुलिस कर्मी की मृत्यु हो जाती है तो उसके जीवन साथी या फिर कानूनी वारिस को अनुग्रह राशि देने की व्यवस्था की गई है। इस नई व्यवस्था के दायरे में महिला पुलिसकर्मियों को भी रखा गया है। ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर अब लाभ राशि का भुगतान पति या पत्नी, माता-पिता या कानूनी उत्तराधिकारी को किया जाएगा।

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पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर सीएम योगी ने किया था ऐलान 

गौरतलब है कि गत 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृत पुलिस अधिकारियों के परिवारों को उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को लाभ राशि के भुगतान में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए सरकारी नियमों में बदलाव की घोषणा की थी, ताकि उनके कानूनी वारिस को अनुग्रह राशि मिल सके। इसी के तहत मंगलवार 20 नवंबर को आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने संबंधित शासनादेश में बदलाव किया है। नई व्यवस्था मृतक के जीवनसाथी और कानूनी उत्तराधिकारियों पर लागू होगी। यह आदेश केवल प्रदेश पुलिस कर्मियों पर लागू होता है। सेना या अर्धसैनिक बलों के मामले में इसे प्रभावी नहीं माना जायेगा।

शहीद पुलिसकर्मी को दी जाती है 50 लाख की अनुग्रह राशि 

बता दें, अगर कोई पुलिस अधिकारी शहीद होता है तो उसे 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाती है। इस राशि में से 40 लाख उसकी पत्नी को और 10 लाख उसके माता-पिता को दी जाती है। अब इसमें जीवनसाथी के अलावा कानूनी उत्तराधिकारी भी शामिल कर दिया गया है। इसी तरह, आकस्मिक मृत्यु होने पर मिलने वाली 25 लाख की अनुग्रह राशि में 20 लाख रुपए पत्नी को और 5 लाख रुपये माता-पिता को दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में भी जीवनसाथी या कानूनी उत्तराधिकारी को सहायता राशि का भुगतान किया जायेगा।

 लागू हुई नई व्यवस्था
  • अगर मृत पुलिसकर्मी के माता-पिता जीवित नहीं हैं तो पूरी रकम पत्नी को दी जाएगी।
  • अगर पत्नी जीवित नहीं है तो पूरी रकम मृतक के माता-पिता को प्रदान की जाएगी।
  • यदि मृतक की पत्नी और माता-पिता जीवित नहीं हैं, तो सद्भावना की पूरी राशि कानूनी उत्तराधिकारी को भुगतान की जाएगी।
  • यदि मृत पुलिसकर्मी विवाहित महिला है तो पूरी रकम पति को दी जाएगी। यदि पति जीवित नहीं है तो इसका भुगतान कानूनी उत्तराधिकारी को किया जायेगा।
  • यदि मृत पुलिस अधिकारी अविवाहित है, तो संपूर्ण लाभ राशि उसके माता-पिता को हस्तांतरित कर दी जाएगी।

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