
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले (Baba Siddique Murder Case) में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में शूटर शिवकुमार और उसे शरण देने वालों को भी रविवार 10 नवंबर को अरेस्ट कर लिया गया। एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने यूपी के बहराइच जिले के नानपारा इलाके से शूटर को पकड़ा है। आरोपी शूटर शिवकुमार नेपाल भागने की फ़िराक में था।
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पुलिस को एक महीने से थी आरोपी की तलाश

बताया जा रहा है कि आरोपी शिवकुमार को गिरफ्तार करने के अलावा, पुलिस ने उसे शरण देने और नेपाल भागने की कोशिश में मदद करने के आरोप में अनुराग कश्यप, ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, आकाश श्रीवास्तव और अखिलेंद्र प्रताप सिंह को भी दबोचा ह। बताया जा रहा है कि बाबा सिद्दीकी की हत्या में बहराइच के गंडारा का रहने वाला शिवा भी शामिल था। मुंबई पुलिस को बीते एक महीने से इसकी तलाश थी।
10 लाख रुपए का दिया गया था लालच
पूछताछ में आरोपी शिव कुमार ने बताया कि वह और धर्मराज कश्यप एक ही गांव के रहने वाले हैं। वह और मैं पुणे में स्क्रैप का काम करते थे। उसने बताया कि उसकी और शुभम लोनकर की कबाड़ी की दुकान बगल-बगल में थी और शुभम लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़ा था। शुभम ने कई बार स्नैपचैट पर लॉरेंस विश्नोई के भाई अनिल विश्नोई से उसकी बात भी कराई थी। शिवकुमार ने बताया कि उससे कहा गया था कि बाबा सिद्दीकी की हत्या के बदले में उसे 10 लाख रूपये मिलेंगे। साथ ही हर महीने कुछ न कुछ मिलता रहेगा।
कई दिन से कर रहे थे बाबा सिद्दीकी की रेकी
शिव कुमार ने आगे कहा, शुभम लोनकर और यासीन अख्तर ने हत्या के लिए बंदूकें, कारतूस, सिम कार्ड और मोबाइल फोन का बन्दोबस्त किया था। ये फोन और सिम कार्ड हत्या के बाद तीनों शूटरों को एक-दूसरे से बातचीत करने के लिए दिए गये थे। उसने कहा, कई दिनों से हम लोग बाबा सिद्दीकी की रेकी कर रहे थे और उन पर फायरिंग करने का सही मौका तलाश रहे थे। 12 अक्टूबर की रात को जब हमें सही मौका मिला तो हमें उन्हें शूट कर दिया।
रास्ते में फेंक दिया था फोन
शिवकुमार ने बताया कि उस दिन त्योहार की वजह से पुलिस और भीड़ भाड़ ज्यादा थी। यही वजह है कि दो लोग उसी दिन पकड़ लिए गये, लेकिन वह भागने में सफल हो गया था। इसके बाद जब वह मुंबई से पुणे जा रहा था तो रास्ते में फोन फेंक दिया। उसने कहा, वह पुणे से झांसी पहुंचा। इसके बाद लखनऊ और फिर लखनऊ से बहराइच। हालांकि बीच-बीच में वह अपने साथियों और हैण्डलर्स से किसी का भी फोन मांग कर बात कर लेता था।
नेपाल भागने की फिराक में था आरोपी
शिव कुमार ने यह भी कहा कि कश्यप से बात करने के लिए उसने ट्रेन में एक यात्री का फोन इस्तेमाल किया था, तब कश्यप ने बताया था कि अखिलेंद्र, ज्ञान प्रकाश और आकाश ने नेपाल में तुम्हारे रहने की व्यवस्था कर दी है। उसने कहा, इसीलिए वह बहराइच आया था और जल्द से जल्द नेपाल निकलने की फ़िराक में था। बता दें कि एनसीपी नेता और सलमान खान के करीबी मित्र बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर को मुंबई के बांद्रा स्थित उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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